नई दिल्ली। भारतीय रेलवे का 160 सालों से भी ज्यादा पुराना समृद्ध इतिहास रहा है, यही कारण है कि इसे देश की राष्ट्रीय विरासत में अहम स्थान दिया गया है। रेलवे वर्षों से लगातार देश में यात्रियों को सुरक्षा के साथ सेवा प्रदान कर रहा है और इसकी कई चीजें आने वाली पीढ़ियों के लिए देखने लायक हैं।इस बात पर गौर किया जा सकता है कि भारतीय रेलवे में यूनेस्को की 4 विश्व धरोहर जैसे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरि माउंटेन रेलवे, कालका शिमला रेलवे और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई जैसे स्टेशन शामिल हैं। रेलवे ने 230 स्टीम लोकोमोटिव, 110 विंटेज कोचों को म्यूजियम और हैरिटेज पार्क जैसी जगहों पर सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए संरक्षित किया हुआ है। इनमें से कई इंजन और कोच तो 100 सालों से भी अधिक पुराने हैं।वहीं भारतीय रेलवे के 16 स्टीम इंजन आज भी कार्यशील विरासत के रूप में मौजूद हैं। वैसे तो इन स्टीम लोकोमोटिव को नियमित रूप से नहीं चलाया जा रहा है, बल्कि इनका इस्तेमाल पर्यटक ट्रेनों और समारोह में होता है। जिन लोगों को कुछ अलग आनंद लेना है वो लोग सिर्फ 10 रुपये में रेलवे की स्टीम एक्सप्रेस और हेरिटेज का अनुभव कर सकते हैं। IRCTC टूरिज्म के अनुसार, लोग सिर्फ 10 रुपये में गढ़ी हरसारू से फारूखनगर के बीच वन-वे ट्रेन यात्रा का लुत्फ उठा सकते हैं। टिकट की कीमत में जीएसटी भी शामिल है।ट्रेन गढ़ी हरसारू स्टेशन से सुबह 9:30 बजे निकलती है और 12:00 बजे स्टेशन पर आती है। ट्रेन सुबह 9:55 पर सुल्तानपुर कालिया से रवाना होती है और 11:30 बजे उसी पर पहुंचती है। ट्रेन फारूखनगर स्टेशन से सुबह 11:15 बजे निकलती है और सुबह 10:15 बजे पहुंचती है।

 

 

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