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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर ऊर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पटेल ने निजी कारण बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा, 'निजी कारणों से मैंने अपने पद से तत्काल हटने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा, आरबीआई में काम करना मेरे लिए गर्व की बात है।गौरतलब है कि आरबीआई की स्वायत्ता और उसके रिजर्व को सरकार को ट्रांसफर किए जाने समेत अन्य अहम मुद्दों पर सरकार के साथ टकराव चल रहा था। पटेल हाल ही में वित्तीय मामलों पर गठित संसदीय समिति के समक्ष भी पेश हुए थे, जहां उन्होंने नोटबंदी के फैसले पर सावधानी पूर्वक जवाब दिया था।नोटबंदी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था पर 'क्षणिक' प्रभाव पड़ा। हालांकि उन्होंने आरबीआई एक्ट की धारा 7 को बहाल किए जाने, एनपीए और केंद्रीय बैंक की स्वायत्ता के साथ अन्य विवादित मुद्दों को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।पटेल के इस्तीफे को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक किसी तरह की आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में कुछ बदलावों की घोषणा की है। केंद्रीय कैबिनेट ने घोषणा की है कि एनपीएस में सरकार के योगदान को 10 फीसद से बढ़ाकर 14 फीसद किया जाएगा। वहीं सरकार ने रिटायरमेंट के बाद एनपीएस खाते से निकाली जाने वाली 60 फीसद राशि को टैक्स फ्री भी कर दिया है। हालांकि एनपीएस में कर्मचारियों का योगदान 10 फीसद ही रहेगा।मीडिया को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एनपीएस में बड़े बदलाव किए गए हैं। एनपीएस के अंतर्गत खाताधारक कुल जमा में से 60 फीसद राशि निकाल सकते हैं जबकि बाकी की 40 फीसद राशि एन्युटी में चली जाती है। एकमुश्त निकासी पर टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 60 फीसद कर दिया गया है। यानी अब पूर्ण निकासी (60 फीसद) कर छूट के दायरे में आएगी।वर्तमान में कुल कॉर्पस का 60 फीसद हिस्सा अगर एनपीएस सब्सक्राइबर्स निकालता था तो उसमें से 40 फीसद राशि टैक्स फ्री रहती थी जबकि बाकी के 20 फीसद पर टैक्स देना होता था। इस कर छूट का फायदा निकासी की सूरत में हर सेक्शन के कर्मचारी को होगा। जेटली ने बताया कि सरकार के योगदान के बढ़ने से वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान सरकार के खजाने पर 2,840 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। गौरतलब है कि काफी लंबे समय से मांग चल रही थी कि एनपीएस को ईईई (एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट) की श्रेणी में लाया जाए जैसा कि ईपीएफ और पीपीएफ में होता है।

नई दिल्ली। सोमवार के कारोबारी दिन में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। आज के कारोबार में सोना 145 रुपये उछलकर 32,495 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में इस उछाल की वजह हाजिर बाजार में सोने की तेज मांग रही है।वहीं दूसरी तरफ सोने के उलट चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आज के कारोबार में चांदी 350 रुपये गिरकर 38,150 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से सुस्त उठान रही है। ट्रेडर्स का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मजबूत संकेत और डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपये ने कीमती धातु सोने की कीमत में इजाफा लाने का काम किया है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 145 रुपये उछलकर क्रमश: 32,495 रुपये और 32,345 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है। हालांकि गिन्नी के भाव 25,000 रुपये प्रति 8 ग्राम पीस पर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 1,249.34 डॉलर प्रति औंस और चांदी 14.59 डॉलर प्रति औंस रही है।तैयार चांदी 350 रुपये लुढ़ककर 38,150 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलीवरी 410 रुपये गिरकर 37,890 रुपये प्रतिकिलो ग्राम रही है। हालांकि सिक्कों के भाव 74,000 रुपये लिवाल और 75,000 रुपये बिकवाल प्रति 10 पीस रहे हैं।

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी कर्ज की दरों मे इजाफा कर दिया है। सोमवार को बैंक ने एमसीएलआर दरों में 5 बेसिस प्वाइंट (0.05 फीसद) का इजाफा किया है। इस इजाफे के साथ ही एसबीआई के एक वर्ष की एमसीएलआर अब 8.55 फीसद होगी। आपको बता दें कि एमसीएलआर एक बेंचमार्क दर होती है। ये वो दर होती है जिस पर किसी बैंक से मिलने वाले ब्याज की दर तय होती है। इससे कम दर पर देश का कोई भी बैंक लोन नहीं दे सकता है, सामान्य भाषा में यह आधार दर ही होती है।
SBI के इस फैसले का असर?:-एसबीआई की ये नई एमसीएलआर दरें आज से ही (10 दिसंबर 2018) प्रभावी हो गई हैं। अब इस इजाफे के बाद होम लोन, ऑटो लोन और अन्य तरह के लोन का महंगा होना तय माना जा रहा है। आसान शब्दों में अगर समझें तो अगर आपने होम लोन ले रखा है तो आपकी ईएमआई इसी महीने से बढ़ जाएगी।एसबीआई की ओवरनाइट एमसीएलआर अब 8.20 फीसद हो गई है। तीन महीनों की एमसीएलआर 8.25 फीसद जबकि छह महीने की एमसीएलआर 8.40 फीसद हो गई है। इसके अलावा एक वर्ष के लिए एमसीएलआर 8.55 फीसद हो गई है। यह जानकारी एसबीआई की वेबसाइट पर दर्ज है। एमसीएलआर में इजाफे के साथ ही बैंक ने बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (बीपीएलआर) और बेस रेट को भी बढ़ाकर क्रमश: 13.80 फीसद और 9.05 फीसद कर दिया है। इन दोनों में 5 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया गया है।

नई दिल्ली। फेसबुक इंक ने कहा कि कंपनी अपने शेयरधारकों से नौ अरब डॉलर (मौजूदा भाव पर 73 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) मूल्य के शेयर वापस खरीदेगी। पिछले कुछ समय में कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में निवेशकों की नाराजगी कम करने और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी ने इतने मूल्य के अतिरिक्त शेयरों की खरीदारी का फैसला किया है।फेसबुक इंक ने पिछले वर्ष भी 15 अरब डॉलर (एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) मूल्य के शेयरों का बायबैक किया था। नौ अरब डॉलर मूल्य के शेयर बायबैक की नवीनतम योजना उसके अतिरिक्त होगी। फेसबुक इस वक्त कई कानूनी दुश्वारियों से गुजर रही है।ब्रिटेन की कंसल्टेंसी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए कैंपेन करते वक्त एक निजी रिसर्च कंपनी से फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर्स के निजी डाटा खरीदे थे। इस मामले में ब्रिटेन में फेसबुक के खिलाफ जांच चल रही है।ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के अधिकारी वर्ष 2016 में ब्रेक्जिट के लिए मतदान को परोक्ष रूप से प्रभावित करने का आरोप भी कंपनी पर मढ़ चुके हैं और इस मामले में भी कंपनी की जांच चल रही है।

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने सालाना जीएसटी रिटर्न फॉर्म दाखिल करने की समय-सीमा तीन महीनों के लिए बढ़ा दी है। मंत्रालय ने कहा है कि अब कारोबारी अपने सालाना जीएसटी रिटर्न फॉर्म अगले वर्ष मार्च अंत तक दाखिल कर सकते हैं।पहले यह समय-सीमा इस वर्ष दिसंबर के अंत तक थी। कारोबार और उद्योग जगत से जुड़ी संस्थाएं और संगठन लंबे समय से सालाना रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा में विस्तार की मांग कर रहे थे। सरकार ने इस वर्ष सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के सालाना रिटर्न फॉर्म की अधिसूचना जारी की थी।जीएसटी के तहत पंजीकृत कारोबारियों को पिछले वित्त वर्ष (2017-18) के लिए सेल्स, परचेज और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) संबंधित सभी जानकारी इसी फॉर्म के अनुरूप दाखिल करनी थी।केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, ‘जीएसटीआर-9, 9ए और 9सी दाखिल करने के लिए समय-सीमा 31 मार्च, 2019 तक बढ़ा दी गई है। इनसे संबंधित फॉर्म जीएसटी कॉमन पोर्टल पर जल्द उपलब्ध हो जाएंगे।

टिम हरफोर्ड मानते हैं कि एसआइपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) कम रिटर्न देता है। किसी एक समय पर सिर्फ रिटर्न के लिहाज से एकमुश्त निवेश करना बेहतर रहता है। जिन्होंने हरफोर्ड का नाम नहीं सुना है, उनके लिए वह मशहूर अर्थशास्त्री और बेहतरीन लेखक हैं जो फाइनेंशियल टाइम्स में ‘दि अंडरकवर इकोनॉमिस्ट’ कॉलम लिखते हैं। उनका ब्लॉग सबसे दिलचस्प ब्लॉग्स में से एक है जिसे मैं नियमित रूप से पढ़ता हूं।हालांकि,…
नई दिल्ली। चीन के आयात पर अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने के बावजूद उसका ट्रेड सरप्लस कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका के साथ चीन का ट्रेड सरप्लस 35.6 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बीते माह में चीन का निर्यात पूरे प्रशांत क्षेत्र में मजबूत रहा जबकि आयात सुस्त रहा। आयात के मुकाबले निर्यात ज्यादा रहने से उसका ट्रेड सरप्लस बढ़ गया।अमेरिकी राष्ट्रपति…
नई दिल्ली। मोबाइल एप्लीकेशन आधारित कैब सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी ऊबर टेक्नोलॉजीज ने प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (आइपीओ) के लिए पेपर दाखिल कर दिया है। घटनाक्रम से जुड़े तीन सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। इस नए घटनाक्रम से कंपनी एक अहम पड़ाव के एक कदम और नजदीक पहुंच गई है। उसके आइपीओ पर पूरी सिलिकन वैली (उत्तरी कैलिफोर्निया का वह क्षेत्र जहां अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों के मुख्यालय…
नई दिल्ली। देश के प्रमुख बैंक विशेष तरह के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर आयकर में लाभ देते हैं। इसे टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट या टैक्स सेविंग एफडी के रूप में भी जाना जाता है। इस फिक्स्ड डिपॉजिट का न्यूनतम मैच्योरिटी पीरियड पांच साल और अधिकतम 10 साल का होता है। इस एफडी के तहत निवेशक आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर योग्य आय से 1.5 लाख की सालाना…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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