ब्रिटेन की निया म्या रीज हैं तो आठ साल की, लेकिन पैरेंटिग के उसके अनुभव ने उसे चर्चा में ला दिया है। दरअसल निया ने नटखट छोटे भाई की देखभाल और उनकी समस्याओं से निपटने को लेकर किताब लिखी है, जो बेस्टसेलर बन गई है। निया को छोटे भाई का ध्यान अक्सर रखना पड़ता है। उसे खिलाने-पिलाने से लेकर उसकी सभी जिम्मेदारी निया ही निभाती रही है। इसलिए उसे खासा अनुभव हो गया। तब उसने किताब लिखने का सोचा। और किताब 'हाऊ टु डील विथ केयर फॉर योर एनॉयिंग लिटिल ब्रदर' ने आकार लिया।निया बड़ी बहन बनकर खुश है, पर जैसा कि सभी बड़ी बहनें जानती हैं, छोटे भाई को हैंडल करना आसान नहीं है, निया भी इस दौर से गुजरी हैं। निया बताती हैं 'कई बार वो बॉल फेंक देता है, जो कहीं भी चली जाती है। मैं बार-बार ढूंढ़कर देती हूं। कई बार वो मुझे बॉल मार देता है। बिना कारण रोने लग जाता है। उसे समझा नहीं सकते और नन्हें शैतान समझना भी नहीं चाहते। कई बार मुझे मना करना पड़ता है, पर वो सुनने को तैयार ही नहीं होता।'उसे हैंडल कते-करते निया के दिमाग में इतनी बातें दर्ज हो गईं कि बुक लिखने में उसे कुछ ही दिन लगे। खैर निया की मेहनत बेकार नहीं गई। उसकी ये किताब अमेजन की बेस्ट सेलर लिस्ट (पैरेंटिंग) में शामिल हो गई है।बुक की शुरुआत भी रोचक तरीके से हुई है। पिछले साल निया पहली क्लास में थी तो उसकी टीचर ने असाइनमेंट दिया। इस असाइनमेंट में ही उसने चाइल्ड केयर के सारे अनुभव लिख दिए। निया की मां चेरिनिटा बताती हैं 'उसकी लगन देखकर मुझे लगा कि निया को इस प्रोजेक्ट पर काम जारी रखना चाहिए ताकि लेखन और सुधर सके।' वो हमेशा कहतीं सेंटेंस फॉर्मेशन, स्पैलिंग, शब्दों के इस्तेमाल पर मन लगाकर काम करो तो ये समर प्रोजेक्ट शानदार हो जाएगा। पर नतीजा समर प्रोजेक्ट से कहीं बड़ा हो गया।खास बात यह है कि निया ने ये सब खेलते-कूदते सीखा है और यही बात वो अपने स्कूल के अन्य बच्चों से भी शेयर करती है। इतनी छोटी बच्ची को समझदारी भरी बातें करते देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। जब उससे पूछा गया कि क्या पांच साल तक के सभी छोटे भाई परेशान करते हैं, तो उसका जवाब था 'बिल्कुल, पर मेरा भाई थोड़ा कम करता है।'

 

 

 

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