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क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि फेसबुक पर सर्फिंग करते हुए अचानक स्क्रीन पर मेसेज आए 'सॉरी कुछ समय के लिए साइट काम नहीं करेगी'? जाहिर ऐसा होने पर आपको बहुत गुस्सा आया होगा! लेकिन क्या आपने इस बात से परेशान होकर पुलिस में शिकायत की है!आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका में लोग ऐसा करते हैं! हाल ही में अमेरिका की बॉथेल (Bothell) पुलिस ने एक ट्वीट किया। ट्वीट में पुलिस डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हम किसी भी तरह की समस्या के लिए आपकी मदद कर सकते हैं लेकिन फेसबुक से जुड़ी प्रॉब्लम को हल नहीं कर सकते हैं, इसलिए प्लीज हमें 911 इमरजेंसी पर फोन मत कीजिए।दरअसल बॉथेल शहर की पुलिस इस बात से परेशान है कि फेसबुक खराब होने से जुड़ी समस्या भी लोगों को इमरजेंसी लगने लगी है और वो 911 नंबर पर कॉल करके पुलिस से मदद मांगते हैं। जब पुलिस का सब्र का बांध टूट गया तो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर लोगों से विनम्र आपील की। अपने ट्वीट में पुलिस ने लिखा - 'हम लोगों की मदद के लिए पहाडो़ं तक पहुंच सकते हैं, लेकिन हमें फेसबुक की प्रॉब्लम ठीक करना नहीं आता. प्लीज हमें 911 इमरजेंसी पर कॉल करके ये न कहें कि आपका फेसबुक नहीं चल रहा।'बता दें कि बॉथेल शहर अमेरिका के वॉशिंगटन स्टेट में आता है। '911' नंबर अमेरिका में किसी भी तरह की आपातकालीन सेवा के लिए है। ये नंबर डायल करने के बाद कॉल सीधा पुलिस डिपार्टमेंट के पास जाता है।पुलिस की इस अजीबो-गरीब सी अपील को देखकर ट्विटर यूजर्स ने चुटकी लेना शुरू कर दिया। किसी ने इस बात के लिए मजाकिया मीम बना डाले, तो कुछ और लोगों ने मजे लेते हुए कहा- 'हमें उम्मीद है इंटरनेट खराब होने पर हम आपको ठीक करने के लिए कॉल नहीं करेंगे'।

वैश्चिक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की संचालन समिति ने इसके प्रति आगाह किया है। आईएमएफ ने नीति निर्माताओं को चेताया है कि मध्यम अवधि के आर्थिक जोखिमों तथा बढ़ते भू राजनीतिक तनाव की वजह से वे आत्ममुग्ध न हों और सतर्कता बरतें।अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष और वित्त समिति (आईएमएफसी) ने आज जारी वक्तव्य में कहा कि निवेश, व्यापार और औद्योगिक उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के हालात में सुधार अभी पूरा नहीं हुआ है। ज्यादातर विकसित देशों में मुद्रास्फीति लक्ष्य से नीचे है। कई देशों में वृद्धि की संभावनाएं कमजोर हैं।वक्तव्य में कहा गया है कि निकट भविष्य के जोखिम व्यापक रूप से संतुलित हैं, लेकिन मध्यम अवधि के जोखिमों को देखते हुए किसी तरह आत्मसंतुष्ट होने की गुंजाइश नहीं है। इसके अलावा भू राजनीतिक तनाव भी एक जोखिम है। समिति ने नीति निमार्ताओं से कहा है कि वे अनुकूल मौद्रिक नीतियां अपनाएं। मौद्रिक और राजकोषीय नीतियां लचीली और वद्धि अनुकूल होने चाहिए।इसके अलावा समिति ने विनिमय दरों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव के प्रति भी आगाह किया है। समिति का कहना है कि इससे आर्थिक स्थिरता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

लंदन के दो किसान भाईयों स्टुअर्ट और इयान पैटन ने इंग्लैंड का सबसे भारी कद्दू उगा कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर लिया है। दोनों जुड़वा भाई यूके के हेम्पसायर के रहने वाले हैं। इआन और स्टुअर्ट ने अपने खेत में लगभग 1029 किलो का कद्दू उगाया है। इससे पहले भी सबसे भारी कद्दू उगाने का रिकॉर्ड भी इन्हीं दो भाईयों के ही नाम था। दोनों ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है।दोनों भाईयों का कहना है कि वो कद्दू को तेजी से उगाने के लिए रोज 100 गैलन तक पानी की खपत कर सकते हैं। एक दिन में ये कद्दू 27-28 किलो तक बढ़ सकते हैं। इयान का कहना है कि, "हम दुनिया में सबसे बड़ा कद्दू उगाने वाले किसान बनना चाहते हैं। बस एकमात्र लक्ष्य है कि वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़कर चैंपियन बनना है। इस बार हम ऐसा करने में कामयाब नहीं रहे लेकिन हमने ब्रिटिश रिकॉर्ड तोड़ा है, जो कि हमारा ही रिकॉर्ड है और यह भी बड़ी बात है।"भाईयों का कहना है कि उन्होंने 10 साल पहले कद्दू उगाना शुरू किया था। 'हमने छुट्टियों पर जाने से पहले कद्दू लगाया था और जब हम लौटे तो वो बेहद ही बड़ा हो गया था।' 'इनको बढ़ते देखना बेहद ही रोमांचक ऐहसास देता है। ये एक गजब का दृश्य होता है।' अभी तक के सबसे बड़े कद्दू का वर्ल्ड रिकॉर्ड लगभग 1200 किलो का है। इसे बेल्जियम में उगाया गया था लेकिन इयान को लगता है कि अपने भाई के साथ मिलकर वो जल्द ही इस रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।उन्होंने कहा कि, "इतना बड़ा कद्दू उगाने के पीछे कोई रहस्य नहीं है, केवल कठिन परिश्रम है। हर वर्ष हम अपनी टेक्नीक को बेहतर और बेहतर करते जाते हैं। इससे हम धीरे-धीरे और बेहतर हो रहे हैं लेकिन ये इतना भी आसान नहीं होता।"

श्रीलंका में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए भारत हम्बनटोटा के निकट मट्टाला एयरपोर्ट को विकसित करने को तैयार हो गया है। इस सिलसिले में दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। यह जानकारी स्वयं श्रीलंका के नागरिक विमानन मंत्री निमल श्रीपाला ने हाल में दी। बता दें कि ‘बेल्ट एंड रोड पहल’ के तहत चीन ने इस इलाके में भारी निवेश किया है। श्रीपाला ने कहा, श्रीलंका हम्बनटोटा इलाके में निवेश के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इस इलाके में चीन ने बंदरगाह का निर्माण किया है और निवेश क्षेत्र और तेल शोधन कारखाना लगाने पर चर्चा की जा रही है।उन्होंने कहा, 'भारत एक प्रस्ताव के साथ सामने आया है। नई दिल्ली हवाई अड्डे और एविएशन सर्विसेज लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने को तैयार है।' बता दें कि श्रीलंका की सरकारी कंपनी एविएशन सर्विसेज कोलंबो और दक्षिण के मट्टाला हवाई अड्डे का परिचालन करती है। भारत सरकार के सूत्रों ने भी श्रीपाल के बयान की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, भारत ने घाटे में चल रहे मट्टाला हवाई अड्डे के विस्तार और प्रबंधन के लिए संयुक्त उपक्रम बनाने का प्रस्ताव किया है। यह हवाई अड्डा हम्बनटोटा के करीब है। सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली श्रीलंका को हिस्सेदारी और निवेश के स्वरूप को तय करने की छूट देगा। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय नें फिलहाल इसपर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
भारत की योजना
मीडिया में लीक श्रीलंकाई कैबिनेट नोट के मुताबिक शुरुआत में योजना के तहत 29.3 करोड़ डॉलर (करीब 1900 करोड़ रुपये)का निवेश होगा। इसमें भारत 70 फीसदी राशि 40 साल के लिए लीज पर देगा।
चीन ने किया था निर्माण
चीन ने मट्टाला हवाई अड्डे का निर्माण 25.3करोड़ डॉलर (करीब 1600 करोड़ रुपये) की लागत से किया है। इसके लिए चीन ने ही 23 करोड़ डॉलर का कोष उपलब्ध कराया है। हालांकि, इस हवाई अड्डे से रोजाना दुबई के लिए केवल एक विमान का परिचालन होता है और यह दुनिया के सबसे खाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के रूप में बदनाम है।
रणनीतिक महत्व
श्रीलंका की पिछली सरकार ने हम्बनटोटा बंदरगाह को 99 साल के लिए चीन को लीज पर दिया है। चीन की मंश इस इलाके में विस्तार करना है। वह यहां तेलशोधन कारखाना लगाना चाहता है। श्रीलंका भी इसे निवेश क्षेत्र के रूप में विकसित करना चाहता है। इसके लिए छह हजार हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है। यह बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्ग पर मौजूद है और यूरोप और एशिया के कारोबार के बीच इसका रणनीतिक महत्व है।
तीन साल पहले बजी खतरे की घंटी
भारत शुरू से ही चीन की पड़ोसी देशों में भारी-भरकम निवेश को शंका की नजर से देखता है। लेकिन 2014 में चीन ने नई दिल्ली की शंका को पुष्ट करते हुए कोलबों बंदरगाह पर अपनी पनडुब्बी खड़ी कर दी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय स्वयं हरकत में आया और प्रभाव को बहाल करने की रणनीति बनाई।

वर्जीनिया स्टेट विश्वविद्यालय परिसर गोलीबारी के बाद से बंद है। विश्वविद्यालय पुलिस ने कल रात ट्वीट किया परिसर में गोलीबारी के बाद वीएसयू बंद है। विश्वविद्यालय क्षेत्र में आने से बचें और निर्देशों का पालन करें। हालांकि फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके में शांति स्थापित कर विश्विविद्याल को खोल दिया है और पूरे वहां नजर बनाए हुए है। इसस पहले ट्वीट में पुलिस ने कहा कि वह घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। विवि परिसर अभी भी बंद है और शांति बहाल होने तक इस इलाके में आने से बचें।विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर कहा गया है कि वर्जीनिया विश्वविद्यालय, पीटसबर्ग में संस्थान पूर्व छात्रों के स्वागत में आयोजित समारोह के आखिरी दिन गोलीबारी हुई थी।

अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान परमाणु समझौते से अलग होने की धमकी को खतरनाक बताते हुए सुझाव दिया कि उनके पूर्व चुनावी प्रतिद्वंद्वी अन्य देशों से किए गए अमेरिका के वादों की वैधता कम कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान पर वर्ष 2015 के ऐतिहासिक समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।क्लिंटन ने शनिवार को एक इंटरव्यू में कहा कि सबूत इस बात के संकेत दे रहे हैं कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है इसके बावजूद समझौते को खत्म करने की ट्रंप की धमकी देने से 'हम मूर्ख और छोटे' लगते हैं और ईरान के लोगों के हाथों में खेल रहे हैं। क्लिंटन ने कहा, यह ना केवल इस स्थिति में खराब है बल्कि इससे दुनियाभर में एक संदेश गया है कि अमेरिका अपने वादे का पक्का नहीं है।आपको बता दें कि दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'धर्मांध हुकूमत' करार देते हुए उसकी निंदा की है और साथ ही न्यूक्लियर डील से हटने की धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस सौदे को कांग्रेस के पास भेज रहे हैं और इसमें बदलाव के लिए सहयोगियों से विमर्श भी करेंगे।
ट्रंप ने नहीं पढ़ा है अंतरराष्ट्रीय कानून
ट्रंप की धमकी पर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सवाल किया है कि ट्रंप उस समझौते से अकेले कैसे हट सकते हैं, जिस पर कई देशों ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा, "ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कानून ढंग से नहीं पढ़ा है। बहुत से देशों के बीच हुए समझौते को एक राष्ट्रपति कैसे रद्द कर सकता है? ट्रंप को शायद पता नहीं है कि यह ईरान और अमरीका के बीच हुआ द्विपक्षीय समझौता नहीं है कि वह जो चाहें वो कर लें।"

किंशासा - बीते दिनों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला के साथ पहले चौराहे पर उसके सौतेले बेटे द्वारा रेप कराया गया और फिर दोनों का सिर काटकर लोग खून पी गए।इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। महिला पर आरोप था कि उसने अपने रेस्टोरेंट में विद्रोही गुट को मछली…
टोक्‍यो - फिलीपींस में आज एक मालवाहक जहाज के डूबने के बाद चालक दल के 11 भारतीय सदस्‍य लापता हो गए हैं। जापान के तटरक्षक बल ने इसकी जानकारी देते हुए हादसे का कारण इलाके में आए एक तूफान को बताया।जापानी तटरक्षक बल अपने एक बयान में कहा, हांगकांग में रजिस्‍टर्ड 33,205 टन का एमराल्ड स्टार 26 भारतीय नागरिकों के साथ शुक्रवार सुबह भेजा गया था। इस जहाज की तरफ…
कोलंबो - श्रीलंका के उत्तरी शहर जाफना में तमिलों ने राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया है। मई 2009 में एलटीटीई के साथ सशस्त्र संघर्ष की समाप्ति के बाद आतंकवाद निरोधक कानून के तहत उन्हें बंदी बना लिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर सचिवालय के सामने इकट्ठा होकर हाथों में बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिस पर लिखा था- आतंकवाद निरोधक…
कैलिफोर्निया - अमेरिका के राज्य कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग और भयानक होती जा रही है। इस आग की वजह से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी हैं और सैंकड़ों लोग लापता हैं। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि यह यहां पर लगी अब तक की सबसे भयंकर आग है। गुरुवार को हालांकि फायरफाइटर्स को इस आग को नियंत्रित करने में थोड़ी सफलता मिल सकी।…
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