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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत में दुनियाभर को ईको-फ्रेंडली खिलौनों की ओर वापस ले जाने की क्षमता है। इंडिया टॉय फेयर के प्रथम संस्करण का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के खिलौना निर्माताओं को कम से कम प्लास्टिक और अधिक से अधिक ईको-फ्रेंडली या पर्यावरण हितैषी व पुनर्चक्रण (रिसाइकल) किए जाने वाले पदार्थो के उपयोग की सलाह दी।उन्होंने कहा कि अगर हमारे देश के उत्पादकों को वैश्विक खिलौना बाजार में हिस्सेदारी बढ़ानी है तो उन्हें पर्यावरण-अनुकूल पदार्थो का अधिक से अधिक उपयोग करना होगा। खिलौनों के क्षेत्र में देश के पास परंपरा, तकनीक, विचार और स्पर्धात्मकता सब हैं। हमारे अंदर दुनिया को रसायन-युक्त खिलौनों से निजात दिलाने और उसे फिर से पर्यावरण हितैषी खिलौनों की ओर ले जाने की क्षमता है।मोदी ने कहा कि वर्तमान में दुनियाभर का खिलौना उद्योग करीब 10,000 करोड़ डॉलर यानी लगभग 7.20 लाख करोड़ रुपये मूल्य का है। इसमें भारत की हिस्सेदारी नगण्य है। देश में खिलौनों की कुल मांग का करीब 85 फीसद आयात किया जा रहा है। हमें इस परिस्थिति को बदलने की जरूरत है। हमें इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ दुनियाभर की जरूरतों को पूरा करने लायक बनना होगा। वहीं, अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के दम पर हम कंप्यूटर गेम्स के माध्यम से भारत की कहानियों-कथाओं को दुनियाभर में पहुंचा सकते हैं।देश के परंपरागत खिलौना उद्योग की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि इसके माध्यम से देश के हस्तशिल्प को दुनियाभर में बढ़ावा दिया जा सकता है। अगर आज दुनियाभर में 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की मांग है, तो निश्चित रूप से हस्तशिल्प उत्पादों की मांग भी उसी गति से बढ़ रही है। वर्तमान में लोग सिर्फ खिलौना नहीं खरीद रहे, वे उन खिलौनों से जुड़ी कहानियों में भी उतनी ही रुचि ले रहे हैं। ऐसे में हमें 'हैंडमेड इन इंडिया' यानी हाथ से बने भारतीय सामानों को भी बढ़ावा देना होगा। इसके साथ ही यह बहुत जरूरी है कि खिलौना निर्माता कंपनियां पर्यावरण और मनोविज्ञान दोनों की चिंता करें।प्रधानमंत्री का कहना था कि सरकार ने खिलौना उद्योग को देश के 24 प्रमुख सेक्टर में स्थान दिया है। इसके तहत नेशनल टॉय एक्शन प्लान यानी राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना तैयार कर ली गई है। केंद्र सरकार के 15 मंत्रालय और विभाग इस उद्योग को स्पर्धात्मक और खिलौनों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने तथा भारतीय खिलौनों को दुनियाभर में पहुंचाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। 'खिलौना पर्यटन' की संभावनाएं तलाशने पर भी काम हो रहा है। स्पो‌र्ट्स-आधारित खिलौनों के प्रोत्साहन के लिए 'टॉयाथन 2021' का भी आयोजन किया गया था। इसमें 7,000 से अधिक आइडिया पर मंथन हुआ।कार्यक्रम के मौके पर प्रधानमंत्री ने चेन्नापटनम, वाराणसी व जयपुर के परंपरागत खिलौना निर्माताओं से भी बात की। वाराणसी के कश्मीरीगंज खोजवां निवासी शिल्पी रामेश्वर से संवाद करते हुए उन्होंने मास्क लगे हुए लकड़ी के खिलौने बनाने पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चे खिलौने की नकल करते हैं। उन्होंने काशी के शिल्पियों को सलाह दी कि खिलौने बनाने के साथ ही बच्चों की मनोस्थिति को समझने के लिए बीएचयू के मनोविज्ञानियों से सलाह लें।

नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को लैपटॉप, टैब, ऑल-इन-वन पीसी और सर्वर्स के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए आईटी हार्डवेयर सेक्टर में भी प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम (PLI) को अपनी मंजूरी दे दी। इसके जरिए सरकार की कोशिश दुनियाभर की दिग्गज कंपनियों को भारत में विनिर्माण के लिए आकर्षित करना है। इससे पिछले सप्ताह सरकार ने दूरसंचार उपकरण विनिर्माण के लिए 12,195 करोड़ रुपये की पीएलआई स्कीम को मंजूरी दे थी। कैबिनेट की बैठक के बाद संचार और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने आईटी हार्डवेयर सेक्टर के लिए 7,350 करोड़ रुपये की पीएलआई स्कीम को मंजूरी दे दी। इसमें लैपटॉप, टैब, ऑल-इन-वन पीसी और सर्वर कवर होंगे। उन्होंने संवाददाताओं को जानकारी दी कि मोबाइल फोन और उसके पार्ट्स से जुड़ी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत 35,000 करोड़ रुपये का प्रोडक्शन हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे 22,500 लोगों को नौकरियां मिली हैं और 13,000 करोड़ रुपये का निवेश आया है। प्रसाद ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए यह बात कही। प्रसाद ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने फार्माश्यूटिकल सेक्टर के लिए भी पीएलआई स्कीम को अपनी मंजूरी दी है। यह स्कीम वित्त वर्ष 2020-21 से 2028-29 तक के लिए है। इसका लक्ष्य देश में उच्च मूल्य वाले प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन को बढ़ावा देना और एक्सपोर्ट्स सेक्टर में मूल्य वृद्धि करना है।प्रसाद ने कहा कि इस स्कीम से भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हो जाएगा, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और नई नौकरियों एवं अवसर के द्वार खुलेंगे। 

नई दिल्ली। इस मार्च महीने में 11 दिन बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। इसमें चार रविवार और दूसरा व चौथा शनिवार भी शामिल है। विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं के डिजिटल माध्यम पर उपलब्ध होने के बावजूद चेक क्लियरेंस, लोन से जुड़ी तमाम तरीके की सेवाओं और अन्य कई तरह के कार्यों के लिए हमें अक्सर बैंक शाखा जाना पड़ जाता है। ऐसे में आपको यह पता होना चाहिए कि जिस दिन आपको अपने बैंकिंग कार्य निपटाने हैं, उस दिन बैंकों की छुट्टी ना हो। आइए, जानते हैं कि मार्च, 2021 में किस-किस तारीख को बैंकों की छुट्टियां (Bank holidays in March 2021) रहने वाली हैं।

5 मार्च 2021: इस दिन चापचर कुट है। इस दिन मिजोरम में बैंकों का अवकाश रहेगा।

7 मार्च 2021: इस दिन रविवार होने के कारण बैंकों का साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

11 मार्च 2021: इस दिन महाशिवरात्रि है। इस दिन गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओड़िशा, पंजाब, उत्तराखंड, तेलंगाना, राजस्थान, जम्मू, उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, कश्मीर और हिमाचल प्रदेश राज्य में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

14 मार्च 2021: इस दिन रविवार होने के कारण बैंकों का साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

21 मार्च 2021: इस दिन रविवार होने के कारण बैंकों का साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

22 मार्च 2021: इस दिन बिहार दिवस है। इस दिन केवल बिहार राज्य में बैंकों का अवकाश रहेगा।

27 मार्च 2021: इस दिन चौथा शनिवार होने के चलते बैंकों का अवकाश रहेगा।

28 मार्च 2021: इस दिन रविवार होने के कारण बैंकों का साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

29 मार्च 2021: इस दिन होली है। इस दिन गुजरात, मध्य प्रदेश, ओड़िशा, पंजाब, उत्तराखंड, सिक्किम, तेलंगाना, मणिपुर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, गोवा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मेघालय और हिमाचल राज्य में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

30 मार्च 2021: बिहार राज्य में होली के मौके पर इस दिन भी छुट्टी रहेगी।

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स ईपीएफ अकाउंट में जमा राशि की जानकारी कई तरीकों से ले सकते हैं। मिस्ड कॉल, यूनिफाइड मेम्बर पोर्टल, एसएमएस और ईपीएफओ वेबसाइट के जरिए यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इन अलग-अलग तरीके से बैलेंस चेक किया जा सकता है।

1. मिस्ड कॉल के जरिए:-आप मिस्ड कॉल के जरिये पीएफ खाते में जमा राशि की जानकारी पा सकते हैं, इसके लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 011-22901406 पर मिस्ड कॉल देना होगा। मिस्ड कॉल देने के कुछ देर के अंदर आपको एक SMS मिलेगा। इस SMS से आपको पीएफ खाता में जमा रकम के बारे में जानकारी मिलेगी। 

2. SMS के जरिए:-स्टेप 1: मोबाइल नंबर 7738299899 पर SMS करें।

स्टेप 2: अपने मोबाइल के राइट मैसेज बॉक्स में टाइप करें EPFOHO UAN ENG. 

यह सेवा अंग्रेजी, हिन्दी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, कन्नड़, तेलुगू, तमिल, मलयालम और बंगाली भाषा में उपलब्ध है। आपको यह जानकारी अगर हिन्दी में चाहिए तो आपको टाइप करना होगा- EPFOHO UAN HIN SMS भेजने के बाद कुछ देर में एक संदेश मिलेगा। इस संदेश में आपको पीएफ खाते में जमा रकम के बारे में जानकारी मिलेगी। 

3. EPFO मेंबर पासबुक की वेबसाइट के जरिए:-आप https://passbook.epfindia.gov.in/MemberPassBook/Login पर लॉग-इन करें। आप UAN और पासवर्ड के जरिए लॉग-इन करके पासबुक चेक कर सकते हैं। 

4. Umang App:-प्ले स्टोर या App Store से Umang App डाउनलोड करें। इस App पर कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसमें  आपको EPFO ऑप्शन को चुनने के बाद 'Employee Centric Service' को चुनना होगा। अब UAN नंबर डालें। इसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी मिलेगा। आप 'View Passbook' के अंतर्गत ईपीएफ बैलेंस चेक कर सकते हैं।

नई दिल्ली। मौजूदा दौर में रोजाना बैंक के नाम से फर्जी कॉल या मैसेज के जरिये धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। जालसाज बैंक का नाम लेकर कॉल या मैसेज कर बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगते हैं और फर्जीवाड़े को अंजाम देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ग्राहकों की सुरक्षा के लिए बीच-बीच में धोखाधड़ी से बचने के लिए सुरक्षा टिप्स शेयर करते रहता है। RBI ने हाल ही में मोबाइल नंबरों का उपयोग कर नए धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी जारी की थी। नोटिस के अनुसार, बैंकों या वित्तीय संस्थानों के टोल फ्री नंबरों के समान मोबाइल नंबरों से धोखाधड़ी की जा रही है। RBI ने बताया था कि फ्रॉड करने वाले वित्तीय संस्थानों के टोल फ्री नंबरों की तरह मोबाइल नंबर रखते हैं और संस्था के नाम के साथ ट्रूकॉलर जैसे ऐप पर नंबर सेव करते हैं।भारतीय रिजर्व बैंक ने फिर एक नई चेतावनी जारी की है। RBI ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये बताया है कि ग्राहक अपना पिन, OTP और बैंक खाते से जुड़े किसी भी जानकारी को शेयर न करें। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि अगर किसी ग्राहक का कार्ड चोरी हो जाता है या खो जाता है तो तुरंत कार्ड को ब्लॉक करा दें। इसके अलावा ग्राहक किसी भी तरह के KYC डिटेल से जुड़ी जानकारी मांगने पर भी अलर्ट रहें और ऐसी कोई भी जानकारी किसी से भी शेयर न करें।  पिछले दिनों RBI ने बैंक के नाम से आने वाले फ्रॉड फोन कॉल को लेकर चेतावनी जारी की थी। केन्द्रीय बैंक ने कहा था कि मान लें कि बैंक से आने वाले फोन कॉल की संख्या 1600-123-1234 है। तब ये जालसाज़ 600-123-1234 की तरह ही इसके लिए एक नंबर लेते हैं और इसे ट्रूकॉलर या अन्य सेवा देने वाले एप पर बैंक के टोल फ्री नंबर के रूप में रजिस्टर्ड करते हैं। इससे लोग यह पता नहीं लगा पाते कि यह कॉल बैंक/वित्तीय संस्थान की ओर से है या कोई फ्रॉड करने वाला फोन कर करा है।RBI ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि कोई भी वित्तीय संस्थान या उनके प्रतिनिधि ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश नहीं भेजते हैं या व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी पूछने के लिए फोन पर कॉल नहीं करते हैं। इस तरह के ईमेल, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश या फोन कॉल का कभी जवाब न दें। ग्राहकों को कभी भी कार्ड के 'सत्यापन' के लिए एसएमएस के माध्यम से प्राप्त लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ग्राहकों को हमेशा अपनी आधिकारिक वेबसाइट से बैंक के संपर्क डिटेल तक पहुंचना चाहिए और समस्याओं के मामले में उनसे संपर्क करने के लिए सुरक्षित साधनों का उपयोग करना चाहिए।

नई दिल्ली। जो लोग सरकारी सब्सिडीज का लाभ लेना चाहते हैं और अपने एसबीआई अकाउंट में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) अर्थात खाते में सीधे सरकारी सब्सिडी पाना चाहते हैं, उनके लिए अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करवाना आवश्यक है। एसबीआई ने ट्विटर पर ग्राहकों से डीबीटी प्राप्त करने के लिए उनके बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करवाने के लिए कहा है। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, आधार को बैंक खातों से लिंक करवाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि खाताधारक सरकारी लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह अनिवार्य है। एसबीआई ग्राहक एसबीआई की वेबसाइट, एप और एटीम व बैंक ब्रांच पर भौतिक रूप से अपने खाते के साथ आधार को लिंक करा सकते हैं।

वेबसाइट पर जाकर इस तरह कराएं लिंक

स्टेप 1. सबसे पहले www.onlinesbi.com पर जाएं।

स्टेप 2. लॉग-इन करें। माय अकाउंट में से  “Link your Aadhaar number” पर क्लिक करें।

स्टेप 4. अब आपको अपने फोन नंबर के अंतिम दो अंक दिखाई देंगे।

स्टेप 5. अब लिंकिंग की जानकारी आपको अपने मोबाइल नंबर पर मिल जाएगी।

एटीएम के जरिए इस तरह कराएं लिंक

स्टेप 1. एसबीआई एटीम में डेबिट कार्ड स्वाइप करें और पिन नंबर दर्ज करें।

स्टेप 2. 'Service Registrations’ को चुनें।

स्टेप 3. 'Aadhaar registration' को चुनें।

स्टेप 4. खाते का प्रकार चुनें।

स्टेप 5. अपना आधार नंबर दर्ज करें।

स्टेप 6. अब आपको अपने मोबाइल फोन पर आधार कार्ड लिंक होने का स्टेटस मिल जाएगा।

एसबीआई एप से

स्टेप 1. एप में लॉग-इन करें।

स्टेप 2. ‘Requests’ में जाकर ‘Aadhaar’ पर क्लिक करें।

स्टेप 3. अब ‘Aadhaar linking’ पर क्लिक करें।

स्टेप 4. ड्रॉप डाउन लिस्ट में से सीआईएफ फॉर्म चुनें।

स्टेप 5. आधार नंबर दर्ज करें।

स्टेप 6. नियम व शर्तों के बॉक्स पर येस क्लिक करें।

स्टेप 7. आधार कार्ड लिंक होने की जानकारी आपको मोबाइल नंबर पर मिल जाएगी।

नई दिल्ली। Systematic Investment Plan (SIP) के जरिये निवेशक म्यूचुअल फंड योजनाओं में नियमित रूप से एक निश्चित राशि निवेश कर सकते हैं। एसआईपी के तहत निवेशकों की ओर से चुने गए म्यूचुअल फंड के लिए बचत खाते से हर महीने एक निश्चित राशि काटी जाती है। पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट के अनुसार, SIP के माध्यम से निवेश करना मासिक वेतन पाने वालों के लिए म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने का…
नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) बचत खाते में सरकारी सब्सिडी का प्रत्यक्ष लाभ लेने के लिए इसका आधार से जुड़ा होना जरूरी है। SBI ने ट्विटर के जरिये अपने ग्राहकों को प्रत्यक्ष लाभ लेने के लिए अपने बैंक खातों को आधार से जोड़ने के लिए कहा है। SBI ने एक ट्वीट में कहा, हम अपने ग्राहकों को सूचित करना चाहते हैं कि आधार कार्ड सीडिंग अनिवार्य रूप से भारत…
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट 2021-22 पेश किया। इस बार के बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। बजट में इसके अलावा भी कई अन्य घोषणाएं की गईं जिनके बारे में जानकारी होना आपके लिए जरूरी है। हम इस खबर में ऐसी ही कुह जरूरी घोषणाओं का जिक्र कर रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को राहत;-बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि…
नई दिल्ली। लोगों के पास विदेशों में यात्रा करने की कई वजहें हैं, लेकिन यात्रा सुरक्षित और शांतिपूर्ण हो, इसके लिए ट्रैवल इंश्योरेंस पर भी ध्यान जरूर देना है। एक ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी यात्री के सामान, पासपोर्ट, टिकट या दस्तावेजों के खोने की स्थिति में आपके नुकसान की भरपाई करने में मदद करता है। इसके कवर में उड़ान रद्द और उड़ान में देरी का मुआवजा देना भी शामिल है। इसके…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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