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- योगेश कुमार गोयल(राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार) देश के सबसे युवा राज्य तेलंगाना में 7 दिसम्बर को विधानसभा की सभी 119 सीटों के लिए कुल 1761 उम्मीदवार मैदान में हैं। सत्तारूढ़ दल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सहित कांग्रेस गठबंधन और भाजपा ने मतदाताओं के हर वर्ग को लुभाने के लिए हर वो पासा फैंकने का भरसक प्रयास किया है, जिससे उनके पक्ष में हवा बह सके। किसी भी पार्टी…
-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) सशस्त्र झंडा दिवस भारतीय सशस्त्र सेना के कर्मियों के कल्याण हेतु भारत की जनता से धन संग्रह के प्रति समर्पित एक दिन है। यह 1949 से 7 दिसम्बर को भारत में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। झंडा दिवस का उद्देश्य भारत की जनता द्वारा देश की सेना के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान प्रकट करना है। सरहद की रक्षा के लिए हमारे जवान रात-दिन…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय हाल ही में पड़ोसी मुल्क के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के साथ सम्बन्धों में सुधार के मुद्दे पर उनकी सरकार, सेना और उनके देश की सभी राजनीतिक पार्टियाँ एकमत हैं।दोनों देशों के सामने एक ही समस्या है,वह है कश्मीर।वाह!क्या बात कही है वजीरे आला ने।अब एक बात तो पक्की हो गई कि उनके लिए गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा, पिछड़ापन जैसी बातें समस्या नहीं है।मजहब के नाम…
-इं. ललित शौर्य विज्ञापन में भयंकर वाला सम्मोहन होता है। जो एक बार विज्ञापन के जाल में फँस पड़ता है, फिर वो पकोड़े की तरह तला जाता है। उसकी जेब का सरेबाजार चीरहरण होता है। फिर भी वो मुस्कुराते हुए लुटता है। विज्ञापन मीठी छुरी है। जो बड़े प्यार से अगले को खसोटती है।आज घर-घर विज्ञापन की पैठ हो चुकी है। आदमी ने विज्ञापन को विश्वनीयता का पैमाना बना डाला…

आज के युवा

-नीरज त्यागी रवि एक बहुत ही समझदार व्यक्ति है और 40 वर्ष की उम्र के इस पड़ाव पर काफी परिपक्व भी नजर आता है।एक बहुत ही व्यस्त सड़क पर अपनी धुन में रवि अपनी मंजिल की तरफ बढ़ा जा रहा था हमेशा की तरह उसकी कार की स्पीड वही 60-70 के बीच में थी अचानक एक बाइक पर दो बच्चे लगभग 15-16 साल के थे बड़ी तेजी से अपनी मोटरसाइकिल…
- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा आज के समय में अपशब्दों यानी गालियों का चलन बड़ी तेजी से फेल रहा है | लोग अपशब्दों को मजाक - मजाक में भी आपसी व्यवहार में प्रयोग करने लगे हैं | लेकिन कभी - कभी मजाक भी इतना भारी पड़ जाता है कि जान पर बन आती है | अक्सर आये दिन न्यूज आती रहती हैं आपसी लड़ाई - झगड़ों की जो मामूली कटु…
-निर्मल रानी उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर में पिछले दिनों गौमांस की अफ़वाह को लेकर फैली हिंसा में एक जांबाज़ व कर्मठ पुलिस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह की उग्र भीड़ ने हत्या कर दी। पुलिस व उग्र भीड़ के मध्य हुए संघर्ष में भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता की भी हत्या हो गई। इस संबंध में सभी राजनैतिक दल अपने-अपने राजैतिक फ़ायदे व नुकसान के मद्देनज़र बयानबाजि़यां करने में…
-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) राजस्थान विधानसभा के सात दिसंबर को होने वाले चुनाव में दागी और बागी प्रत्याशी बड़ी भूमिका निभाने जा रहे है। चुनाव लड़ने वाले 2294 प्रत्याशियों में से 2188 की जाँच पड़ताल में 320 प्रत्याशी दागी पाए गए जिन पर विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लम्बित है जो पिछले चुनाव के मुकाबले चार प्रतिशत अधिक है। 106 प्रत्याशियों के शपथ पत्र स्पष्ट नहीं होने…
कैसे होगी महिला क्रिकेट की साख को पहुंचे नुकसान की भरपाई? - योगेश कुमार गोयल* टी-20 विश्व कप के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम के प्रशिक्षक रहे रमेश पोवार और एकदिवसीय महिला टीम की कप्तान तथा भारतीय महिला टीम की सबसे सफल बल्लेबाज मिताली राज के बीच मिताली को टीम से बाहर रखे जाने और बार-बार अपमानित किए जाने के आरोपों के चलते पिछले दिनों विवाद इतना गहराया कि कोच…
*क्या टूटेगा सत्ता परिवर्तन का 25 साल पुराना मिथक? - योगेश कुमार गोयल(राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार) राजस्थान में 7 दिसम्बर को हो रहे चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस सहित दर्जनों क्षेत्रीय दलों ने बाजी जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंककर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है। हालांकि इस बार भी सरकार बनाने के लिए चुनावी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सीमित रहेगा किन्तु पहली बार…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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