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-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार) भारत में चुनाव से पूर्व वातावरण खराब करने के पर्याप्त संकेत मिल रहे हैं। इसमें पड़ौसी देश पाकिस्तान और पाकिस्तान परस्त व्यक्तियों के शामिल होने का भी अनुमान है। क्योंकि आतंकवाद के समर्थन में आने वाले छात्रों के पास पाकिस्तान निर्मित एके 47 और विस्फोटक सामग्री भी मिलती है। इससे यह भी सहज ही अनुमान लगता है कि पाकिस्तान अपना नेटवर्क भारत के शैक्षणिक संस्थानों…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार)एक जमाने में गांवों में दशहरे के दस दिन पहले से रामलीला का मंचन होता था और आखिरी दिन पाप पर पुण्य की जीत यानि दशहरा को रावण वध। रावण वध की परम्परा तो आज भी चल रही है भले ही इसके स्वरूप में काफी बदलाव आ चुका है। लेकिन रामलीला मंडलियां आज धीरे-धीरे कम होती जा रही है। अब तो गांवों में भी सूचना-प्रसार क्रांति…

उत्पीड़न

-दीपा डिंगोलिया जब ईश्वर ने महिला का सृजन किया तो उसने महिला को कोमलता के साथ-साथ एक ऐसी अदृश्य ताकत भी दी जिसके कारण वह पुरुष की निगाहों को बड़ी ही सरलता से पहचान जाती है तथा उसी के अनुरूप वह कई बार अपना बचाव समय पर कर लेती है। होश संभालते ही वह घर व बाहर न जाने कितनी ही निगाहों का सामना करती है। बेशर्म निगाहें परछाई की…
-अब्दुल रशीदलोकतंत्र की सबसे बड़ी खुबसूरती यह है की जिस राजनितिक पार्टी को सरकार बनाने के लिए जनता अपना वोट दान करती है। वह राजनितिक पार्टी सरकार बनाने के बाद पार्टी और समर्थक से जुदा होकर पूरे देश के लिए हो जाता है।सरकार चलाने वाले प्रधानमंत्री और मंत्रियों को उनके दायित्वबोध के लिए शपथ दिलाई जाती है।लोकतंत्र में जनता जनार्दन होता क्योंकि जनता का वोट ही यह तय करता है…
-तनवीर जाफ़री ( columnist), यह और बात है कि अब तक भारत का कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के अथवा किसी अन्य आरोप अथवा अपराध में जेल तो ज़रूर नहीं गया परंतु यह भी सच है कि हमारे देश के 'क्रांतिकारीÓ विपक्ष ने शायद ही देश के कुछ पूर्व प्रधानमंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप से अछूता छोड़ा हो। स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री बनते ही पंडित जवाहर लाल नेहरू के शासन…
-सलीम रज़ाकाफी सालों से हमारे हिन्दुस्तान में एक ट्रेन्ड सा चल गया है कि अपनी बात मनवाने के लिये सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दो। हमारे हिन्दुस्तान में हर आदमी अपनी बात कहने के लिये स्वतंत्र है। लेकिन बात कहने का रास्ता निहायत शान्त प्रिय और अहिंसा की डगर पर होना चाहिए। सच में अपनी बात कहने का ये ही तरीका है। महात्मा गांधी हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया के…
-ओम प्रकाश उनियालभगवान श्रीराम हिन्दुओं के आदर्श हैं। उनकी लीलाओं का मंचन भारत के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रानुसार किया जाता है। राम के चरित्र पर कुछेक फिल्मों व टीवी सीरियल रामायण का निर्माण किया गया। रामायण सीरियल ने दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ी। जिसने खासी लोकप्रियता बटोरी। छोटे पर्दे से घर-घर पहुंचा यह सीरियल आज भी जब टेलिकास्ट होता है तो दर्शक इसे देखने के लिए लालायित हो…
-प्रभुनाथ शुक्ल [Journalist] देश का संविधान जाति , धर्म , भाषा , राज्य या फ़िर समुदाय के आधार पर किसी के साथ भेदभाव की इजाजत नहीँ देता है। संविधान हमें पूरा हक देता है कि हम अपने मूल अधिकार के साथ पूरे भारत में किसी भी स्थान पर बस सकते हैं (जम्मू- कश्मीर को छोड़ कर) और अपनी रोज़ी रोटी कमा सकते हैं। वह मुम्बई , गुजरात या फ़िर आसाम।…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) पुरानी यादें हमेशा हसीन और खूबसूरत नहीं होती। मी टू कैम्पेन के जरिए आज जब देश में कुछ महिलाएं अपनी जिंदगी के पुराने अनुभव साझा कर रही हैं तो यह पल निश्चित ही कुछ पुरुषों के लिए उनकी नींदें उड़ाने वाले साबित हो रहे होंगे और कुछ अपनी सांसें थाम कर बैठे होंगे। इतिहास वर्तमान पर कैसे हावी हो जाता है मी टू…
-राज शेखर भट्ट, देहरादूनकितना सच्चा है मेरा मीटू और कितना दर्द दिया मुझे मीटू के टीटू ने। किसी को क्या पता था कि आज से 5 साल पहले, 10 साल पहले या 20 साल पहले मेरे साथ क्या हुआ, जो मुझे मीटू का दामन थामना पड़ा। जरूरी तो नहीं है कि 20 साल पहले किया गया उत्पीड़न वर्तमान में सामने लाया जाय। उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति का व्यवहार, विचार, चरित्र…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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