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नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) देश के हर भारतीय को 12 अंक की पहचान संख्या Aadhaar जारी करता है। आधार कार्ड का इस्तेमाल बैंक, टेलीकॉम कंपनियों, जन वितरण प्रणाली और आयकर विभाग सहित अन्य प्राधिकरणों द्वारा पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता है। ऐसे में आधार कार्ड का पूरी तरह अपडेट होना बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह पहचान और पते के प्रुफ के तौर पर काम करता है। हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि आधार कार्ड के लिए अप्लाई करते समय किसी वजह से सिस्टम में गलत नाम फीड हो जाता है, तो आपकी कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, कई बार शादी के बाद अगर आप नाम में बदलाव करते हैं तो आपको आधार कार्ड में दर्ज नाम में भी परिवर्तन कराना होता है। हालांकि, इससे आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप बेहद आसानी से आधार कार्ड में दर्ज अपने नाम में सुधार करवा सकते हैं। आप UIDAI की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन माध्यम से आधार कार्ड में दर्ज नाम में संशोधन करा सकते हैं। इसके अलावा निकटतम आधार सेवा केंद्र जाकर भी आधार कार्ड में दर्ज नाम में किसी तरह का बदलाव करा सकते हैं।  इसके लिए आपको इन दस्तावेजों में से किसी एक की जरूरत पड़ेगी- पासपोर्ट, पैन कार्ड, राशन कार्ड, पीडीएस फोटो कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, नरेगा जॉब कार्ड, गवर्नमेंट फोटो आईडी कार्ड्स, शस्त्र लाइसेंस, फोटो बैंक एटीएम कार्ड, पेंशनर फोटो कार्ड, किसान फोटो पासबुक, फोटो लगा शादी का प्रमाणपत्र, गजट नोटिफिकेशन। 

नाम में ऐसे करवा सकते हैं ऑनलाइन सुधार

  • सबसे पहले https://uidai.gov.in/ पर जाइए।
  • यहां होम पेज पर आपको My Aadhaar का सेक्शन दिखेगा।
  • 'My Aadhaar' सेक्शन के अंतर्गत 'Update Your Aadhaar' का ऑप्शन दिखेगा।
  • 'Update Your Aadhaar' के अंतर्गत 'Update Demographics Data Online' पर क्लिक कीजिए।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा।
  • इस पेज पर आपको नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और भाषा को ऑनलाइन बदलने का विकल्प मिलेगा। 
  • नए पेज पर 'Proceed to Update Aadhaar' पर क्लिक कीजिए। 
  • अब आपके सामने नया पेज खुलेगा। 
  • इस नए पेज पर आधार कार्ड नंबर, एनरॉलमेंट नंबर या वर्चुअल आईडी में से कोई संख्या डालें और उसके बाद कैप्चा कोड प्रविष्ट करें।
  • इसके बाद खुलने वाले पेज पर जरूरी विवरण भरकर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आप आधार कार्ड में नाम में बदलाव का आवेदन दे पाएंगे। 

आधार सेवा केंद्र के जरिए

नई दिल्ली। लिक्विडिटी की बेहतर स्थिति एवं निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के चलते कंपनियों ने इस साल अबतक आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के माध्यम से करीब 25,000 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो 2021 में भी आईपीओ मार्केट के मजबूत बने रहने की उम्मीद है। आलोच्य अवधि में फार्मा, टेलीकॉम्युनिकेशन, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे विभिन्न सेक्टर्स की कंपनियां IPO मार्केट में उतरीं। स्टॉक एक्सचेंजेज पर उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक 2020 में 12 इनिशियल पब्लिक ऑफर के जरिए कंपनियों ने 25,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।अगर 2019 के आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल कंपनियों ने 16 IPO के जरिए महज 12,362 करोड़ रुपये जुटाए थे। वहीं, 2018 में 24 कंपनियों ने IPO मार्केट में दस्तक दी थी और 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस साल IPOs के जरिए कंपनियां पहले हीं 25,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी हैं और यह आंकड़ा अभी और बढ़ने वाला है क्योंकि Burger King का 810 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफर दो दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज में शोध विभाग के प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक अर्थव्यवस्था में जबरदस्त संकुचन के बावजूद कंपनियों एवं खुदरा निवेशकों के प्राइमरी मार्केट में बहुत अधिक दिलचस्पी दिखाने से इस साल आईपीओ के जरिए अधिक धन जुटाने में कंपनियों को मदद मिली। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के काल में अपनी बैलेंस शीट को मजबूती देने के लिए IPO रूट का सहारा लिया।ICICI Securities में इंवेस्टमेंट बैंकिंग और इंस्टीच्युशनल इक्विटीज के प्रमुख अजय सराफ के मुताबिक मई से पूंजी बाजार की गतिविधियों में एक बार फिर से जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इससे बाजार में हिस्सा लेने वालों को बहुत अधिक विश्वास हासिल हुआ। इस साल IPO मार्केट की शुरुआत काफी धमाकेदार रही थी। SBI Cards and Payment Services Limited ने इस साल मार्च में आईपीओ के जरिए 10,355 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद Gland Pharma ने 6,480 करोड़ रुपये, CAMS ने 2,240 करोड़ रुपये और UTI Asset Management Company ने 2,160 करोड़ रुपये जुटाए। इनके अलावा रोसारी बायोटेक, Happiest Minds Technologies, Route Mobile, Chemcon Speciality Chemicals, Angel Broking, Equitas Small Finance Bank, Likhitha Infrastructure और Mazagon Dock Shipbuilders ने भी IPO बाजार में दस्तक दी।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को निर्देश दिया कि वह कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर दो करोड़ रुपये तक के लोन की आठ निर्दिष्ट श्रेणियों पर ब्याज माफी के अपने फैसले को लागू करने के लिए सभी कदम उठाना सुनिश्चित करे। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए ही गंभीर खतरा पैदा नहीं किया है, बल्कि भारत सहित दुनिया के दूसरे देशों की आर्थिक वृद्धि को भी खतरे में डाला है।लोन्स की आठ श्रेणियों में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम), शिक्षा, हाउसिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल, क्रेडिट कार्ड, ऑटोमोबाइल, पर्सनल और खपत शामिल हैं।बेंच ने कहा, “इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के कारण निजी क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकांश व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।"बेंच ने आगे कहा, "कई महीनों तक बड़ी संख्या में उद्योगों को कार्य करने और अपनी गतिविधियों को चलाने की अनुमति नहीं थी। केवल आवश्यक समझे जाने वाले कुछ उद्योगों को ही परिचालन की छूट दी गई थी।" इस पीठ में आरएस रेड्डी और एमआर शाह भी शामिल थे।उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि, धीरे-धीरे, अनलॉक -1, 2 और 3 के कारण उद्योगों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बहाल कर दिया गया है और देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है।'वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक आफ इंडिया पहले ही सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा दाखिल कर बता चुके हैं कि सरकार ने मोरेटोरियम अवधि का ब्याज पर ब्याज न वसूले जाने की योजना तैयार की है और 2 करोड़ तक कर्ज लेने वालों से मोरेटोरियम अवधि का ब्याज पर ब्याज नहीं लिया जाएगा। यह भी बताया था कि 2 करोड़ तक के कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच का वसूला गया अंतर कर्जदारों के खातों में वापस कर दिया गया है। 

नई दिल्ली। वरिष्ठ उद्योगपति रतन टाटा ने गुरुवार को मुंबई हमले की बरसी पर मुंबई के लोगों की एकता, दयालुता व उनकी संवेदनशीलता को याद किया और कहा कि इस भावना को भविष्य में भी बनाए रखना चाहिए। आज मुंबई हमले की बरसी है। 26 नवंबर 2008 की वो रात भारत कभी नहीं भूल सकता है, जब पाकिस्‍तान के दस आतंकियों ने भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई की सड़कों पर खूनी खेल खेला था। रतन टाटा ने ट्विटर पर ताज होटल की फोटो शेयर करते हुए उस घटना को याद किया।रतन टाटा ने लिखा, ''आज से बारह वर्ष पहले जो घटना घटी, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। लेकिन जो अधिक यादगार है, वो ये कि उस दिन आतंकवाद और विनाश को खत्‍म करने के लिए मुंबई के लोग सभी मतभेदों को भुलाकर एक साथ आए थे। हमने जिनको खोया, जिन्‍होंने दुश्‍मन पर जीत पाने के लिए कुर्बानियां दीं, आज हम जरूर उनका शोक मना सकते हैं, लेकिन हमें उस एकता, दयालुता के उन कृत्‍यों और संवदेनशीलता की भी सराहना करनी होगी, जिसे हमें हमेशा बरकरार रखना चाहिए।"साथ ही टाटा ने इंस्‍टाग्राम पर लिखा क‍ि जिन लोगों ने दुश्‍मन पर जीत पाने में मदद की, हम उनके बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी एकता को संभालकर रखने की आवश्यकता है।कुछ इसी तरह महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने भी अपनी भावनाएं ट्विटर पर साझा की। उन्होंने लिखा, 'मुंबईवासी 26/11 की रात को कभी नहीं भूल सकते, जब चारों ओर अनिश्चितता और असुरक्षा फैली हुई थी। मुझे लग रहा था, जैसे शहर और देश पर आक्रमण हो रहा था। लेकिन हफ्ते के अंत तक हम नेल्सन मंडेला के इस कोट के अनुसार जीवन को पटरी पर ला चुके थे, कि..मुंबई और भारत ने विजय प्राप्त की..'

नई दिल्ली। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में कुछ बैंक यूनियनों के शामिल होने से गुरुवार को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंकिंग कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों में विदेशी और सरकारी लेनदेन व ब्रांचों में निकासी व जमा सहित नकद लेनदेन प्रभावित हुआ है। यह उन जगहों पर अधिक है, जहां हड़ताल में भाग लेने वाली यूनियनें मजबूत हैं। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक और निजी क्षेत्र के बैंकों में काम हो रहा है।भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनें विभिन्न सरकारी नीतियों के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर रही हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई कर्जदाताओं ने पहले ही ग्राहकों को सूचित कर दिया था कि हड़ताल के कारण ब्रांचों और कार्यालयों में सामान्य कामकाज बाधित रह सकता है।ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक इम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) इस हड़ताल में भाग ले रही हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।एआईबीईए (AIBEA) ने एक बयान में कहा, 'कारोबार सुगमता के नाम पर लोकसभा ने हाल में तीन नए श्रम कानून पारित किए हैं। यह पूरी तरह से कॉरपोरेट के हित में है। करीब 75 फीसद कर्मचारियों को श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर दिया गया है और नए कानूनों के तहत उनके पास कोई विधिक संरक्षण नहीं है।'दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर फार इंडियान ट्रेड यूनियंस (सीटू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-इम्प्लॉइड वुमेन्स एसोसिएशन (सेवा), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) ने इस हड़ताल को बुलाया है।

नई दिल्ली। पैन कार्ड मौजूदा समय में वित्तीय लेनदेन के लिए प्रमुख साधन है। पैन का इस्तेमाल आईडी कार्ड के रूप में होता है। अगर आप संगठित क्षेत्र में काम करते हैं तो सैलरी प्राप्त करने के लिए पैन कार्ड का होना जरूरी है। यह 10 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है, जिसे हर कोई समझना चाहता है। आपके पास भी पैन कार्ड होगा, जिसमें जन्म की तारीख के ठीक नीचे पैन (Permanent Account Number) अंकित होगा। बता दें कि पैन कार्ड पर दर्ज इन अल्फान्यूमेरिक नंबरों का एक खास मतलब होता है और इनमें किसी तरह की जानकारियां छिपी होती हैं।पैन कार्ड में लिखे जन्मतिथि के ठीक नीचे एक अल्फान्यूमेरिक नंबर अंकित है। पैन की शुरुआत अंग्रेजी के कुछ लेटर्स के साथ होती है, जो बड़े अक्षरों में लिखे होते हैं।आयकर विभाग के मुताबिक किसी भी पैन के शुरुआती तीन डिजिट अंग्रेजी के अल्फाबेटिक सीरीज को दर्शाते हैं। इस अल्फाबेटिक सीरीज में AAA से लेकर ZZZ तक में कोई अंग्रेजी के किसी भी तीन अक्षर की सीरीज हो सकती है। इसे आयकर विभाग तय करता है।पैन का चौथा अक्षर आयकरदाता के स्टेटस को दिखता है। मसलन चौथे स्थान पर अगर P है तो यह दिखाता है कि यह पैन नंबर पर्सनल है यानी किसी एक व्यक्ति का है।F से पता चला चलता है कि वह नंबर किसी फर्म का है।इसी तरह C से कंपनी, AOP से एसोसिएशन ऑफ पर्सन, T से ट्रेस्ट, H से अविभाजित हिन्दू परिवार, B से बॉडी ऑफ इंडिविजुअल, L से लोकल, J से आर्टिफिशियल ज्युडिशियल पर्सन, G से गवर्नमेंट का पता चलता है।पैन का पांचवां डिजिट अंग्रेजी का एक अक्षर होता है। यह पैनकार्ड धारक के सरनेम के पहले अक्षर को दिखाता है। उदाहरण के लिए किसी का सरनेम कुमार या खुराना है तो पैन का पांचवां डिजिट K होगा। सरनेम के पहले अक्षर के बाद चार अंक होते हैं। ये नंबर  00001 से 9999 के बीच कोई भी चार अंक हो सकते हैं। ये नंबर आयकर विभाग के उस सीरीज को दिखाते हैं, जो उस समय चल रहे होते हैं। पैन कार्ड का 10वां डिजिट भी अंग्रेजी का एक अक्षर होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक यह एक अल्फाबेट चेक डिजिट हो सकता है। यह A से Z के बीच का कोई भी अक्षर हो सकता है।

नई दिल्ली। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मंगलवार को कहा कि 26 नवंबर को देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारी जोरों पर हैं और लगभग 25 करोड़ श्रमिक इसमें भाग लेंगे। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ‘इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर फार इंडियान ट्रेड यूनियंस (सीटू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-एम्प्लॉइड वुमेन्स एसोसिएशन…
नई दिल्ली। फिक्स डिपॉजिट (FD) भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय निवेश विकल्प रहा है। खासकर सीनियर सिटीजंस एफडी में ही निवेश करते देखे जाते हैं। इसका कारण है कि यह अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित निवेश विकल्प है। लेकिन पिछले दो सालों से एफडी पर ब्याज दरें काफी गिर गई हैं। प्रमुख बैंकों की एफडी पर ब्याज दरों ने 12 वर्षों के निचले स्तर को छू लिया है। यही कारण है कि…
नई दिल्ली। समय- समय पर अपने LIC पॉलिसी का स्टेटस चेक करना चाहिए। एलआईसी बीमाधारक ऑनलाइन माध्यम से बड़ी आसानी से अपनी पॉलिसी का स्टेटस चेक कर सकते हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम बीमाधारकों को अपनी वेबसाइट के माध्यम से पॉलिसी का स्टेटस ऑनलाइन चेक करने की सुविधा देता है। एक्सपर्ट की मानें तो यह पॉलिसी खरीदने के बराबर ही जरूरी काम है। साथ ही एलआईसी अपने बीमाधारकों को मोबाइल…
नई दिल्ली। निवेशकों को पैसा लौटाने में कथित विफलता के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सुब्रत रॉय सहारा को हिरासत में लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मांगे हैं। सेबी ने सहारा से 626 अरब रुपये की मांग की, जिसे उसने निवेशकों से एकत्र किया था। सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। सेबी ने याचिका में सहारा समूह के अध्यक्ष सुब्रत रॉय…
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