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- योगेश कुमार गोयल तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 93 वर्ष की आयु में 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले नौ वर्षों से अस्वस्थ थे और पिछली 11 जून से एम्स में भर्ती थे। तीन वर्ष पूर्व उनकी अंतिम तस्वीर उस समय सामने आई थी, जब 27 मार्च 2015 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी प्रोटोकॉल तोड़ते…

आधुनिक दहेज

-चाँदनी सेठी कोच राधे श्याम का एक बेटा था, वह उसे बहुत प्यार करता था , वह चाहता था , कि उसके बेटे की शादी बहुत धूम-धाम से हो , जैसे हर पिता का अरमान होता है ! राधे श्याम का बेटा आज ऑफिस के काम से १ साल के लिए जर्मनी जा रहा था, तभी पिता ने बेटे से जाते हुए कहा कि " तुम जल्दी आना , अब…
-सुरेन्द्र कुमार, एक लंबी लड़ाई लड़ने के उपरांत आखिर 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों के चंगुल से आजाद हुआ। इसके साथ ही देश की शासकीय बागडोर का हस्तांतरण भी अत्याचारियों के हाथों से सुरक्षित हाथों के लिए हो गया। 1950 के दशक में भारत की वैश्विक छवि लगभग शून्य आँकी जाती थी। परंतु पीढ़ी दर पीढ़ी कई संघर्षों के दौर से गुजरने के उपरांत देश की तस्वीर बदलने लगी।…
-इं. ललित शौर्यदेशभक्ति फुल'टू डिजिटल हो चुकी है। ये दौर डिजिटल देशभक्ति का है। अगर आप डिजिटल देशभक्ति शो नहीँ कर रहे, तो आप देशभक्त हो ही नहीँ सकते।आज देशभक्त होने के लिए पहली शर्त है की आपका फेसबुक, व्हाट्स एप्प और ट्विटर अकाउंट होना चाहिए। और उस अकाउंट की डीपी पर बड़ा सा तिरंगा फहरना चाहिए। आपके द्वारा स्टेटस पर गूगल से चोरी की गई किसी बड़े लेखक की…
डॉ प्रदीप उपाध्याय अभी जब हमें अच्छी-अच्छी बातों की घूटी पिलाई जा रही है तो हम कड़वी बातों को कैसे हजम कर सकते हैं।चाहे अच्छे दिन आने की बात हो या अपने बैंक खातों में लाखों रुपये आने की बात!और भी जुमले हैं जिनपर विपक्षियों के पेट में मरोड़े आ रहे हैं लेकिन यह सब अच्छी बात नहीं है क्योंकि जब हमें अच्छी-अच्छी बातें सुनने की आदत हो चुकी हैं…
.रमेश ठाकुर भिखारियों के पक्ष में कोर्ट ने फैसला सुनाकर उन्हें बड़ी राहत दी है। फैसले के बाद भिखारी मुक्त समाज के लिए की जा रही पहल को भी धक्का लगा है। दरअसल पूरे देश में भिखारियों को हटाने को लेकर हर स्तर पर एक बड़ी बहस छिड़ी हुई। सभी केंद्र शासित उपप्रदेशों के मुकाबले दिल्ली में इस वक्त भिखारियों की तादात सबसे ज्यादा है। पिछली जनगणना के मुताबिक दिल्ली…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ)विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अब भारतीय अर्थव्यवस्था के साख में निरंतर वृद्धि जारी है।अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष अर्थात आईएमएफ ने कहा है कि करीब 2.6 लाख डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था एक ऐसा हाथी है,जो अब दौड़ लगाने को तैयार है।आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि हाल में भारत सरकार ने जीएसटी जैसी नीतियों लागू की है,उससे यहाँ अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही…
पुस्तक: दो टूक (निबंध संग्रह)लेखक: योगेश कुमार गोयलपृष्ठ संख्या: 112प्रकाशक: मीडिया केयर नेटवर्क, 114, गली नं. 6, वेस्ट गोपाल नगर, नजफगढ़, नई दिल्ली-43.कीमत: 150/- रु. मात्र पिछले तीन दशकों से पत्रकारिता और साहित्य जगत में निरन्तर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक योगेश कुमार गोयल की चौथी पुस्तक है ‘दो टूक’, जिसमें उन्होंने कुछ सामयिक और सामाजिक मुद्दों की गहन पड़ताल की है तथा आम जनजीवन…
-कुसुमनई पीढ़ी और पुरानी के बीच भावात्मक गैप बढ़ता ही जा रहा है।अगर समझा जाये तो यह बड़ी समस्या है।कोई भी आजकल बड़ों की रोक-टोक पसन्द ही नही करता।कोई बड़ों को साथ रखना ही नही चाहता।बड़े चाहकर भी अपनों को सलाह रखने का अधिकार नही रखते।इसका परिणाम यह हो रहा है कि परिवार एकल होते जा रहे हैं।जिसका असर नई पीढ़ी (बच्चों)पर दिख रहा है ।मां-बाप के नौकरी करने से…
--ओम प्रकाश उनियाल सावन माह शुरु होते ही भोले के भक्तों का हुजुम टोलियों के रूप में जब सड़कों से गुजरता है तो आभास होता है कि भोले एवं उनके गणों का अवतरण धरा पर हो चुका है। 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम बोले' के गुंजायमान उद्घोषों से पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। वाहनों पर बजते ध्वनि-यंत्रों से निकलते कनफोड़ुवा संगीत और उस पर थिरकते मदमस्त कांवड़िये। बदन पर गेरुए…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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