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जेरुसलम - इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन नहीं करेगा। इजरायल की टॉप अथॉरिटीज की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इजरायल ने 90 के दशक की शुरुआत में भी इजरायल ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था।
भारतीय पत्रकारों और राजनेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों इजरायल दौरे पर गया था। इस प्रतिनिधिमंडल को अमेरिकी-ज्यूइश कमेटी की ओर से इजरायल ले जाया गया था। इस प्रतिनिधिमंडल की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में ही इजरायली अधिकारियों ने कहा कि इस बात का तो कोई सवाल ही नहीं है कि इजरायल, पाकिस्तान का समर्थन करेगा, चाहे कश्मीर की स्थिति कैसी भी हो। इजरायल और भारत के बीच जब ये कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत हुई है तब से ही इजरायल, कश्मीर को भारत का हिस्सा बताता आ रहा है।

 


गाबोरोने - दुनिया की सुपरपावर होने का दावा करने वाली चीन को बोत्सवाना के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। बोत्सवाना ने चीन को साफ-साफ कह दिया है कि वह उसकी धमकियों से डरने वाला नहीं है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने हाल ही में दलाई लामा के दौरे के विरोध में आई चीन की धमकी के बाद अपना सख्त रुख साफ कर दिया है। बोत्सवाना दुनिया में हीरे के लिए जाना जाता है और यहां की आबादी दो मिलियन से भी कम है।
'हम आपके गुलाम नहीं हैं'
राष्ट्रपति खामा ने चीन को दो टूक कहा है, 'हम आपके गुलाम नहीं है।' पिछले कुछ हफ्तों से दलाई लामा के दौरे को लेकर चीन और बोत्सवाना के बीच राजनयिक तनाव जारी है। दलाई लामा 17 अगस्त से 19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानर गाबोरोने का दौरा करने वाले थे। उनका बोत्सवाना दौरा एनजीओ माइंड एंड लाइफ इंस्टीट्यूट और बोथो यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित किया गया। इसके बाद भी राष्ट्रपति खामा, दलाई लामा से मिलने के तैयार थे। खामा ने बोत्सवाना गार्डियन न्यूजपेपर से बातचीत में बताया कि चीन ने इसके दुष्परिणाम झेलने को कहा था जैसे कि राजदूत को वापस बुला लिया जाएगा और इस कदम से रिश्तों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा उन्हें यह धमकी भी दी गई थी कि चीन,बोत्सवाना को अलग-थलग करने के लिए दूसरे अफ्रीकी देशों से संपर्क बढ़ा सकता है।
लेकिन दलाई लामा का दौरा कैंसिल
दलाई लामा को पिछले हफ्ते अपना दौरा कैंसिल करना पड़ा। इसके पीछे उन्होंने जो वजह बताई उसमें उन्होंने कहा कि उनकी सेहत ठीक नहीं है और डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा लंबी यात्रा करने से मना कर दिया है। राष्ट्रपति खामा ने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि वह जल्दी ठीक होंगे और एक बार वह ठीक हो जाएंग तो निश्चित तौर पर बोत्सवाना में उनका स्वागत होगा।' चीन ने बोत्सवाना को धमकी देते हुए कहा था कि चीन के अहम मुद्दों का सम्मान करे और सही राजनीतिक फैसला ले। चीन की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए बोत्सवाना दलाई लामा के स्वागत के लिए तैयारी कर रहा था। बोत्सवाना के राष्ट्रपति खामा अगले वर्ष अपने पद से हट जाएंगे। जो कदम बोत्सवाना ने उठाया है्, वह दूसरे दक्षिण अफ्रीकी देश उठाने से भी हिचकिचाते हैं।


किस्सिम्मी (अमेरिका) - अमेरिका के फ्लोरिडा में गश्त के दौरान गोलीबारी में घायल हुए एक पुलिस अधिकारी की आज मौत हो गई। इस घटना में एक दिन पहले ही एक अन्य पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी। संदिग्ध हमलावर को एक बार से गिरफ्तार कर लिया गया है।
साजेर्ंट सैम होवर्ड की आज दोपहर को एक अस्पताल में मौत हो गई, जहां फ्लोरिडा के किस्सिम्मी में हुए हमले के बाद उन्हें भर्ती कराया गया। अधिकारी मैथ्यू बैक्सटर की गोली लगने से कल रात मौत हो गई थी। उन्हें 45 वर्षीय एवरेट मिलर ने गोली मारी थी। मिलर पर बैक्सटर की हत्या करने का आरोप लगाया गया है।
किस्सिम्मी पुलिस प्रमुख जेफ ओ डेल ने बताया कि नशीले पदार्थ संबंधी गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले शहर के एक इलाके में संदिग्धों की जांच के दौरान किस्सिम्मी पुलिस अधिकारी सैम हावर्ड और मैथ्यू बैक्सटर को गोली लगी और उन्हें जवाबी गोलीबारी करने का मौका भी नहीं मिला।


न्यूयॉर्क - स्विमिंग पूल में फंसी 61 वर्षीय महिला लेस्ली कहन को फेसबुक के एक ग्रुप के सदस्यों ने बचाया। महिला ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर मदद के लिए संदेश लिखा था।
न्यूयॉर्क डेली की खबर के अनुसार लेस्ली कहन गत शुक्रवार को स्विमिंग पूल में फंस गई थी। वह पूल में गई थी जहां से वापस लौटते वक्त पूल की सीढ़ी टूट गई और वह पानी के अंदर फंस गई। पानी से बाहर निकलने का दूसरा कोई रास्ता नहीं था।
खबर के अनुसार उसने बताया कि घंटों तक मशक्कत करने के बाद उसने पूल पोल की मदद से एक कुर्सी को खींचा जहां उसका आई-पैड पड़ा था। किसी तरह आई-पैड तक पहुंच उसने फेसबुक पर 'एपिंग स्क्वॉक्स' ग्रुप पेज पर एक एसओएस संदेश लिखा।
कहन ने कहा कि मैं जल्द से जल्द लोगों का ध्यान अपनी ओर केंद्रित करना चाहती थी इसलिए मैंने 911 के साथ फेसबुक पर संदेश लिखा। कहन के एक पड़ोसी ने संदेश देखा और जल्द उसे वहां से निकाला गया।

 


वाशिंगटन - द्वितीय विश्वयुद्ध के समय लापता हुए युद्धपोत यूएसएस इंडियानापोलिस का मलबा 72 साल बाद मिल गया है। विश्वयुद्ध के दौरान जापानी पनडुब्बी के हमले से युद्धपोत नष्ट हो गया था। खोजकतार्ओं ने ऐलान किया कि फिलीपीन सागर में सतह से 550 किलोमीटर नीचे इस जहाज का मलबा मिला। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर पॉल एलेन ने इस युद्धपोत का पता लगाने वाले खोज दल का नेतत्व किया।
शार्क खा गई थीं कई लोगों को
इस जहाज को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिरोशिमा प्रयोग होने वाले परमाणु बम के हिस्से पहुंचाने के लिए गोपनीय अभियान पूरा होने के तुरंत बाद निशाना बनाया गया। अमेरिकी नौसेना के इतिहास प्रभाग के मुताबिक, हमले के केवल 12 मिनट बाद ही यह जहाज डूब गया जिससे वह संकट संबंधी संकेत नहीं भेज पाया और न ही जीवन रक्षक उपकरण का उपयोग कर पाया। अमेरिकी नौसेना ने बताया कि जहाज पर तैनात 1,196 नाविकों और सैनिकों में से शुरुआत में कुछ 800 ही बच पाए लेकिन शार्क से भरे समुद्र में कई दिनों तक जिंदगी के लिए जूझने के बाद केवल 316 लोग ही बचे। इनमें से 22 अभी जीवित है।


वॉशिंगटन - नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालने के बाद एच-1बी वीजा पर कई तरह के नियंत्रण लगाने का ऐलान किया लेकिन उनका ऐलान भी भारतीयों के जोश में कोई कमी नहीं कर सका। आज भी एच-1बी वीजा के लिए अप्लाई करने वाले सबसे बड़े ग्रुप में भारतीयों का ही नाम है। अमेरिकी वित्तीय वर्ष के पहले नौ माह के दौरान करीब 2.47 लाख भारतीयों ने एच-1बी वीजा के लिए अप्लाई कर चुके हैं।
कुल वीजा एप्लीकेशन में 74 प्रतिशत भारतीय
एक अक्टूबर 2016 से 30 जून 2017 के बीच जिन लोगों ने भी एच-1बी वीजा के लिए अप्लाई किया यह उसका 74 प्रतिशत है। अमेरिकी वित्तीय वर्ष एक अक्टूबर से शुरू होता है और 30 सितंबर को खत्म होता है। 2015-2016 अमेरिकी वित्तीय वर्ष के दौरान तीन लाख भारतीयों ने एच-1बी वीजा के लिए अप्लाई किया था। वहीं अगर चीन के नागरिकों की बात करें तो यह संख्या काफी कम है। 30 जून तक 36,362 चीनी नागरिकों ने ही एच-1बी वीजा के लिए अप्लाई किया था। पिछले 10 वर्षों के दौरान चीनी नागरिकों की ओर से एच-1बी वीजा के आवेदन के लिए यह संख्या सबसे कम है। साल 2015-2016 में कुल 35,720 चीनी नागरिकों ने अमेरिकी वीजा के लिए अप्लाई किया था।
बहुत सी एप्लीकेशन अटकी
वहीं इस क्रम में कनाडा का नंबर तीसरा है जहां से 30 जून 2017 तक 3,551 नागरिकों ने अमेरिकी वीजा के लिए अप्लाई किया था। अमेरिका को 30 जून तक एच-1बी वीजा के लिए 3.36 लाख एप्लीकेशन मिली थी। इनमें से 1.97 लाख को मंजूरी दी गई थी। अमेरिकी नागरिक और अप्रवासन सेवा की ओर से इन आंकड़ों को जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि बहुत सी एप्लीकेशंस अभी तक अटकी हैं।

नई दिल्ली - पुलिस ने स्पेन आतंकी हमलों में मोरक्को के तीन संदिग्धों के नाम जारी किए हैं। कातालोनिया पुलिस ने उनकी पहचान मूसा कबीर (17), सईद आला (18) और मोहम्मद हयकामी (24) के तौर पर की है। पुलिस चौथे संदिग्ध यूनस अबू याकूब (22) की तलाश कर रही है।पुलिस ने कहा कि हमले में 12 लोगों के शामिल होने की आशंका है। पांच को पुलिस ने कैंब्रिल्स में मार…
एम्स्टर्डम - नीदरलैंड के पूर्वी हिस्से में बसे डिडम शहर में रहने वाले एक बुजुर्ग कपल की इच्छा थी कि उन दोनों की मृत्यु एक साथ हो। निक और ट्रीस एल्डर्होर्स्ट नामक इस कपल की उम्र 91 वर्ष थी। एक खबर के अनुसार, निक और ट्रीस दोनों का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। वर्ष 2012 में निक को स्ट्रोक भी आ चुका था वहीं, उनकी पत्नी की भी लगातार तबीयत…
केप वर्डे - अफ्रीका के उत्तर पश्चिमी तट पर बसे केप वर्डे में रहने वाला शख्स इन दिनों चर्चा में है। दरअसल, जोस ओलीविरिया नामक यह शख्स अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा की तरह दिखता है। एक खबर के अनुसार, पांच बच्चों के पिता 43 वर्षीय जोस का कहना है कि जब भी वे अपने घर के बाहर निकलते हैं तो लोग सेल्फी खींचवाने के लिए आने लगते हैं।…
ओस्लो - कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने वाले और कारगिल की जंग में अहम खलनायक रहे, परवेज मुशर्रफ को नोबेल पीस सेंटर की ओर से 'डायलॉग फॉर पीस' कार्यक्रम में इनवाइट किया गया था। लेकिन इस कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा क्योंकि बलूच एक्टिविस्ट्स की ओर से इसका विरोध किया जा रहा था। बलूच एक्टिविस्ट्स इस बात का विरोध कर रहे थे कि नोबेल का शांति पुरस्कार…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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