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जयपुर - राजस्थान के बाड़मेर में रविवार को पंडाल गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई और लगभग 55 अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीएम मोदी ने दुख जताया
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राजस्थान के बाड़मेर में पंडाल का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरे संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी जताया दुख
गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा ' राजस्थान के बाड़मेर में एक पंडाल के गिरने से लोगों की मौत के बारे में जानकर दुख हुआ। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'
सीएम गहलोत ने दुख जताया, राहत व बचाव कार्य जारी
वहीं, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बाड़मेर में राम कथा के दौरान टेंट गिरने से हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने,शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उनके मुताबिक, स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य जारी है। संबंधित अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने, प्रभावितों व उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस तरह हुआ हादसा
राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले के जसोल कस्बे में रविवार शाम को तेज अंधड और बारिश के दौरान रामकथा का पंडाल गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई और 55 घायल हो गए। पंडाल गिरते ही बिजली का करंट फैल गया, जिसके कारण अधिकांश मौत हुई। मृतकों में 12 लोगों की पहचान हुई है। कुछ मौत भगदड़ मचने से भी हुई। रामकथा के दौरान करीब दो हजार में लोग मौजूद थे। बाडमेर जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित जसोल कस्बे में हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। घायलों को पहले तो बालोतरा के स्थानीय नाहटा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन फिर एंबुलेंस और निजी वाहनों से बाड़मेर एवं जोधपुर के सरकारी अस्पताल के लिए रवाना किया गया है। रविवार का अवकाश होने के कारण चिकित्सकों की छुट्टी रद्द कर ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया है। मृतकों में अधिकांश बुजुर्ग शामिल हैं।
जिला कलेक्टर हिंमाशु गुप्ता ने बताया कि मृतकों में नौ महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। इनमें से 13 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और शेष तीन की मौत अस्पताल ले जाते समय हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से टेलिफोन पर बात कर बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए है। गहलोत ने हादसे पर संवेदना जताते हुए दो केबिनेट मंत्रियों रमेश मीणा और सालेह मोहम्मद को तत्काल जसोल पहुंचकर राहत कार्यों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। मृतकों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना पर दुख जताया है।
केवल पतले लोहे के खंभों पर लगाया गया था पंडाल
रामकथा का आयोजन स्थानीय लोगों ने किया था। आयोजकों ने रामकथा के लिए ना तो जिला प्रशासन से मंजूरी ली थी और ना ही मौके पर हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई प्रबंध था। फायर और पुलिस से भी अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर एंबुलेंस भी नहीं थी। एक मंदिर के पास सरकारी स्कूल के खुले मैदान में 200 फीट बड़ा पंडाल भी केवल पतले लोहे के खंभों पर लगाया गया था। बिजली का कनेक्शन भी अस्थाई लिया गया था। रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे अचानाक आए तेज अंधड और बारिश के बीच पांडाल गिर गया, जिससे बिजली के तार नीचे गए और मौके पर करंट फैल गया।
जानकारी के अनुसार, 10 लोगों की मौत करंट लगने से हुई और शेष भगदड़ में मारे गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक सचिन मित्तल, जिला कलेक्टर हिंमाशु गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल, क्षेत्रीय विधायक मदन प्रजापत, पूर्व मंत्री अमराराम, नगर परिषद के रतन खत्री और भाजपा जिला अध्यक्ष महेश चौहान आदि मौके पर पहुंचे।


नई दिल्ली - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी के अध्यक्ष पद नहीं संभालने के दावों के बीच अपनी राय जाहिर की है। मणिशंकर ने कहा कि एक गैर-गांधी कांग्रेस पार्टी का प्रमुख हो सकता है, लेकिन गांधी परिवार को पार्टी में सक्रिय बने रहना चाहिए।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को एक इंटरव्यू में सत्तारू़ढ़ दल पर दोषषारोपण करते हुए कहा कि भाजपा का मकसद 'गांधी मुक्त भारत' बनाना है ताकि यहां 'कांग्रेस मुक्त भारत' बन सके।बेहतर तो यही होगा कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने रहें, लेकिन इसी के साथ राहुल की इच्छा का भी खयाल रखा जाना चाहिए।
नेहरू-गांधी को पार्टी में सक्रिय रहना जरूरी
अय्यर ने कहा-मुझे यकीन है कि कामचलाऊ गैर नेहर-गांधी पार्टी प्रमुख के साथ कांग्रेस का अस्तित्व बना रह सकता है, लेकिन इसके साथ नेहरू-गांधी को पार्टी में सक्रिय रहना जरूरी है। इससे वह पार्टी में कोई गंभीर मतभेद खड़ा होने पर उसका समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल ने पार्टी को एक महीने का वक्त दिया ताकि वह उनके स्थान पर किसी को चुन लें, लेकिन इससे इस मुद्दे पर कांग्रेस के अंदर ही तरह-तरह की काल्पनिक घटनाएं रची जाने लगीं। इससे पार्टी में यह भाव प्रमुखता से उभरा कि राहुल को अपने पद पर बने रहना चाहिए।
नेहरू-गांधी परिवार के लोगों से इतर रहे हैं पार्टी अध्यक्ष
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अटकलबाजी के बजाय मीडिया को धैर्य रखते हुए राहुल गांधी की ओर से दी गई समय-सीमा का इंतजार करना चाहिए। ताकि पता चले कि राहुल का कोई विकल्प है या वह कांग्रेस प्रमुख बने रहेंगे। 78 वर्षीय नेता ने कहा कि पार्टी का पुराना इतिहास रहा है जब नेहरू-गांधी परिवार के लोगों से इतर पार्टी अध्यक्ष (यूएन धेबर से लेकर ब्रह्मानंद रेड्डी तक) रहे हैं। यही मॉडल अब भी अपनाया जा सकता है।
पार्टी फिर से वापसी करेगी
उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि सोनिया गांधी संसदीय दल की नेता हैं और राहुल गांधी हमारे संसदीय दल का हिस्सा हैं, हमें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद राहुल गांधी रहें या कोई और, पार्टी फिर से वापसी करेगी और भारत के आंदोलन के तौर पर अपना मुकाम हासिल करेगी।
लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल ने इस्तीफा देने की थी पेशकश
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विगत 25 मई को कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। लोकसभा चुनाव में पार्टी की केवल 52 सीटें आने पर उन्होंने हार की जिम्मेदारी ली थी। लेकिन सीडब्लूसी ने एक स्वर में उनके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। विगत गुरवार को राहुल ने कहा था कि अगला कांग्रेस प्रमुख कौन होगा यह पार्टी तय करेगी, वह नहीं।

 


भुवनेश्वर - मानसिक रूप से दिव्यांग एक युवक के असहज व्यवहार के कारण रविवार को हैदराबाद से गुवाहाटी जा रहे इंडिगो के एक विमान की भुवनेश्वर में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। बताया जाता है कि मानसिक रूप से दिव्यांग ईसाद अली (20) उड़ते विमान में अपनी सीट बेल्ट खोलकर विमान के गेट पर पहुंच गया और उसे खोलने का प्रयास करने लगा। इससे विमान में सवार अन्य यात्री सहम गए।
इस विमान ने सुबह 4:50 बजे हैदराबाद से उड़ान भरी थी। इसके बाद ईसाद विमान के गेट को खोलने का प्रयास करने लगा। ईसाद के साथ उसके एक रिश्तेदार अब्दुल करीम भी यात्रा कर रहे थे। ईसाद को अब्दुल करीम ने कुछ यात्रियों की मदद से किसी तरह रोका गया। इसके बाद फ्लाइट को भुवनेश्वर ले जाया गया।
करीम ने क्रू मेंबर को बताया कि ईसाद घर जाने की जिद कर रहा है। ऐसी स्थिति में उक्त विमान की सुबह लगभग 6:10 बजे भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद ईसाद को एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां से उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना के कुछ देर बाद में इंडिगो विमान अपने गंतव्य के लिए सुबह 7:10 बजे रवाना हो गया और सुबह 8:30 बजे गुवाहाटी पहुंचा ।

 

 


चेन्नई - मद्रास हाई कोर्ट ने 65 श्रीलंकाई तमिलों को नागरिकता प्रदान करने के लिए एक तर्क देते हुए कहा है कि तमिलनाडु के जिन शरणार्थी शिविरों में ये लोग रहते हैं उनकी स्थिति काफी नरकीय है। बता दें कि ये तमिलियन 1983 के दंगों के दौरान श्रीलंका छोड़कर तमिल नाडू आ गए थे। तभी से लोग भारतीय नागरिकता पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
पिछले हफ्ते ही मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र को इस सिलसिले में 16 हफ्तों के अंदर तमिलों की याचिका पर उपयुक्त आदेश जारी करने के निर्देश दिए थे। ये लोग 1983 के देंगों के दौरान दोनों देशों के बीच मौजूद समुद्र विभाजन की संकीर्ण पट्टी को लांघकर तमिलनाडु आ गए थे। ये लोग तीन दशकों से भी ज्यादा समय से भारतीय नागरिकता पाने की जद्दोजहद में लगे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी इस मांग को अब तक नहीं माना है।
याचिकाकर्ता का दावा है कि वे गिरमिटिया मजदूरों के वंशज हैं जो औपनिवेशिक काल के दौरान श्रीलंका के चाय बागानों में बस गए थे, वे तमिल भाषी हैं और उनके पूर्वज तमिलनाडु से हैं। न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन ने कहा कि इन लोगों ने यह प्रर्दिशत किया है कि उनका इरादा भारत को अपना स्थायी निवास स्थान बनाने का है।
इस तरह के शिविरों में रहने की दशा को "नारकीय" बताते हुए न्यायाधीश ने कहा कि यहां तक कि मंडपम शरणार्थी शिविर में किसी आईपीएस अधिकारी की तैनाती भी सजा मानी जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें शरणार्थी शिविर में लंबे समय तक रहने के लिए कहना भी मानवाधिकारों का हनन है।
याचिकाकर्ताओं कहा कहना है कि उन्होंने तिरुचिरापल्ली जिला कलेक्ट्रेट के माध्यम से नागरिकता के लिए आवेदन किया था लेकिन इन आवेदनों को केन्द्र सरकार के पास नहीं भेजा गया।
न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं को नागरिकता के लिए नई याचिका दायर करने को कहा और जिला कलेक्टर को बिना किसी देरी के इसे केन्द्र सरकार को भेजने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को आवेदन मिल जाने के बाद 16 हफ्तों के अंदर इस पर उचित आदेश पारित करना होगा।


नई दिल्ली - बिहार में चमकी बुखार का प्रकोप कहा जा रहा है, उससे अबतक मुजफ्फरपुर में 146 बच्चों की मौत हो चुकी है। एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार का कोई इलाज अबतक नहीं है। लेकिन अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि एम्स (AIIMS) इस बीमारी(सिंड्रोम) के पीछे के वास्तविक कारणों पर अध्ययन करने जा रहा है। आपको बता दें चमकी बुखार अबतक 'अज्ञात श्रेणी' के तहत सूचीबद्ध है।
अगले महीने एम्स (AIIMS) में शुरू होने वाली इस रिसर्च को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) ने सीएसआर(CSR) गतिविधि के हिस्से के रूप में वित्त पोषित किया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड एडवांस्ड रिसर्च फॉर चाइल्डहुड न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर, एम्स, इन तीव्र और उप-तीव्र एईएस(AES) सिंड्रोम के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए रिसर्च की देखरेख करेगा। इस अध्ययन में क्रोनिक एन्सेफलाइटिस/ एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम जो 1 महीने से 18 साल की उम्र तक के बच्चों को प्रभावित करता है, उसपर ध्यान केंद्रित होगा।
एम्स के पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रमुख प्रोफेसर शेफाली गुलाटी ने कहा, 'हमें एईएस(AES) के मामलों का इलाज बीमारी के बाद करना होगा, हर साल इस बीमारी की वजह से वहां मृत्यु दर बढ़ती जा रही है। यह अध्ययन हमें इस बीमारी के पीछे के सटीक कारण जानने में मदद करेगा।' उन्होंने कहा,' अध्ययन महत्वपूर्ण है क्योंकि एईएस के साथ एम्स आने वाले मरीज न केवल दिल्ली या बिहार से हैं, बल्कि सार्क क्षेत्र भी शामिल है। इस रिसर्च में, डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, दाद, जापानी बी एन्सेफलाइटिस, मेनिन्जाइटिस, ई कोलाई, एच इन्फ्लूएंजा, निमोनिया जैसे वायरस का अध्ययन किया जाएगा।'
लीची के कारण मौतें
उन्होंने कहा, 'एईएस(AES) के मामलों को लीची से जोड़ा जा सकता है, एईएस के कारण जो बच्चे प्रभावित हो रहे हैं, वे ज्यादातर कुपोषित हैं। लीची बीनने वाले बच्चे खेत में जाते हैं और बिना पके फल खाते हैं। बिना पकी लीची में ऐसे टॉक्सिन होते हैं, जो ब्लड शुगर को बहुत कम कर सकते हैं। उनमें ग्लाइकोजन रिजर्व नहीं होता है। गर्म मौसम से लीची में पानी की कमी हो जाती है।'
अबतक नहीं खोजा जा सका है इलाज
बिहार में इस साल एईएस के कारण अबतक 146 बच्चों की मौत हो चुकी है, जो 1993 के बाद सबसे ज्यादा है।
यह दुर्भाग्य है कि तमाम कोशिशों और रिसर्च के बाद भी ऐसी कोई दवाई नहीं बनाई जा सकी जिससे पीड़ित रोगियों का इलाज हो सके। यहां तक कि अभी तक इस बीमारी के पीछे के वायरस की भी पहचान नहीं हो सकी है। बिहार के मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के इलाकों में मई महीने में यह बीमारी बच्चों में हर साल हो जाती है। यह मई से शुरू होकर जुलाई के महीने तक चलती है। उसके बाद यह अपने आप खत्म हो जाती है। बरसात के बाद अचानक यह बीमारी कैसे खत्म हो जाती है ? इसको लेकर भी सवाल है। वैज्ञानिकों ने एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम पर काफी रिसर्च किया लेकिन जो कुछ भी नतीजे सामने आए हैं, वो कुछ नहीं बता पा रहे हैं।


चेंगदू - चीन के दक्षिणपूर्वी सिचुआन प्रांत (China's southwest province of Sichuan) के गोंगक्सीयन काउंटी (Gongxian County) में 5.4 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसमें कम से कम 19 लोग घायल हो गए। स्‍थानीय अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। चाइना अर्थक्‍वैक नेटवर्क सेंटर (China Earthquake Networks Center, CENC) ने बताया कि भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।
समाचार एजेंसी सिन्‍हुआ (Xinhua news agency) के मुताबिक, भूकंप कल रात 10:29 बजे आया। घायलों को इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। पिछले हफ्ते चीन के सिचुआन प्रांत (China southwest Sichuan province) में ही भूकंप के दो तगड़े झटके दर्ज किए गए थे। इनमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 125 अन्‍य घायल हो गए थे।
चीनी भूकंप केंद्र (China Earthquake Centre, CENC) के मुताबिक, पिछले हफ्ते पहला भूकंप सोमवार रात 10 बजकर 55 मिनट (स्‍थानीय समय) पर ईबिन शहर के चांगिंग इलाके में आया था जबकि मंगलवार को सुबह दूसरा झटका महसूस किया गया था जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई थी। भूकंप के बाद सिचुआन प्रांत में दमकल विभाग की 63 गाड़ियां और 302 बचावकर्मी मौके पर तैनात किए गए थे।

 


शोपियां - Shopian Encounter: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एकबार फिर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। कश्मीर के शोपियां जिले में आज सुबह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने 4 आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। दक्षिण कश्मीर के दारमदोरा कीगम इलाके में हुई इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनकी घेराबंदी की। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने इस दौरान आतंकवादियों के ठिकाने को उड़ा दिया। सुरक्षाबलों का आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन खत्म हो गया है।
बता दें, एनकाउंटर के दौरान शुरुआत में दो आतंकियों के मारे जाने की सूचना आ रही थी।लेकिन बाद में सुरक्षाबलों के सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और आतंकियों को शव बरामद किए गए। इसके साथ ही मुठभेड़ वाले इलाके से भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार बरामद किए गए हैं।
सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने शोपियां के दारमदोरा इलाके में एक घेरा और तलाशी अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि जब सेना तलाशी ले रही थी, तब छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की। अधिकारी ने कहा कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी बंद कर दी।
मारा गया पाकिस्तानी आतंकी
इससे पहले शनिवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के बोनियार के बुजथलन इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। एसएसपी बारामुला के मुताबिक मारा गया आतंकी पाकिस्तान का है और उसका संबंध पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से है। मारे गए आतंकवादी की पहचान लुकमान के तौर पर हुर्इ है। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा यह आतंकवादी पिछले एक साल से उत्तरी कश्मीर में सक्रिय था।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के बाद सेना और एसओजी के साथ बारामुला की 6 जैकलाई की एक संयुक्त टीम ने बुजथलन इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। सुरक्षाबलों को आता देख पाकिस्तानी आतंकी ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाईं। सुरक्षाबलों ने गोलीबारी का जवाब दिया आैर पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया। आतंकी के मरने के बाद सुरक्षाबलों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर ली आैर तलाशी अभियान चलाया।

 


चेन्नई - मद्रास हाई कोर्ट ने एक दूरगामी फैसले में कहा है कि दुष्कर्म पीडि़ता को अपने अवांछित गर्भ से छुटकारा पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इस संबंध में डॉक्टरों को सिर्फ मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए।
दिशा निर्देशों के मुताबिक, अगर गर्भावस्था 20 हफ्ते से ज्यादा की नहीं है तो डॉक्टर गर्भपात कर सकता है। लेकिन दुष्कर्म के मामलों में गर्भपात से पहले गर्भ का डीएनए टेस्ट कराया जाना अनिवार्य है। अगर महिला गर्भावस्था के 20 हफ्ते बाद गर्भपात कराना चाहती है तो उसे हाई कोर्ट की अनुमति हासिल करना जरूरी है जो मामला मेडिकल बोर्ड को संदर्भित करेगा।
जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार और डॉक्टरों की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में डॉक्टरों और अदालतों को ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है और उन्हें तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। पीडि़ता के गर्भ में ऐसा भ्रूण होता है जो उसे दुष्कर्म के दौरान हुई यातना की लगातार याद दिलाता है और वह हर क्षण मानसिक यातना और अवसाद से गुजर रही होती है।


बीजिंग - चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग (China's President Xi Jinping) इस हफ्ते जापान में जी-20 शिखर सम्‍मेलन (G20 summit) शामिल होंगे। यह सम्‍मेलन जापान (Japan) के ओसाका में 27-29 जून को आयोजित होने जा रहा है। अपनी यात्रा के दौरान चीनी राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के साथ बैठक करेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्‍हुआ के मुताबिक, इस संभावित मुलाकात में दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापार युद्ध (US-China trade war) हल निकाला जा सकता है। इस बैठक का उद्देश्‍य अमेरिका द्वारा चीन के और 300 अरब डॉलर के निर्यात पर शुल्क लगाने के कदम को रोकना माना जा रहा है। इस विषय पर समाचार एजेंसी की और से विस्‍तृत जानकारी नहीं दी गई है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता लु कांग ने रविवार को अपने बयान में कहा कि राष्‍ट्रपति चिनफिंग जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के न्‍यौते पर जी-20 की 14वीं बैठक में शिरकत करने जा रहे हैं। बता दें कि इस बैठक से पहले भी 18 जून को ट्रंप और शी के बीच लंबी बातचीत हुई थी। इसमें व्यापार विवाद को हल करने पर बातचीत भी हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था।
बता दें कि इस सम्‍मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्‍सा लेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार के मुताबिक, यह छठा मौका होगा, जब प्रधानमंत्री मोदी जी-20 सम्‍मेलन में भाग ले रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ता में हिस्‍सा लेंगे। हालांकि इस बारे में भी विस्‍तार से कोई जानकारी अभी नहीं दी गई है। जी-20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका समेत अन्‍य देश शामिल हैं।


काबुल - अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार को अफगान सेना और तालिबानी आतंकियों के बीच गोलीबारी में 5 तालिबानी आतंकी मार गिराए गए हैं। यह गोलीबारी अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत ताखर में हुई। इस गोलीबारी में चार अन्य लोग घायल भी हो गए। सेना के प्रवक्ता अब्दुल हादी जमाल के मुताबिक, 'ताखर प्रांत के चहाब जिले में सुबह यह गोलीबारी हुई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार तीन सुरक्षाकर्मियों को भी चोटें लगी हैं। इस गोलीबारी के बाद तालिबान की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
बता दें, अफगानिस्तान इनदिनों तालिबान और इस्लामिक स्टेट (ISIS) की गतिविधियों के कारण अस्थिर राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति का सामना कर रहा है। अफगान नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोर्सेज (ANDSF) देशभर में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए संयुक्त ऑपरेशंस चलाती है।
इससे पहले शनिवार को पुलिस और तालिबानी आतंकियों के बीच हुई एक हिंसा में झड़प में 12 तालिबानी आतंकवादियों और दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। तगाब जिले में हुई झड़प के बाद 12 आतंकवादियों को पुलिस ने मार गिराया था, लेकिन इस दौरान 2 पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई। गुरुवार रात पुलिस और आतंकियों के बीच ये हिंसक झड़पें शुरू हुई थीं, जो शुक्रवार दोपहर तक चलीं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तालिबानी आतंकवादी इस हिंसा के बाद सभी 12 आतंकियों के शवों को छोड़कर भाग गए। इस झड़प में दो सुरक्षाकर्मियों और सहित 10 अन्य लोगों की भी इस झड़प के बीच मौत हो गई और पांच सुरक्षाकर्मी और पांच आतंकी समेत 10 अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने हिंसकर झड़प के बाद कहा कि आतंकवादियों का सफाया करने के लिए सफाई अभियान जारी है।

 

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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