कारोबार

कारोबार (2013)

 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि 2013-14 में शुरू आर्थिक नरमी की स्थिति से देश बाहर आ गया है और चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत से 7.0 प्रतिशत रह सकती है। वहीं 2018-19 में इसके 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।वित्त वर्ष 2016-17 में कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद आर्थिक वद्धि दर टकर 7.1 प्रतिशत पर आ गयी। उसी वित्त वर्ष के नवंबर में सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया। यह चलन में मौजूद कुल करेंसी का 87 प्रतिशत था। तिमाही आधार पर भी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर तीन साल के न्यूनतम स्तर 5.7 प्रतिशत पर आ गयी।उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि 2018 की पहली तिमाही में आप मजबूत पुनरद्धार देखेंगे और वित्त वर्ष 2018-19,वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले अधिक बेहतर होगा। और उसके बाद यह स्थिति बनी रहेगी क्योंकि यह अधिक सतत आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में करीब 6.9 से 7.0 प्रतिशत रहेगी।कुमार ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहेगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि देश ने 2007-13 के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया और 2013-14 में गिरावट का दौर शुरू हुआ। इसका मुख्य कारण 2007 से ऐसी परियोजनाओं को कर्ज दिया गया जो उसके लिये योग्य नहीं थी।उन्होंने कहा, वर्ष 2007-13 के बीच उच्च आर्थिक वृद्धि दर का कारण कर्ज में उल्लेखनीय वृद्धि और निजी ऋण में बढ़ोतरी थी जिस पर कोई नियंत्रण नहीं था। बैंकों ने अपात्र परियोजनाओं को कर्ज दिया और वह भी पूरी तरह गलत आकलन के आधार पर। कुमार ने कहा कि वर्ष 2013 के बाद वृद्धि अटकी जिसका कारण नीतियों को लेकर रख था। उन्होंने कहा, जैसे ही यह शुरू हुआ, सभी ऋण फंसे कर्ज बनने लगे और इसीलिए गिरावट का दौर शुरू हुआ।उन्होंने जोर देकर कहा, मेरा मानना है कि गिरावट का दौर जुलाई में खत्म हो गया और उसमें सुधार शुरू हुआ। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने चालू वित्त वर्ष के लिये देश के आर्थिक वद्धि दर के अनुमान को 0.5 प्रतिशत टाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। वहीं विश्वबैंक ने आर्थिक वद्धि दर 7.0 प्रतिशत रहने का संशोधित अनुमान जताया है जबकि पूर्व में इसके 7.2 प्रतिशत रहने की बात कही गयी थी। एशियाई विकास बैंक ने भी आर्थिक वद्धि दर के अनुमान को भी 7.4 प्रतिशत से टाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।

 

 

रिलायंस जियो को टक्कर देने के लिए सभी कंपनियां अपने यूजर्स के लिए नए-नए ऑफर्स लेकर आ रही हैं। अब जियो को टक्कर देने के लिए वोडाफोन धमाकेदार प्लान लेकर आया है। एक खबर के मुताबिक वोडाफोन 399 रुपए में 6 महीने की वैलिडिटी के साथ 90 जीबी डेटा और अनलिमिटेड कॉल दे रहा है। वहीं रिलायंस जियो अपने 399 रुपए के धन धना धन ऑफर के साथ 400 रुपए के वाउचर फ्री दे रहा है। मतलब 100% कैशबैक मिल रहा है।बात की जाए तो एयरटेल 399 में रोजाना 1.25GB डेटा दिया जा रहा है। इसके अलावा इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा भी दी जा रही है। इसकी वैधता 28 दिन की है। लेकिन वैलिडिटी और डेटा के मामले में वोडाफोन बाकी ऑफर्स से ज्यादा बेहतर है। क्योंकि इसमें 180 दिनों की वैलिडिटी के साथा 90 जीबी डेटा मिलेगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि अमेरिका आने वाले भारतीय आईटी पेशेवर अवैध आर्थिक आव्रजक नहीं हैं और अमेरिका सरकार को अपनी वीजा नीति पर निर्णय लेते समय इस पर उपयुक्त रूप से विचार करना चाहिए।एच-1बी वीजा गैर-आव्रजक वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को नियुक्ति की अनुमति देता है। भारतीय आईटी पेशेवरों में इसकी अच्छी मांग है। उन्होंने कहा, भारत से एच-1बी वीजा पर जो आ रहे हैं, वे उच्च दर्जे के पेशेवर हैं। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में काफी योगदान दिया। वे अवैध आर्थिक्र आव्रजक नहीं हैं जिसको लेकर अमेरिका में चिंता है। वे यहां वैध तरीके से आते हैं। जेटली ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन और वाणिज्य मंत्र विलबर रोस के साथ बैठकों में इस मुद्दे को उठाया। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्वबैंक की सालाना बैठक में भाग लेने के लिये यहां आये वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय आईटी पेशेवर अलग व्यवहार के हकदार हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हमने अमेरिका को अपनी चिंता से अवगत कराया। जेटली ने कहा, वे काफी उच्च कोटि के पेशेवर हैं। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में काफी योगदान दिया है। वे अमेरिकी अर्थव्यवस्था का मूल्य वर्धन कर रहे हैं। इसीलिए जब अमेरिका अपनी वीजा नीति का निर्णय करता है, वह इन लोगों को ध्यान में रखकर फैसला करे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारत ने सही समय पर संरचनात्मक सुधार किए हैं और इससे आने वाले समय में देश को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी सहित कुछ अहम सुधार देश की अर्थव्यवस्था के दीर्कालिक फायदों के मद्देनजर किये गये और इसके फलस्वरूप भारत की विकास दर ऊंचाई की ओर जा रही है। नोटबंदी और जीएसटी के असर पर उन्होंने कहा कि एक बार गुजरात चुनाव के नतीजे आ जाने दीजिए इसका भी फैसला हो जाएगा।जेटली ने कहा कि ऐसे समय में जब विश्व की विकास दर ढाई फीसदी के आसपास है, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्था है। यह सुधारों के लिए सही समय है। आपको चीजों को पटरी पर लाने के लिए मंदी का इंतजार नहीं करना पड़ा। जेटली ने कहा, मेरे ख्याल से संरचनात्मक सुधार के लिए यह सही समय है। वित्त मंत्री ने नोटबंदी को भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताने वाले लोगों पर निशाना साधा।वित्त मंत्री ने कहा नोटबंदी का फैसला कालेधन पर आघात करने के लिए उठाया गया कदम है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में अलग व्यवस्था जो कालेधन से चलती थी उसे समाप्त करने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता कभी उस कालेधन पर आघात करना नहीं था। इसलिए उनकी चिंता स्वाभाविक है। वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी के लागू करने के फैसले पर कांग्रेस के विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो खुद जीएसटी लाने वाली थी। लेकिन आज वो अपना स्टैंड बदल रहे है। जेटली ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के सभी वित्त मंत्री जीएसटी का समर्थन करते है। लेकिन पार्टी एक अवसरवादी पार्टी है इसलिए विरोध करती है. मैं मानता हूं इसमें बहुत बड़ी ताकत नहीं है।
गुजरात चुनाव में GST का असर
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आने वाले गुजरात चुनाव में जीएसटी और नोटबंदी के असर के सवाल का भी जवाब दिया। जेटली ने कहा कि एक बार गुजरात चुनाव के नतीजे आ जाने दीजिए इसका भी फैसला हो जाएगा। उन्होंने इस बात की आशंका को खारिज कर दिया कि गुजरात चुनाव में जीएसटी और नोटबंदी के फैसले का कुछ विपरीत असर पड़ेगा, जेटली ने कहा कि नोटबंदी के फैसले के बाद यूपी विधानसभा के चुनाव हुए थे नतीजा क्या रहा सभी देख चुके है।


नई दिल्ली - केंद्र सरकार रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली कई वस्तुओं पर जल्द जीएसटी की दरों को घटाएगी। जीएसटी परिषद उस प्रस्ताव पर विचार कर रही है जो आम जनता से जुड़ी हुई हैं और उन पर एकीकृत टैक्स की उच्चतम दर लागू है।जीएसटी परिषद की अगली बैठक नौ नवंबर को है।
ये चीजें हो सकती है सस्ती
-सफेद चॉकलेट
-मस्टर्ड सॉस
-कस्टर्ड पाउडर
-शैम्पू
-बालों में लगाने वाली क्रीम पर दरों को 12 से 18 प्रतिशत के बीच तय कर सकती है। इन सभी वस्तुओं पर मौजूदा समय 28 फीसदी जीएसटी लागू है।
इसी तरह से स्टेशनरी से जुड़ी ज्यादातर सामग्री की दरों में कमी लाई जाएगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक परिषद सौ से भी ज्यादा उन चीजों पर दरों को घटाएगी, जिनका उपयोग रोजमर्रा के कामकाज में होता है। जीएसटी लागू होने पर इनमें से अधिकतर वस्तुओं पर कर की दर 28 फीसदी रखा गया था। हालांकि स्टेशनरी उत्पादों में फाइलें, किताबों की बाइंडिंग से जुड़ी सामग्री, लेटर क्लिप्स, लेटर कॉर्नर्स, पेपर क्लिप्स, इंडैक्सिंग टैग और कार्यालयों में प्रयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं पर 18 फीसद की दर लागू की गई थी।
सरकार इसकी समीक्षा कर रही है कि रोजमर्रा की कौन सी वस्तु पर सही दर लागू है और कौन सी ऐसी वस्तुएं हैं जिनका उपयोग ज्यादातर लोग करते हैं। उनकी दरों में कमी लाए जाने की जरूरत है। दरअसल, रोजाना इस्तेमाल में लाई जाने वाली कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में समानता नहीं है। यही वजह है कि ऐसी वस्तुओं की एक सूची तैयार की गई थी, जिस पर पिछली बैठक में भी चर्चा हुई थी। सरकार तीन माह से लगातार इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षकारों से सुझाव ले रही है।
उद्योग संगठनों ने भी दर घटाने की मांग रखी
दिल्ली मूल की कंफडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने भी सरकार से सिर्फ विलासितापूर्ण और अहितकर वस्तुओं पर ही जीएसटी दर 28 फीसद रखने और अन्य जरूरी वस्तुओं की दरों पर पुनर्विचार करने की मांग की। सीएआईटी महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक सरकार रोजमर्रा के प्रयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं पर दरों को कम करने की हमारी मांग है। उम्मीद है कि परिषद की अगली बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
27 वस्तुओं की दर पिछली बैठक में घटी
परिषद की 22वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए थे। कुछ चीजों के टैक्स में भी बदलाव किए गए हैं, जिसमें 22 वस्तुओं तथा 5 सेवाओं के टैक्सों में कटौती की गई है। इस कटौती से सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को फायदा होगा। इनमें रिटर्न दाखिल करने के समय में बदलाव कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाना और निर्यातकों को रिफंड दिए जाने के तरीकों में सुधार किए गए हैं।


नई दिल्ली - दिवाली का त्योहार करीब आने के साथ ही देशभर ग्रहकों के लिए तमाम सामानों पर भारी डिस्काउंट का दौर चल पड़ा है। ऐसे में दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों ने भी कस्टमर्स के लिए ढेरों ब्रांड पर सेल की तारीख की घोषणा कर दी है। ऑनलाइन शॉपिंग के दो सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों Amazon और Flipkart ने एक ही समय पर 'बिग दिवाली सेल' का ऐलान किया है.
अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा शुरू होने वाली ये सेल 14 अक्टूबर से लेकर 17 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान स्मार्टफोन, इलेक्ट्रोनिक उपकरण समेत घर के डेकोरेशन के सामान पर भी भारी छूट दी जाएगी। इतना ही नहीं दोनों ही कंपनियां इस दिवाली सेल में शानदार एक्सचेंज ऑफर भी देने जा रही हैं।
जहां एक ओर अमेजन का कहना है कि सभी प्रोडक्ट्स पर करीब 50% की छूट दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर फ्लिपकार्ट ने कहा है कि इस सेल में ग्राहकों को कुछ प्रोडक्ट्स पर 90 प्रतिशत तक का भारी डिस्काउंट दिया जाएगा।
अमेजन दिवाली सेल में ये होगा खास
> अमेजन ने कहा है कि इस दिवाली सेल में वो हर सामान पर लगभग 50 प्रतिशत छूट देने जा रहा है।
> अमेजन सेल में मोबाइल फोन खरीदने पर आपको 40% तक की छूट मिल सकती है। इसके अलावा यहां मोबाइल एसेसरीज 80% तक सस्ते दामों में मिल जाएगी।
> वहीं अगर आप अमेजन से टीवी खरीदते हैं तो आपको 40% की छूट मिलेगी। यानि यहां टीवी के दाम 20000 रुपये तक सस्ते होंगे।
> हेडफोन पर इस सेल में 60 प्रतिशत का डिस्काउंट दिया जा रहा है, तो वहीं वीडियो गेम पर भी 60% की छूट मिलेगी। इसके अलावा अमेजन के बेसिक प्रोडक्ट्स 60% सस्ते दामों में मिलेंगे।
> अमेजन सेल के दौरान हर दिन सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक गोल्डन आवर्स होंगे।
> धनतेरस के लिए भी ग्राहकों को अमेजन पर खास ऑफर दिए जाएंगे जो 499 रुपये और उससे कम की डील के लिए होंगे।
> इस सबके अलावा अमेजन प्राइम मेम्बर्स के लिए कुछ अन्य एक्सक्लूसिव डील्स भी मिलेंगी।
फ्लिपकार्ट सेल में कस्टमर्स के लिए ये होगा खास
> फ्लिपकार्ट की बिग दिवाली सेल में ग्राहकों को फ्लैट डिस्काउंट दिया जाएगा।
> इस सेल की सबसे खास बात है इसमें दिए जा रहे कई एक्सक्लूसिव एक्सचेंज ऑफर्स। ये ऑफर्स मुख्य रूप से स्मार्टफोन पर दिए जा रहे हैं।
> 14 से लेकर 17 अक्टूबर तक फ्लिपकार्ट सेल के हर दिन 12 बजे 'फ्लैश सेल्स' होगी।
> स्मार्टफोन पर डिस्काउंट के लिए उन्हें 3 कैटेगरी में बांटा गया है। टॉप कैटेगरी में Xiaomi Redmi Note 4, Lenovo K8 Plus, and Xiaomi Redmi 4A जैसे फोन रखे गए हैं।
> वहीं बजट फोन्स में - Moto C Plus, Moto E4 Plus, and Samsung Galaxy J7-6 और प्रीमियम फोन कैटेगरी में - iPhone 6, Samsung Galaxy S7, and iPhone 7 शामिल होंगे।
> इसके अलावा फ्लिपकार्ट सेल में इलेक्ट्रोनिक सामान के ब्रांड्स पर 80% की भारी छूट दी जा रही है जिसमें एक्सचेंज ऑफर भी शामिल है।

नई दिल्ली - एक रिपोर्ट के मुताबिक नए एप्पल फोन की डिमांड पिछले साल के मुकाबले काफी घट गई है। AT&T की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल के अपेक्षा को जिन लोगों ने अपने पुराने आईफोन बदले है उन लोगों में 9 लाख तक की गिरावट देखी गई है। आईफोन 8 और आईफोन X पिछले महीने लॉन्च हुआ था। आईफोन X के लॉन्च के बाद भी आईफोन 8 के डिमांड…
नई दिल्ली - त्योहार के इस मौसम में कई एयरलाइन कंपनियों ने विमान की टिकटों की सेल शुरू कर दी है। इस सेल में कम मात्रा में काफी सस्ते दामों पर फ्लाइट की टिकटें उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं, कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई टिकट के दाम रेलवे के एसी-2 किराए से भी कम हैं।अलग-अलग हवाई मार्ग पर विस्तारा, जेट एयर, इंडिगो, स्पाइसजेट, गो एयर और एयर एशिया जैसी…
नई दिल्ली - वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रियल एस्टेट क्षेत्र को वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाने के संकेत दिये हैं। जेटली ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में स्पीच देते हुए बताया कि रियल एस्टेट एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर कर चोरी के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। इसलिए इसे जीएसटी के दायरे में लाना का मजबूत आधार है। जीएसटी की अगली बैठक गुवाहाटी में नौ नंवबर…
नई दिल्ली - सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने पांच पूर्व सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक की चेकबुक को अब 31 दिसंबर तक के लिए मान्य कर दिया है। मसलन, जो चेकबुक एक अक्टूबर से अमान्य होने जा रही थीं, वे अब 31 दिसंबर, 2017 के बाद अमान्य कर दी जाएंगी। यह जानकारी भारतीय स्टेट…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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