तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अरुणाचल दौरे से खफा चीन ने भारत के अभिन्न क्षेत्र अरुणाचल के छह स्‍थानों का अपने हिसाब से आधिकारिक नामकरण कर दिया। चीन के इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता दिख रहा है। इस बीच चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने बुधवार को अपनी सेना को हर तरह के युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहा है।चीन वैसे तो कई मामलों में भारत से आगे है लेकिन सामरिक रूप से भारत भी खुद को काफी मजबूत कर चुका है। भारत अब हर नापाक इरादे का मजबूती से लोहा ले सकता है।
ऐसे में आइए नजर डालते हैं दोनों देशों की सैन्य ताकत पर-इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटीजिक स्टडीज की एक रिपोर्ट के अनुसार थल सेना की बात करें, तो चीन के पास सबसे ज़्यादा 22,85,000 लड़ाकू सैनिक हैं। भारत के पास 13,25,000 सैनिक हैं, चीन के पास 1,669 लड़ाकू विमान हैं। इनमें जे-11, जे-10, सुखोई-30 और जेएच-7 जैसे फाइटर प्लेन शामिल हैं। जबकि भारत के पास करीब 1,380 लड़ाकू विमान हैं। जिनमें सुखोई, मिराज, मिग-29, मिग-27, मिग-21 और जगुआर शामिल हैं।मिसाइलों की बात करें तो चीन के पास 13 हज़ार किलोमीटर रेंज वाली डांग फेंग-5 और इसी सीरीज की दूसरी मिसाइलें हैं। भारतीय सेना के बेड़े में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसे मिसाइल हैं। पाजानकारों का कहना है कि ब्रह्मोस की तकनीक सबसे आधुनिक है और इसे 5 मिनट में दागने के लिए तैयार किया जा सकता है। ब्रह्मोस ने भारत की ताकत बढ़ाई है। युद्वपोत के मामले में चीन के पास 75 युद्धपोत हैं, तो भारत के पास 27 युद्धपोत हैं। चीन के पास 150 से 200 परमाणु हथियार हैं। भारत के पास 50 से 90 परमाणु हथियार हैं।
भारत - चीन की सैन्य ताकत एक नजर में (2012 की रिपोर्ट के अनुसार)
---------------- भारत ----------------चीन
सेना-------------1,325,000----------,285,000
रिजर्व सेना------1,155,000----------5,10,000
अर्धसैनिक बल---1,301,000---------6,60,000
युद्धक टैंक---------568-----------------2800
सब मरीन---------15-------------------60
4g लड़ाकू विमान--280----------------747
लड़ाकू विमान(सामान्य)-784----------1669
विमानवाहक जहाज़-1------------------1
विध्वंसक पोत-------10----------------13

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें