नई दिल्ली - जन धन खातों में जमाराशि नए उच्चतम स्तर के साथ 64,564 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें से 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम तो नोटबंदी के पहले सात महीने में ही जमा हो गई थी। यह जानकारी एक सरकारी डेटा के जरिए सामने आई है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला बीते साल 8 नवंबर को लिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख योजनाओं में एक समझी जाने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना वित्तीय समावेशन की एक पहल है। इसका उद्देश्य अब तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के दायरे में लाना है। इस योजना के तहत जीरो बैलेंस सुविधा वाले खाते खोले जाते हैं।
पीटीआई भाषा के एक संवाददाता की ओर से दाखिल की गई आरटीआई पर वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। इसके अनुसार 14 जून, 2017 तक 28.9 करोड़ जनधन खाते थे। इनमें से 23.27 करोड़ खाते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जबकि 4.7 करोड़ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में और 92.7 लाख निजी बैंकों में हैं। मंत्रालय का कहना है कि इन खातों में कुल 64,564 करोड़ रुपये जमा है। उनमें 50,800 करोड़ रुपए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के जनधन खातों में हैं जबकि 11,683.42 करोड़ रुपये क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और 2,080.62 करोड़ रुपये निजी बैंकों में हैं।
जानकारी के मुताबिक 16 नवंबर 2016 प्रधानमंत्री जनधन खातों की संख्या 25.58 करोड़ थी, जिनमें 64,252.15 करोड़ रुपये जमा थे। वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी।

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