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दुनिया (1944)

पीएम नरेंद्र मोदी शीर्ष अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठक रेंगे, जिसमें वीजा, निवेश और रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री के साथ बैठक में एपल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे।मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में पहली बैठक से एक दिन पहले होटल विलार्ड इंटरकॉन्टिनेंटल में प्रधानमंत्री की 20 बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों के साथ सीईओ गोलमेज बैठक होगी। मोदी वाशिंगटन की अपनी तीन दिन की यात्रा पर आज यहां पहुंचे। इस दौरान वह वाशिंगटन डीसी के पास के उपनगर वर्जिनिया में भारतीय मूल लोगों के साथ भी परिचर्चा करेंगे।सीईओ गोलमेज में एपल के प्रमुख टिम कुक, वॉल—मार्ट के प्रमुख डाउग मैकमिलन, कैटरपिलर के जिम यूम्पलेबाई, गूगल प्रमुख सुंदर पिचाई तथा माइक्रोसाफ्ट के सत्य नाडेला के शामिल होने की उम्मीद है।इनके अलावा बैठक में मैरियट इंटरनेशनल प्रमुख एर्ने सोरेन्सन, जॉनसन एंड जॉनसन के एलेक्स गोरस्काई, मास्टरकार्ड के अजय बंगा, वारबर्ग पिन्कस के चार्लस केयी और कालार्इल ग्रुप के डेविड रबनस्टीन के भी शामिल होने की उम्मीद है। मोदी इस बैठक में शुरुआती और समापन संबोधन देंगे। वह बैठक में मौजूद मुख्य कार्यकारियों के विचार भी सुनेंगे।प्रधानमंत्री की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जबकि भारतीय उद्योग जगत अमेरिका में एच—1बी वीजा अंकुशों को लेकर चिंतित है। ऐसे में सीईओ की बैठक में वीजा का मुद्दा उठने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मेक इन इंडिया पर काफी ध्यान दे रहे हैं, ऐसे में बैठक में भारत में रोजगार सृजन का मुद्दा भी एजेंडा में होगा।समझा जाता है कि बैठक में भारत में नोटबंदी के बाद वहद आर्थि​क परिदृश्य और अगले महीने लागू होने वाले वस्तु एवं सेवा कर के संभावित लाभों पर भी चर्चा होगी।

ब्रिटेन में एक स्कूल ने शेक्सपियर के दुखांत नाटक 'मैकबेथ' पर एक मॉडयूल के तहत 60 से अधिक छात्रों से होमवर्क के रूप में सुसाइड नोट लिखने को कहा। इससे भड़के रोष से स्कूल को माफी मांगनी पड़ी।लंदन के थॉमस टैलिस स्कूल के विद्याथर्यिों से कहा गया कि वे अपने प्रियजन को सुसाइड नोट लिखें। टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अंग्रेजी शिक्षक के इस निर्देश से बच्चों के माता-पिताओं में रोष फैल गया और उन्होंने कहा कि मुद्दे से उनके बच्चे निजी तौर पर प्रभावित हुए हैं। स्कूल की मुख्य अध्यापिका कैरोलिन रॉबर्टस ने कहा कि एक बच्चे के माता-पिता ने इस संबंध में हमसे संपर्क किया और हमने स्कूल की तरफ से उनसे माफी मांग ली।

पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के बहावलपुर जिले में एक राजमार्ग पर तेल का एक टैंकर पलट गया और इसमें भीषण आग लग गई जिससे कम से कम 148 लोगों की जल कर मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए। टैंकर के क्षतिग्रस्त कंटेनर से तेल रिसने के बाद टैंकर में विस्फोट हो गया और इसमें आग लग गई। बिखरे हुए तेल में आग लगने से ऐसे कई लोग इसकी चपेट में आ गए जो तेल एकत्र करने के लिए वहां पहुंचे थे।पंजाब सरकार के प्रवक्ता मलिक अहमद खान ने बताया कि टैंकर में विस्फोट से कम से कम 123 लोगों की जान चली गई और 100 से अधिक घायल हो गए। टैंकर कराची से लाहौर जा रहा था जब चालक ने इस पर से नियंत्रण खो दिया और टैंकर पलटते हुए दुर्टनाग्रस्त हो गया। आसपास के ग्रामीण टैंकर से रिस रहा तेल लेने के लिए डिब्बे ले कर उसके करीब पहुंच गए।आग लगने के तत्काल बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया गया और कुछ ही देर में वहां दमकल वाहन भी पहुंच गए। स्थानीय मीडिया की खबर में बताया गया है कि दो दमकल वाहन आग बुझाने के काम में लगे और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। आग में कम से कम छह कारें और 12 मोटरसाइकिलें जल गईं। बचाव अधिकारियों ने बताया कि घायलों को जिला मुख्यालय हॉस्पिटल और बहावल विक्टोरिया हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया है।सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सेना को बचाव कार्य में नागरिक प्रशासन की मदद करने के लिए आदेश दिया है। बचाव अभियानों में सेना के हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। इंटर सवर्सिेज पब्लिक रिलेशन्स (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया, सीओएस तेल टैंकर हादसे में लोगों के मारे जाने पर अफसोस व्यक्त करता है। बचाव एवं राहत प्रयासों में नागरिक प्रशासन को पूरी सहायता करने के लिए आदेश दिए गए हैं।उन्होंने कहा, सेना के हेलीकॉप्टरों को हताहतों को बाहर निकालने एवं अस्पताल पहुंचाने के लिए भेजा गया है। अस्पतालों को हाईअलर्ट पर रखा गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने सरकारी अधिकारियों को घटना के संबंध में एक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की तैयारी कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में सोमवार को उनके लिए रात्रि भोज आयोजित करेंगे। पीएम मोदी पहले विदेशी नेता होंगे जो व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ डिनर करेंगे।एक वशिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने मोदी के आगमन की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से कहा कि व्हाइट हाउस को इसे विशेष यात्रा बनाने में बहुत रूचि है। हम सचमुच शानदार स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। और तो और, दोनों (नेता) साथ में व्हाइट हाउस में रात्रि भोज करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रशासन के तहत व्हाइट हाउस में यह एक विदेशी गणमान्य के लिए पहला रात्रि भोज होगा। इसलिए हम समझते हैं कि यह बहुत अहम है।मोदी आज रात तीन दिन की यात्रा पर यूएस कैपिटोल पहुंचेंगे जिस दौरान वह व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ बैठक करेंगे। सोमवार की दोपहर से दोनों नेता विभिन्न बैठकों में साथ वक्त बिताएंगे जिसमें दोनों के बीच सीधी बातचीत, शिष्टमंडल के स्तर की वार्ता, स्वागत शामिल है जो रात्रि भोज के साथ खत्म होगा।अधिकारी ने कहा कि वे सीधी बातचीत से शुरूआत करेंगे। फिर वह सीधी बातचीत से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे, जो करीब एक घंटे तक चलेगी। फिर दोनों प्रेस में बयान जारी करेंगे। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह संवाददाता सम्मेलन नहीं होगा। उन्होंने बताया कि प्रेस को बयान देने के बाद वह दोनों स्वागत समारोह में जाएंगे। इसके बाद रात्रि भोज होगा। इस तरह यह लंबी बातचीत होगी, दोनों नेताओं को एक दूसरे को जानने के लिए और उन अहम मुद्दों पर संवाद के लिए समय मिलेगा जिनका सामना दोनों देश कर रहे हैं।बैठकों के दौरान अमेरिकी पक्ष का प्रतिनिधित्व उप राष्ट्रपति माइक पेन्स, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच आर मैक्मास्टर, विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन, रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस, वाणिज्य मंत्री विल्बर रोज और वित्त मंत्री स्टीवेन न्यूशिन करेंगे।

चीन हमेशा से ही शहर योजना के विलक्षण तरीके के लिए प्रसिद्ध रहा है। इस बार वह शहरीकरण की अपनी अनूठी पति के लिए खबरों हैं। दरअसल इन दिनों कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। इनमें बहुमंजिली इमारतों के उपर बनी सड़कों पर गाड़ियां चलते हुए दिख रही हैं।इतना ही इन इमारतों की छत के किनारों पर पेड़ भी लगे हुए है। इन सड़कों पर रोजाना सैकड़ों गाड़ियां वहां से गुजरती हैं। चीन की सोशल साइट्स पर यह फोटो अपलोड होने के बाद दुनियाभर में चर्चित हो गई है। दरअसल यह नजारा है चीन के चोन्गकिंग शहर का। यान्गसी नदी के किनारे बसे चोन्गकिंग शहर में 85 लाख लोग रहते हैं। यह बहुत ही घनी आबादी वाले शहरों में गिना जाता है। यहां फ्लाईओवर की अधिक संख्या के कारण ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर है। इन्ही फ्लाईओवर के नीचे कई वैध इमारतों को बनाया गया है। जो कि पांच मंजिला तक हैं।जिसमें सड़क पर कई गाड़ियां खड़ी हुई नजर आ रही हैं। साथ कई पेड़ भी नजर आ रहे हैं। इमारत की पांचवी मंजिल बनी इस सड़क के एक तरफ 20 से 25 दुकाने भी नजर आ रही हैं। जहां खाने-पीने से लेकर हर तरह की सुविधाएं हैं। इमारत के आसपास ऊंचे पहाड़ों को साफ देखा जा सकता है

व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध में एक की जीत दूसरे के जैसी नहीं हैं और दोनों देशों के लिए ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताएं और संबंधों की प्रकति भिन्न भिन्न हैं।ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से यहां कहा कि हम दोनों देशों के साथ प्रभावी साझेदारी चाहते हैं। भारत के साथ हम वह सामरिक साझेदारी बना रहे हैं। हम देख रहे हैं कि भारत की भूमिका और उसका प्रभाव बढ़ रहा है और हम इस ट्रेंड को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए हम आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ हम साथ में काम करके संरचनात्मक साझेदारी बनाने की इच्छा रखते हैं। लेकिन बेबाकी से बात करें तो प्राथतिकताएं भिन्न हैं और संबंधों की प्रकृति भी भिन्न है। इसलिए मेरा मानना है कि हम दोनों देशों के साथ आगे बढ़ना चाहेंगे। भारत के साथ बढ़ते संबंधों पर पाकिस्तान में चिंता के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, कि हमें अहसास है कि प्रत्येक मामले में उस संबंध की गति और संभावना अलग अलग होने वाली है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के साथ संबंध एक की जीत दूसरे के हार जैसी नहीं हैं। अधिकारी ने कहा कि हम निश्चय ही भारत के साथ सामरिक साझेदारी बढ़ाने के इच्छुक हैं। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच सामान्य संबंध चाहता है।वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों के परमाणु हथियार संपन्न होने के कारण हम मानते है कि यह दोनों देशों के हित में, क्षेत्र के हित में और पूरे विश्व के हित में हैं। ऐसी रिपोर्ट कि भारत को आधुनिक तकनीक वाले रक्षा उत्पाद बेचने से पाकिस्तान के साथ संबंध में उल्टा असर पड़ेगा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इससे इनकार किया।

चीन के दक्षिण पश्चिमी सिचुआन प्रांत के एक गांव में शनिवार सुबह हुए भूस्खलन में करीब 100 लोगों के मलबे में दब जाने की आशंका है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने माओशियान काउंटी के हवाले से बताया कि भूस्खलन में करीब 40 पहाड़ क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके मलबे में करीब 100 लोगों के दबे होने की आशंका है। अबा के तिब्बत एवं छियांग स्वायत्तशासी प्रीफेक्चर के एक पहाड़ पर भूस्खलन…
एक स्नाइपर ने साढ़े तीन किलोमीटर (11319 फीट) की दूरी से सटीक निशाना लगाकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। यह कारनामा कनाडा की स्पेशल फोर्स के एक स्नाइपर ने इराक में आतंकी को मारकर किया है। अभी तक किसी ने भी ढाई किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सटीक निशाना नहीं लगाया है।रिपो‌र्ट्स के अनुसार, इराक में तैनात कनाडा की ज्वाइंट टास्क फोर्स 2 के एक स्नाइपर ने पिछले महीने इराक…
अमेरिका के एक शीर्ष थिंक टैंक ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन जहां चीनियों के साथ निकटता बढ़ा रही है वहीं दुनिया में चीन के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिए उसे भारत की जरूरत होगी। अमेरिका के लिए भारत को बेहद अहम बताते हुए अटलांटिक काउंसिल ने ट्रम्प प्रशासन से भारत के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देने की अपील की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले…
माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई पिछले कुछ सालों से सवालों के घेरे में है। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2015 में आए जबरदस्त भूकंप से दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी सिकुड़ गई है तो कई जानकारों का मानना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग से माउंट एवरेस्ट पर जमी बर्फ की चादर पिघलने से उसकी ऊंचाई घट गई है। कई अध्ययनों में टेक्टॉनिक प्लेट में अप्रत्याशित हलचल के चलते माउंट एवरेस्ट…
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