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होली आने वाली है और ऐसे समय कई एयरलाइन्स टिकटों पर भारी डिस्काउंट दे रही है। इस बार होली शुक्रवार को है और इसके साथ ही वीकेंड भी आ गया है। ऐसे में एयरलाइन्स कंपनियां कई ऑफर लेकर आई है।
इन कंपनियों ने निकाला ऑफर
जिन कंपनियों ने होली पर अपना खास ऑफर निकाला है, उनमें जेट एयरवेज, गो एयर और एयर एशिया शामिल हैं। गो एयर में जहां 990 से किराये की शुरुआत हैं, वहीं एयर एशिया भी 20 फीसदी की छूट दे रहा है। जेट एयरवेज भी प्रीमियम और इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने पर 20 फीसदी की छूट दे रहा है।
गो एयर का 990 रुपए का ऑफर
गोएयर पर 990 रुपये से फेयर शुरू हो रहा है। कुछ रूट्स पर इसका किराया 1400 रुपये भी है। किराये पर यात्रियों को 10 फीसदी की छूट भी मिलेगी। बागडोगरा से गुवाहाटी का किराया 990 रुपये है, वहीं चेन्नई से कोच्च‍ि 1,120 रुपये, गुवाहाटी से बागडोगरा 1,291 रुपये, बंगलूरू से कोच्च‍ि 1,390 रुपये और कोच्च‍ि से बंगलूरू 1,390 रुपये है।
विदेश यात्रा पर 20 फीसदी की छूट
एयर एशिया ने विदेश यात्रा के लिए इच्छुक लोगों के लिए 20 फीसदी की छूट दे रही है। इसके लिए आपको 25 फरवरी तक टिकट बुक कराना होगा। घरेलू फ्लाइट की टिकट बुक कराने के लिए भी यही नियम लागू होगा। इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए आपको इस ऑफर के तहत शामिल रूट चुनने होंगे।
जेट एयरवेज का ऑफर
23 फरवरी तक जेट एयरवेज ने अपने यात्रियों के लिए ऑफर निकाला है। इस दौरान आप 24 फरवरी से 24 मार्च के बीच सफर करने के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। बाकी रूट्स और अन्य नियम और शर्तो के बारे में आप जेट एयरवेज की साइट पर जाकर के जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


नई दिल्ली - अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी से जूझ रहे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने कहा है कि उसके पास इतनी परिसंपत्ति और पूंजी है कि वह इस मामले में सभी देनदारियां पूरी कर सकता है। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) ने इस मामले में पीएनबी ने स्पष्टीकरण मांगा था।
नीरव मोदी का तर्क गलत
पीएनबी ने बीएसई द्वारा 11,400 करोड़ रुपये की फर्जी लेनदेन का बैंक की वित्तीय और संचालन स्थिति पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में गुरुवार को यह बयान दिया। बीएसई ने यह भी पूछा था कि मामले के मुख्य आरोपी नीरव का कहना है कि पीएनबी ने इसे सार्वजनिक करके ऋण वसूली के सभी विकल्प खत्म कर दिए हैं। इस पर बैंक ने कहा कि नीरव मोदी का यह तर्क गलत है क्योंकि बैंक ने अपनी ऋण वसूली के लिए सिर्फ कानूनी रास्ता ही अपनाया है।
शुरुआत में राशि कम बताने पर उठाया सवाल
स्टॉक एक्सचेंज ने कहा कि शुरुआत में बैंक ने 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रिपोर्ट की लेकिन इसके बाद उसने बीएसई को 11,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी दी। इस पर पीएनबी ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने अपने निदेशक मंडल और बीएसई तथा एनएसई को पांच फरवरी को 280.70 करोड़ रुपये की धोखधड़ी की जानकारी दी। लेकिन, आगे की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यह राशि बढाकर 11,394.02 करोड रुपये (1.77 अरब डॉलर) की गई । इसी के बाद 13 फरवरी की शाम को केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) में एफआईआर दर्ज कराया गया और अगले दिन 14 फरवरी की सुबह दोनों शेयर बाजारों को इस बाबत जानकारी दी गई। पीएनबी ने यह भी बताया कि उसने पहले बीएसई और एनएसई को एफआईआर की जानकारी नहीं दी क्योंकि इस बाबत सार्वजनिक खुलासा होने से धोखाधड़ी करने वाला सचेत हो जाता जिससे ऋण वसूली पर असर पड़ता।


नई दिल्ली - भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पेमेंट बैंकों के लिए केवाईसी नि‍यमों को सख्‍त कर दि‍या है। आरबीआई ने एक नोट में कहा है कि जिन टेलि‍कॉम कंपनि‍यों के पास पेमेंट बैंक का लाइसेंस है उन्‍हें स्वतंत्र तरीके (अलग) से अपने ग्राहक की केवाईसी औपचारि‍कताओं को पूरा करना होगा। टेलि‍कॉम यूजर बेस के लि‍ए कि‍या गया केवाईसी आरबीआई की गाइडलाइंस के तहत वैध नहीं है।
इस नियम के तहत करनी होगी केवाईसी
पेमेंट बैंकों के लि‍ए आरबीआई की ओर से जारी कि‍ए गए एक नोट में कहा गया है कि‍ टेलि‍कॉम कंपनि‍यां आरबीआई के तहत रेग्‍युलेटेड कंपनि‍यां नहीं है, इसलि‍ए केवाईसी को अनुमति‍ नहीं दी जा सकती और इन बैंकों को बैंक खाता खोलने के लि‍ए अपने ग्राहक की दोबारा से केवाईसी करनी होगी जोकि‍ एंटी मनी लॉन्‍डरिंग (PML) कानून के अधीन है।
टेलीकॉम कंपनी की केवाईसी पर भरोसा नहीं
रिजर्व बैंक ने कह है कि टेलि‍कॉम कंपनि‍यां आरबीआई द्वारा रेग्‍युलेटेड नहीं है और एंटी मनी लॉन्‍डरिंग एक्‍ट में नहीं आती हैं। इसलि‍ए पेमेंट बैंकों की ओर से कि‍ए गए केवाईसी पर भरोसा नहीं कि‍या जा सकता है। हालांकि, आरबीआई ने नोट में यह भी कहा कि‍ रेग्‍युलेटेड कंपनि‍यां कस्‍टमर्स की पहचान करने के लि‍ए थर्ड पार्टी का वि‍कल्‍प चुन सकती हैं।


नई दिल्ली - क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद उसकी साख के मौजूदा स्तर को तौलना शुरु किया है और एजेंसी सरकारी क्षेत्र के इस बैंक की साख घटा सकती है। जबकि एक अन्य एजेंसी फिच ने भी रेटिंग घटाने के संकेत दिए हैं। साख घटने का मतलब है कि बाजार से धन उठाने की उसकी लागत बढ़ सकती है।
क्या है मौजूदा स्थिति
पीएनबी को मूडीज ने अभी स्थिर परिदृश्य के साथ बीएए2 रेटिंग दिया हुआ है। मूडीज ने कहा कि उसने बैंक की साख की समीक्षा शुरू की है और इसमें घोटाले के वित्तीय प्रभाव के समय एवं परिमाण, बैंक की पूंजीगत स्थिति को सुधारने के लिए उठाये गये कदम तथा नियामकों द्वारा बैंक के खिला की गई कार्रवाइयों पर को ध्यान में रखा जाएगा।
बढ़ सकती हैं बैंक की मुश्किलें
मूडीज ने कहा है कि धोखाधड़ी से हुए नुकसान का आकलन नियमों के आधार पर किया जाना है लेकिन हमारा मानना है कि इसके बड़े हिस्से के बराबर पूंजी का प्रावधान पीएनबी को करना पड़ेगा। इससे बैंक का मुनाफा भी दबाव में आएगा। मूडीज ने कहा कि यदि बैंक को पूरी पूंजी का प्रबंध करना पड़ा तो उसकी स्थिति काफी खराब होगी और नियामकीय जरूरतों के स्तर से नीचे आ जाएगी।
फिच ने निगेटिव श्रेणी में डाला
रेटिंग एजेंसी फिच ने 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले के सामने आने के बाद पीएनबी को रेटिंग वाच निगेटिव श्रेणी में रख दिया। यह पीएनबी की रेटिंग घटाने का संकेत हो सकता है। उसने कहा कि बैंकिंग इतिहास के इस सबसे बड़े घोटाले से आंतरिक एवं बाह्य जोखिम नियंत्रण तथा प्रबंधकीय निगरानी पर सवाल खड़े होते हैं क्योंकि कई साल तक यह पकड़ में नहीं आ सका। फिच के अनुसार व्यावहारिकता रेटिंग से किसी वित्तीय संस्थान की ऋण विश्वसनीयता का पता चलता है तथा यह संबंधित निकाय की असफलता का सूचक होता है।
रेटिंग का विश्लेषण होगा
फिच ने कहा है कि फिच नियंत्रण की असफलता के बारे में चीजें स्पष्ट होने तथा पीएनबी की वित्तीय स्थिति पर इसके असर को देखने के बाद एक बार फिर रेटिंग वाच का विश्लेषण करेगा। फिच ने कहा कि इस घोटाले से बैंक की छवि को धक्का पहुंचा है और इसका पूंजी बाजार पर भी असर हुआ है। उसने कहा कि वह पीएनबी की जिम्मेदारियों, संभावित वसूली तथा आंतरिक एवं बाह्य स्रोतों से नयी अतिरिक्त पूंजी के प्रबंध की निगरानी करेगा ताकि वह तय कर सके कि बैंक की वित्तीय स्थिति मौजूदा रेटिंग के स्तर की है या नहीं। हालांकि फिच ने कहा कि इस घोटाले से बैंक के सपोर्ट रेटिंग फ्लोर पर असर पड़ने की आशंका कम है क्योंकि दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक होने के नाते यह बैंकिंग प्रणाली में काफी महत्वपूर्ण है।


नई दिल्ली - वेनेजुएला ने गहराते आर्थिक संकट से बाहर आने की कोशिशों के बीच गैरपारंपरिक कदम उठाते हुए तेल आधारित क्रिप्टोकरेंसी 'पेट्रो की शुरुआत की है। यह सरकारी मान्यता प्राप्त विश्व की पहली क्रिप्टोकरंसी है।
20 घंटे में पेट्रो को 73.5 करोड़ डॉलर के मिले खरीदार
वेनेजुएला की वामपंथी सरकार ने शुरुआती बिक्री के लिए पेट्रो की 3.84 करोड़ इकाइयां पेश की हैं। इसकी बिक्री 19 मार्च तक चलेगी। प्रधानमंत्री निकोलस मदुरो के अनुसार बिक्री के शुरुआती 20 घंटे में पेट्रो को 73.5 करोड़ डॉलर की पेशकश मिली हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रो हमारी स्वतंत्रता एवं आर्थिक स्वायत्तता को मजबूत करता है। यह हमें उन विदेशी ताकतों के लालच से बचने में मदद करेगा जो हमारा तेल बाजार जब्त कर हमें घुटन में रखने की कोशिश कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला के पास विश्व का सबसे विशाल तेल भंडार है। हालांकि, देश भीषण आर्थिक एवं राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है।
क्या है क्रिप्टो करेंसी
यह आभाषी मुद्रा है। इसकी खरीद-बिक्री इंटरनेट के जरिये आईडी-पासवर्ड के जरिये की जाती है। इसे किसी भी करेंसी में नहीं बदला जा सकता है। आईडी-पासवर्ड भूल जाने या हैक होने पर पूंजी डूबने का भी खतरा है। बिक्वाइन भी एक क्रिप्टो करेंसी है जो दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चित है।
एसबीआई ने क्रिप्टो करेंसी पर चेताया
देश के सबसे बड़ी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की सहायक इकाई एसबीआई कार्ड ने बिटक्वाइन जैसी आभासी मुद्राओं से जुड़े जोखिमों के प्रति उपभोक्ताओं को मंगलवार को सतर्क किया। दरअसल क्रिप्टो करेंसी की खरीदारी नेट बैंकिंग के जरिये या डेबिट-क्रेडिट कार्ड के जरिये की जाती है। इसे देखते हुए एसबीआई कार्ड ने यह चेतावनी जारी की है।
रिजर्व बैंक दे चुका है चेतावनी
bitcoin और अन्य क्रिप्टो करेंसी को लेकर रिजर्व बैंक वर्ष 2013 से ही निवेशकों को अगाह करता रहा है। आरबीआई यह कह चुका है कि देश में इसको मान्यता नहीं है और ऐसे में इसमें कमाई डूबने पर निवेशक खुद जिम्मेदार होंगे। दिसंबर में देश में आयकर विभाग ने कई bitcoin एक्सचेंजो पर छापा भी मारा था। दरअसल क्रिप्टो करेंसी को दुनिया के किसी भी देश में मान्यता नहीं है। वेनेजुएला पहला ऐसा देश है जिसने सरकारी तौर पर क्रिप्टो करेंसी जारी है। इजरायल भी कुछ माह पहले bitcoin को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है।
भारत में खरीदने पर सात साल तक जेल
केंद्र सरकार आभासी मुद्रा के खिलाफ धनशोधन कानून के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जिसमें तीन से सात साल तक जेल का प्रावधान होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आम बजट में आभासी मुद्राओं को गैरकानूनी बताए जाने के बाद वित्त मंत्रलय ने यह सक्रियता दिखाई है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक इदीरियम, रिपल, बिटक्वाइन जैसी आभासी मुद्रा को लेकर पहले यह स्पष्ट नहीं था कि किस कानून के तहत कार्रवाई हो। लेकिन इसे गैरकानूनी घोषित करने के साथ सरकार ने इसे धनशोधन कानून के दायरे में लाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
सख्ती से दाम धड़ाम
बिटक्वाइन की कीमत पिछले साल 20 हजार डॉलर के करीब चली गई थी। लेकिन भारत में वित्त मंत्री द्वारा बजट में इसपर सख्ती के उपायों की घोषणा से इसके दाम सात हजार डॉलर तक आ गए थे। पिछले साल आयकर विभाग और ईडी की टीम ने कई बिटक्वाइन एक्सचेंज पर छापा भी मारा था। आयकर विभाग संदिग्ध निवेशकों से यह पूछताछ भी करा रहा है कि इसमें निवेश के लिए पैसे कहां से आए।


नई दिल्ली - देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या जून तक बढ़कर 50 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। यह गत दिसंबर में 48 करोड़ 10 लाख थी। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है।
रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में 64.84 प्रतिशत आबादी इंटरनेट का इस्तेमाल करती है और उनकी संख्या जून तक बढ़कर 30 करोड़ 40 लाख पर पहुंच जाएगी। ग्रामीण आबादी में 60.60 प्रतिशत इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और दिसंबर 2017 के 18 करोड़ 60 लाख से यह संख्या बढ़कर जून तक 19 करोड़ 50 लाख पर पहुंच जाएगी। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के विश्लेषण में बताया गया है कि शहरों में लोग इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल ऑनलाइन संचार जैसे ई-मेल आदि के लिए करते हैं। वहीं गांवों में सर्वाधिक इस्तेमाल मनोरंजन के लिए किया जाता है। गांवों में 58 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ता इसका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए, 56 प्रतिशत ऑनलाइन संचार के लिए, 49 प्रतिशत सोशल नेटवर्किंग के लिए, 35 प्रतिशत ऑनलाइन सेवाओं के लिए और 16 प्रतिशत ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के लिए करते हैं।
शहरों में 86 प्रतिशत उपयोगकर्ता ऑनलाइन संचार के लिए, 85 प्रतिशत मनोरंजन, 70 प्रतिशत सोशल नेटवर्किंग, 44 प्रतिशत वित्तीय लेनदेन और 35 प्रतिशत ऑनलाइन सेवाओं के लिए इंटरनेट का उपयोग करते हैं।
मोबाइल इंटरनेट में ग्रामीण आगे
देश के गांव स्मार्टफोन/मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल के मामले में शहरों से आगे हैं। ग्रामीण इलाकों में 87 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 86 प्रतिशत उपयोगकर्ता मोबाइल या स्मार्टफोन पर इंटरनेट चलाते हैं।
छोटे शहरों वाले गांवों से पीछे
बड़े और छोटे शहरों में इंटरनेट इस्तेमाल के मामले में भी काफी विसंगति है। शहरी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में 35 प्रतिशत नौ बड़े महानगरों से हैं। छोटे महानगरों और गैर-महानगरीय शहरों में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली आबादी का प्रतिशत ग्रामीण भारत के औसत से भी कम है।

नई दिल्ली - कायदे-कानून का पालन किए बिना संचालित जमा योजनाओं के जरिए भोले भाले निवेशकों के साथ ठगी पर रोक लगाने के उद्येश्य से केंद्र सरकार संसद में एक नया विधेयक पेश करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 'चिट फंड अधिनियम' में संशोधन का भी निर्णय लिया गया ताकि लोगों को अन्य वित्तीय निवेश योजनाओं में धन लगाने का एक अधिक व्यवस्थित अवसर…
नई दिल्ली - आयकर विभाग ने करीब दो लाख खाताधारकों को नोटिस जारी किया है। इन लोगों ने नोटबंदी के बाद अपने खाते में 20 लाख रुपये से अधिक रकम कराने के बावजूद टैक्‍स रिटर्न नहीं भरा है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसे लोगों को नोटिस भेजा गया है जिन्‍होंने अपने खाते में बड़ी राशि जमा कराई है और टैक्‍स रिटर्न फाइल भी नहीं किया…
मुंबई - बैंकिंग क्षेत्र के सबसे बड़े माने जा रहे पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का असर सेंसेक्स पर साफ देख रहा है। 11000 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस घोटाले के सामने आने के बाद पीएनबी के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही सोमवार का बाजार खुलने के साथ सेंसेक्स का शुरुआती करोबार भी लुढ़का है। घरेलू बाजार की कमजोर धारणा और एशियाई बाजारों के…
नई दिल्ली- गुड़गांव की घरेलू फीचर फोन विनिर्माता कंपनी डीटल ने अपना नया मॉडल डी-1 प्लस 399 रुपये में पेश किया है। इससे पहले कंपनी ने 299 रुपये में डीटल डी-1 पेश किया था जिसकी उसने छह लाख से अधिक इकाइयां बेची हैं। कंपनी के प्रबंध निदेशक योगेश भाटिया ने कहा कि हम वास्तव में लागत मूल्य पर ही इस मोबाइल फोन को बेच रहे हैं। कंपनी के अन्य खर्चे…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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