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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (सर्वाधिक तरजीही देश) का दर्जा छीन लिया है। गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए बड़े आत्मघाती हमले में 44 जवान शहीद हो गए, जबकि कई जवान बुरी तरह से जख्मी हो गए, जिनका इलाज चल रहा है।
क्या होता है एमएफएन?:-MFN यानि मोस्ट फेवर्ड नेशन एक खास दर्जा होता है। यह दर्जा व्यापार में सहयोगी राष्ट्रों को दिया जाता है। इसमें MFN राष्ट्र को भरोसा दिलाया जाता है कि उसके साथ भेदभाव रहित व्यापार किया जाएगा। डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार भी ऐसे दो देश एक-दूसरे से किसी भी तरह का भेदभाव नहीं कर सकते। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर व्यापार सहयोगी को खास स्टेटस दिया जाता है तो WTO के सभी सदस्य राष्ट्रों को भी वैसा ही दर्जा दिया जाना चाहिए।इसका मतलब केवल इतना है कि व्यापार में कोई भी देश जिसे ये दर्जा मिला हो वो किसी दूसरे देश की तुलना में घाटे में नही रहेगा। जब किसी देश को यह दर्जा दिया जाता है तो उससे उम्मीद की जाती है कि वह शुल्कों में कटौती करेगा। अलावा उन दोनों देशों के बीच कई वस्तुओं का आयात और निर्यात भी बिना किसी शुल्क के होता है। भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा 1996 में दिया था। लेकिन पाकिस्तान ने आज तक भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा नहीं दिया है।
एमएफएन का दर्जा मिलने से क्या हैं लाभ?:-मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा जिस किसी भी देश को दिया जाता है, उस देश को व्यापार में अधिक प्राथमिकता दी जाती है। एमएफएन का दर्जा मिल जाने के बाद आयात-निर्यात में विशेष छूट मिलती है। इसमें दर्जा पाने वाला देश सबसे कम आयात शुल्क पर कारोबार करता है। विकासशील देशों के लिए MFN फायदे का सौदा है। इससे इन देशों को एक बड़ा बाजार मिलता है। जिससे वे अपने सामान को वैश्विक बाजार में आसानी से पहुंचा सकते हैं
कब वापस लिया जा सकता है MFN का दर्जा?;-जानकारी के लिए आपतो बता दें कि WTO के आर्टिकल 21बी के तहत कोई भी देश उस सूरत में किसी देश से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले सकता है जब दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विवाद उठ गया हो। हालांकि इसके लिए तमाम शर्तें पूरी करनी होती हैं।

नई दिल्ली। अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय का प्रभार संभाल लिया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है। जेटली इलाज की वजह से पिछले एक महीने तक अमेरिका में थे।पिछले महीने ही वह इलाज के सिलसिले में न्यूयॉर्क चले गए थे, जिसके बाद पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी गई थी।जेटली की गैर मौजूदगी में गोयल ने ही मोदी सरकार का आखिरी और अंतरिम बजट 2019 पेश किया था। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, 'भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह के मुताबिक अरुण जेटली को वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी है।'जेटली, बीजेपी की चुनावी टीम के प्रचार प्रमुख भी हैं, और अक्सर बड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष भी रखते हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुई आतंकी हमले के बाद आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीएस (कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी) की बैठक में जेटली भी शामिल हुए थे।

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 7.5 फीसद तक पहुंच सकती है, जो कि चालू वित्त वर्ष में 7.2 फीसद है। यह बात मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम ने कही है।उन्होंने पीटीआई को बताया, "हमने अपने सभी आकलन कर लिए हैं। सभी बाहरी एजेंसियों और आंतरिक तौर पर हमारा अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.5 फीसद रहेगी। वर्तमान मूल्य पर यह 11.5 फीसद रहेगी और मुद्रास्फीति करीब चार फीसद पर रहेगी।"रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को 6.50 फीसद के घटाकर 6.25 फीसद कर दिया था। साथ ही उसने अगले वित्त वर्ष के लिए 7.4 फीसद की ग्रोथ का अनुमान लगाया था। पिछले चार वर्षों की औसत ग्रोथ का जिक्र करते हुए सुब्रमण्यम ने कहा कि यह 7.3 फीसद रही है। उदारीकरण के बाद यह सभी सरकारों में सबसे ऊंची है। निचले स्तर पर मुद्रास्फीति के बीच यह वृद्धि दर हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले औसत मुद्रास्फीति 10 फीसद से अधिक थी।उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति में आई गिरावट की वजह मौद्रिक नीति की रूपरेखा है, जिसमें रिजर्व बैंक के लिए इसे एक निश्चित दायरे में रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आरबीआई गवर्नर के नेतृत्व में हुई मौद्रिक नीति समिति को लक्ष्य दिया गया है कि वो मध्यम अवधि के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर को 4 फीसद के दायरे में रखे।

नई दिल्ली। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी जीवन के हर कदम के लिए बहुत जरूरी है। निवेश के साथ यह एक तरह का रिस्क कवर भी है। जो लोग आप पर निर्भर हैं उनके साथ यह आपके जीवन के लिए भी बेहद अहम है। ऐसे में अगर आप भी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे हैं तो आप इसे लेने से पहले अच्छे से जांच-पड़ताल कर लें। ताकि बाद में आपको क्लेम लेते समय कोई दिक्कत न हो। इस खबर में हम आपको चार ऐसी बातें बता रहे हैं जिसे पॉलिसी लेने से पहले आपको जान लेना चाहिए।
डॉक्यूमेन्टेस की कर लें जांच:-पॉलिसी लेने के बाद डॉक्यूमेन्ट्स में दी गई जानकारी जरूर जांच ले। पॉलिसी का समय, कितने रुपये के कितने प्रीमियम भरने हैं सब कुछ की जांच पड़ताल कर लें। इसके अलावा यह भी देंखे कि आपने किस तरह की पॉलिसी खरीदी है।
कभी न दें गलत जानकारी:-इंश्योरेंस में कभी भी गलत जानकारी न दें। एक बार चेक कर लें कि आपने जो जानकारी दी है वह सही है या नहीं। जैसे- कॉन्टैक्ट डिटेल्स, नॉमिनी की जानकारी या अपनी अन्य कोई पर्सनल जानकारी। अगर भूल वश कोई जानकारी गलत चली गई है तो उसे कस्टमर पोर्टल पर जाकर सही कर लें।
नॉमिनी को बताएं:-अपने इंश्योरेंस कवर के नॉमिनी को इस बारे में बताएं कि आपने लाइफ इंश्योरेंस लिया है जिसमें वो नॉमिनी है। उन्हें इंश्योरेंस से संबधित सभी जानकारी को अच्छे से समझाएं। मसलन बीमा राइडर पॉलिसी में तय रकम के साथ-साथ लगातार 10 साल के लिए मासिक रकम भा मुहैया कराई जाती है। ये सभी जानकारी आपके नॉमिनी को बताएं ताकि उन्हें पॉलिसी क्लेम करने में कोई दिक्कत ना हो।
समय से प्रीमियम पेमेंट:-अगर आपने इंश्योरेंस का प्रीमियम समय से नहीं भरा है तो आपकी पॉलिसी खारिज भी हो सकती है। इसलिए प्रीमियम का भुगतान समय पर करें। आप प्रीमियम भरने के लिए ECS सुविधा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जहां आपका बैंक प्रीमियम भरने की तय तारीख पर खुद ही आपके खाते में जमा पैसों से प्रीमियम भर देगा।

नई दिल्ली। हर रोज करीब 2 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली इंडियन रेलवे देश के बुजुर्गों को रेल टिकट में भारी छूट देती है। यह छूट 40 से 50 फीसद तक होती है। मेल/एक्सप्रेस/राजधानी/शताब्दी/जन शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों के सभी वर्गों में यह छूट मिलती है। यह जानकारी इंडियन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) पर उपलब्ध है। ट्रेन टिकट में यह छूट 60 वर्ष तक की आयु वाले पुरुषों और 58 वर्ष की आयु वाली महिलाओं को मिलती है।
सीनियर सिटीजन को मिलने वाली ट्रेन टिकट छूट के बारे में आपको ये 5 बातें जाननी चाहिए:
-आईआरसीटीसी की वेबसाइट के मुताबिक पुरुष सीनियर सिटिजन को ट्रेन टिकट में 40 फीसद की छूट मिलती है और सीनियर सिटिजन महिलाओं के लिए यह छूट 50 फीसद की है।
-60 वर्ष तक की उम्र के पुरुष रेल यात्री और 58 वर्ष तक की उम्र की महिला रेल यात्री आईआरसीटीसी की ई-टिकटिंग वेबसाइट पर अपनी सही उम्र का जिक्र कर इसका फायदा उठा सकते हैं। पैसेंजर डिटेल फॉर्म में सीनियर सिटिजन कन्सेशन के विकल्प में जाकर आपको अवेल कन्सेशन का चुनाव करना होगा।
-हालांकि जो भी यात्री (सीनियर सिटिजन) ट्रेन टिकट में छूट का फायदा उठाना चाहते हैं उन्हें यात्रा के दौरान अपने साथ अपनी उम्र का प्रमाण देने वाला सर्टिफिकेट रखना होगा।
-देश के वरिष्ठ नागरिक सीनियर सिटिजन छूट का लाभ उठाने के पात्र होते हैं। वो या तो पूरी छूट का फायदा उठा सकते हैं या फिर वो फिर छूट के कुछ हिस्से को राष्ट्र निर्माण के लिए छोड़ सकते हैं, और कन्सेशन एलिमेंट के बिना टिकट बुक कर सकते हैं। सीनियर सिटिजन कन्सेशन के बिना टिकट बुक कराने के लिए ऐसे यात्री सीनियर सिटिजन कन्सेशन के अंतर्गत आने वाले फर्गो फुल कन्सेशन के विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। आप पैसेंजर डिटेल फॉर्म में ऐसा कर सकते हैं।
-सीनियर सिटिजन की 50 फीसद छूट के अतंर्गत टिकट बुक कराने के लिए ऐसे यात्री "फर्गो 50% कन्सेशन विकल्प का चुनाव कर सकते हैं" जो कि पैसेंजर डिटेल फार्म में "ऑप्शन फॉर सीनियर सिटिजन कन्सेशन" के अंतर्गत आता है। यह जानकारी आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज है।
इन्हें भी मिलती है छूट:
-विकलांग (अस्थि विकलांगता) या पक्षाघात के पीड़ित विकलांग लोग जो कि किसी दूसरे की मदद के बिना नहीं चल सकते हैं, किसी अन्य के साथ सफर कर रहे दृष्टि विकलांग, किसी अन्य के साथ सफर कर रहे मानसिक विकलांग व्यक्तियों को सेकेंड क्लास, स्लीपर क्लास, फर्स्ट क्लास, थर्ड एसी, एसी चेयर कार के टिकट में 75 फीसद छूट उपलब्ध करवाई जाती है, जबकि फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी के टिकट पर 50 फीसद की छूट दी जाती है। जबकि ऐसे यात्रियों को थर्ड एसी और शताब्दी और राजधानी के एसी चेयर कार में 25 फीसद की छूट उपलब्ध करवाई जाती है।
-एक गूंगे एवं बहरे व्यक्ति को जो या तो अकेले सफर कर रहा हो या फिर किसी के साथ सफर कर रहा हो उसे रेलवे के सेकेंड क्लास, स्लीपर और फर्स्ट क्लास में 50 फीसद की छूट उपलब्ध करवाई जाती है।
-अकेले या किसी के साथ सफर कर रहे कैंसर के मरीजों को जो कि उपचार या चेकअप के लिए यात्रा कर रहे होते हैं उन्हें सेकेंड क्लास, फर्स्ट क्लास और एसी चेयर कार में 75 फीसद की छूट उपलब्ध करवाई जाती है। वहीं ऐसे यात्रियों को रेलवे के स्लीपर एवं थर्ड एसी कोच में 100 फीसद की छूट यानी मुफ्त में टिकट उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं फर्स्ट एसी एवं सेकेंड एसी में ऐसे यात्रियों को 50 फीसद तक की छूट उपलब्ध करवाई जाती है।
-थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित मरीजों को जो या तो अकेले सफर कर रहे हों या फिर किसी सहायक के साथ जो कि ट्रीटमेंट या चेकअप के लिए यात्रा कर रहा हो, हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीजों जो कि सर्जरी के लिए अकेले या किसी के साथ यात्रा कर रहे हों, किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीज जो कि अकेले या फिर किसी के साथ उपचार एवं इलाज के संबंध में यात्रा कर रहे हों उन्हें सेकेंड क्लास, स्लीपर, फर्स्ट क्लास, थर्ड एसी, एसी और एसी चेयरकार में 75 फीसद की छूट मिलती है, जबकि फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी में 50 फीसद तक की छूट मिलती है।

नई दिल्ली। इंडिया पोस्ट का पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) तीन तरह के जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट को खोलने की सुविधा देता है। रेगुलर सेविंग अकाउंट, डिजिटल सेविंग अकाउंट और बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट। जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसमें ग्राहकों को मिनिमम एवरेज बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है।इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 650 शाखाएं और 3,250 एसेस प्वाइंट है, जो कि इन तीनों तरह के सेविंग अकाउंट में जमा राशि पर 4 फीसद की दर से ब्याज उपलब्ध करवा रहा है। यह जानकारी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (website - ippbonline.com) पर दर्ज है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक रेगुलर सेविंग अकाउंट: इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के रेगुलर सेविंग अकाउंट को या तो आप एसेस प्वाइंट के जरिए खुलवा सकते हैं या फिर डोर स्टेप सर्विस के जरिए। इस अकाउंट को जीरो बैलेंस के साथ खुलवाया जा सकता है और खाताधारक को इसमें किसी भी बैलेंस को मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है। इस रेगुलर सेविंग अकाउंट के साथ तिमाही आधार पर अकाउंट स्टेटमेंट प्राप्त करने और फंड रेमिटेंस सर्विस आईएमपीएस की सुविधा भी मिलती है। इसकी जानकारी आईपीपीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक डिजिटल सेविंग अकाउंट: इंडिया पोस्ट के डिजिटल सेविंग अकाउंट को पेमेंट बैंक की मोबाइल एप के माध्यम से खुलवाया जा सकता है। यह एप गूगल के एंड्रॉयड प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। इस खाते को खुलवाने के लिए आवेदक को अपने आधार के साथ पैन नंबर (पर्मानेंट अकाउंट नंबर) की जानकारी देनी होती है। इस अकाउंट को आप घर बैठे भी खुलवा सकते हैं। इसमें भी खाताधारक को बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है। इसे भी जीरो बैलेंस के साथ खुलवाया जा सकता है। साथ ही इस खाते पर तिमाही आधार पर अकाउंट स्टेटमेंट प्राप्त करने और फंड ट्रांसफर के लिए आईएमपीएस की सुविधा भी मिलती है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक बेसिक सेविंग अकाउंट: इंडिया पोस्ट के इस अकाउंट में वो सारे फीचर्स और बेनिफिट्स मिलते हैं जो कि रेगुलर सेविंग अकाउट में दिए जाते हैं। हालांकि इसमें सिर्फ महीने में चार बार नकदी निकासी की सुविधा मिलती है। इंडिया पोस्ट के इस बेसिक सेविंग अकाउंट का मकसद न्यूनतम शुल्क के साथ प्राथमिक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस खाते को भी जीरो बैलेंस के साथ खुलवाया जा सकता है। इसमें भी तिमाही आधार पर मुफ्त में बैंक स्टेटमेंट प्राप्त करने और आईएमपीएस की सुविधा मिलती है। यह जानकारी भी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज है।

 

 

 

नई दिल्ली। आमतौर पर लोगों को यह जानकारी नहीं होती है कि उन्हें मिले महंगे गिफ्ट पर भी उनकी टैक्स देनदारी बनती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आयकर नियमों के अंतर्गत इसे उनका सोर्स ऑफ इनकम मान लिया जाता है और इसी लिहाज से इस पर टैक्स देना होता है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 56(2)(VI) के तहत गिफ्ट्स पर टैक्स…
नई दिल्ली। संसद में पेश हुई सीएजी रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि कंपनी पंजीयक (रजिस्ट्रॉर ऑफ कंपनीज) के पास 95 फीसद रियल एस्टेट कंपनियों के स्थाई खाता नंबर (पैन) के बारे में जानकारी नहीं है।रजिस्ट्रॉर ऑफ कंपनीज के पास उस समय की जानकारी होती है जब कंपनियों को बनाते समय उनका पंजीकरण कराया जाता है। कंपनियों को आरओसी के पास सालाना आधार पर रिटर्न दाखिल करना होता…
नई दिल्ली। एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट 899 रुपये और 3,699 रुपये में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकट का ऑफर दे रही है। कंपनी ने इस ऑफर को 14 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है। एयरलाइन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यह ऑफर नॉन स्टॉप फ्लाइट पर एक तरफ के यात्रा पर मान्य है। स्पाइसजेट इसके अलावा चुनिंदा सीटों पर 25 फीसद की छूट भी दे रही है। इसके…
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2018-19 खत्म होने को है और इस बीच करदाता टैक्स बचाने के लिए अपने तमाम दस्तावेज खंगालने में जुटे हुए हैं। आमतौर पर करदाता अपना सालाना टैक्स बचाने के लिए आयकर की धारा 80C का ही सहारा लेते हैं, या यूं कहें कि उन्हें टैक्स बचाने वाली सिर्फ इसी आयकर धारा की जानकारी होती है। हालांकि इसके अलावा भी काफी सारे तरीके हैं जहां आपके…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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