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एन.वाई.पी.डी. में भर्ती हेतु विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन रिचमंड हिल्स की 114 नम्बर स्ट्रीट में बाबा मक्खन शाह गुरुद्वारा साहिब एवं जी. 118 में किया गया। (चित्रों में) भर्ती हेतु जागरूक करते हुए गण्यमान्य। (बलदेव सिंह,BJ Studio)


न्यूयॉर्क (हम हिन्दुस्तानी)-लंदन में स्थित आधुनिक और समकालीन कला के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक टेट मॉडर्न द्वारा 28 जुलाई से 18 अगस्त तक योग की कक्षाएं प्रदान करने घोषणा का हिंदू समुदाय द्वारा स्वागत किया गया है। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए यूनिवर्सल सोसायटी ऑफ हिंदूज्म के अध्यक्ष राजन जैद ने कहा कि संग्रहालय द्वारा उठाया गया कदम सकारात्मक कदम है जिससे अन्य संग्रहालयों को भी प्रेरणा मिलेगी और योग और अधिक प्रफुल्लित होगा। श्री जैद ने कहा कि योग जिसे एक जीवत जीवाश्म कहा जाता है, एक मानसिक और शारीरिक अनुशासन था क्योंकि सभी को साझा करने और लाभ लेने हेतु, जिनके निशान सिंधू घाटी सभ्यता के लिए 2,000 ईसा पूर्व वापस आ गए थे, सराहनीय है। उन्होंने साथ ही अन्य संग्रहालय प्रबंधकों से भी मांग की कि वे योग को बढ़ावा देने हेतु आगे आएं।

पीकॉक एक्ट लगाने की प्रक्रिया का विरोध
हिंदूओं ने आस्ट्रेलिया राजधानी क्षेत्र में पीकॉक एक्ट लगाने की प्रक्रिया का विरोध किया है। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए यूनिवर्सल सोसायटी ऑफ हिंदूज्म के अध्यक्ष राजन जैद ने कहा कि बहुसंख्यक इच्छाओं के खिलाफ पीकॉक मैनेजमैंट जारी करना निंदनीय है क्योंकि ऐसा करने से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचेगी। श्री जैद ने सरकार से पूछा है कि क्या सरकार एक्ट के लोकतांत्रिक संस्थानों में बहुमत के नियम को समझ नहीं पाई है? जेड ने आगे कहा कि हिंदुओं के अलावा, मोरों को एक्ट कम्युनिटी के एक बड़े क्षेत्र में काफी समर्थन मिला, जो रंगीन आंखों और उनके जटिल नृत्य वाले पंखों के साथ अपने इंद्रधनुष हरे और नीले लंबे पूंछ गुप्त (ट्रेन) की सराहना करते हुए मोर पसंद करते थे। राजन जैद ने कहा कि अधिनियम मोर आबादी के पर्यावरणीय प्रभाव नगण्य होने की संभावना है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया में कहीं भी पर्यावरण कीट घोषित नहीं किया गया था। इसके अलावा, उनकी गतिविधियों को प्रासंगिक राष्ट्रमंडल या अधिनियम सरकारी कानून के तहत एक प्रमुख धमकी प्रक्रिया या कीट प्रजातियों के रूप में पहचाना नहीं गया था। वे अधिनियम की सामाजिक या आर्थिक संपत्तियों को अस्वीकार्य नुकसान नहीं पहुंचा रहे थे।

बीयर की बोतल पर भगवान श्री गणेश की तस्वीर लगाने से हिंदूओं में आक्रोश
एक बार फिर से हिंदूओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ की गई है। अब लैटिना स्थित शराब तैयार करने वाली बिरफिओ पोंटिनो द्वारा बीयर की बोतल पर भगवान श्री गणेश की तस्वीर प्रकाशित की है, जिससे हिंदूओं में भारी रोष पाया जा रहा है। यूनिवर्सल सोसायटी ऑफ हिंदूज्म के अध्यक्ष राजन जैद ने उक्त कम्पनी के प्रबंधकों को शीघ्र बीयर की बोतल से भगवान श्री गणेश की तस्वीर हटाने एवं सार्वजनिक रूपसे माफी मांगनें को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उन्हें संघर्ष करने हेतु विवश होना पड़ेगा और जिसकी जिम्मेदारी कम्पनी प्रबंधकों की होगी।


फेथ फोरम के 7 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक प्रार्थना सभा आयोजित
नेवाद (हम हिन्दुस्तानी)-फेथ फोरम के 7 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में विभिन्न धर्मों एवं सम्प्रदायों से संबंधित धार्मिक नेताओं ने एक स्थल पर एकत्रित होकर सामूहिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया। उल्लेखनीय है कि साप्ताहिक फेथ फोरम पुलित्जर विजेता है तथा अब यह 8 वर्ष में प्रवेश कर गई है। इस अवसर पर विशेष रूप से वल्र्ड इंटरफेथ लीडर अवार्उ से सम्मानित यूनिवर्सल सोसायटी ऑफ हिंदूज्म के अध्यक्ष राजन जैद उपस्थित हुए तथा उन्होंने सामूहिक प्रार्थना सभा की अध्यक्षता करते हुए गायत्री मंत्रोच्चारण के साथ प्रार्थना सभा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ अन्य धर्मों एवं सम्प्रदायों से फादर रॉबर्ट डब्ल्यू. चोरि, फादर चाल्र्स टी. दुरांटे, मोनिक जैकब्स, लॉरी ऐनी रेनहार्ट, डा. स्टीव बांड, ब्रायन स्मिथ, डा. शेरिफ ए. एल्फस, स्टीफन आर. करचर, मैथ्यू टी. फिशर, रब्बी एलिजाबेथ, वेबब बेयर, शारला एस. हेल्स तथा रयान डे संतों आदि ने भाग लिया। इस अवसर पर राजन जैद ने सम्बोधित करते हुए कहा कि धर्म जटिल है, धर्म शक्तिशाली है, धर्म अपनी खुद की विशेष परंपरा से कहीं अधिक है। धर्मों के बीच अंत:क्रियाएं और परस्पर निर्भरताएं हैं और मतभेद हैं। अगर हम गहरी खुदाई करते हैं, तो हम पाएंगे कि संघर्ष में हमारे मुकाबले ज्यादा आम है। यह व्यापक रूप से पढ़ा गया स्तंभ रचनात्मक वार्तालाप के लिए समर्पित है और इस संवाद प्रयास ने समुदाय में अधिक पारस्परिक समझ और विश्वास और वफादारी लाई है।


*2019 में कांग्रेस की सरकार बनाने पर की चर्चा
न्यूयॉर्क (हम हिन्दुस्तानी)-पूर्व संसद सदस्य एवं एन.आर.आई. मधु यशकी एवं आमदार रेवंत रैड्डी के न्यू जर्सी पहुंचने पर इंडियन नैशनल ओवरसीज कांग्रेस (यू.एस.ए.) के तेलंगाना चैप्टर की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर रॉयल अल्बर्ट पैलेस में आयोजित किए गए स्वागती समारोह में जहां उपस्थिति अतिथियों का स्वागत किया गया वहीं पर उपस्थिति को उनसे रू-ब-रू भी करवाया गया। इस अवसर पर तेलंगाना में टी.आर.एस. की सरकार की कमियों के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की गई तथा तेलंगाना सरकार द्वारा लिए जा रहे लोक विरोधी फैसलों के संदर्भ में उपस्थिति को अवगत करवाय गया। इस अवसर पर तेलंगाना चैप्टर के अध्यक्ष प्रदीप सुवर्ण ने मधु यशकी व रेवंत रैड्डी से भविष्य में तेलंगाना के नेतृत्व पर चर्चा की जबकि चैतन्य रैड्डी ने विशेष रूप से बेंगलुरु की बजाय हैदराबाद में यू.एस. कांसुलेट को नियुक्त करने के साथ-साथ तेलंगाना में नौकरी मेला आयोजित करने पर अपने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपरोक्त नेताओं द्वारा 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों के संदर्भ में खुलकर बात की तथा कहा कि सभी को एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी को सत्ता में लाने हेतु अभी से कोशिशें करनी होंगी। इस अवसर पर उपस्थिति कांग्रेस पदाधिकारियों ने श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने के लिए एक प्लेटफार्म पर एकत्रित होने का आह्वान किया तथा साथ ही कहा कि इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि 2019 में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। इस अवसर पर नेताओं द्वारा कुछेक प्रश्नों के भी उत्तर दिए गए तथा रात्रि भोज का सभी ने मिलकर लुत्फ उठाया।


भारत के लोकतंत्र व न्याय शास्त्र प्रणाली पर एक काला अध्याय लिखने की सरकार की कोशिश
न्यूयॉर्क (हम हिन्दुस्तानी)-इंडियन ओवरसीज कांग्र्रेस यू.एस.ए. के वाइस चेयरमैन जॉर्ज अब्राहिम ने कहा कि शशि थरूर जोकि सांसद हैं, के खिलाफ दर्ज अदालती मामला कुछ भी नहीं अपितु राजनीतिक द्वेष भावना से प्रेरित है, जोकि बहुलवाद और लोकतंत्र की मजबूत और स्थित आवाज को दबाने हेतु रचना गए षड्यंत्र है। श्री अब्राहिम ने कहा कि भाजपा सरकार भी इसमें संलिप्त है क्योंकि सरकार ने कानून एवं प्रवर्तन एजैंसियों को विपक्ष के नेताओं को राजनीतिक द्वेष भावना का शिकार बनाकर प्रताडि़त करने हेतु विशेष आदेश जारी किए हैं ताकि उन्हें राजनीतिक से बेदखल करके देश पर एकछत्र राज किया जा सके। श्री अब्राहिम ने कहा कि शशि थरूर, जिन्हों बतौर महासचिव के रूप में अपना कार्य शुरू किया गया और संयुक्त राष्ट्र में भी उन्होंने शीर्ष पद पर कार्य किया। यही कारण है कि वे जहां एक उत्साहित वकील है वहीं पर एक विद्वान, विचार और लेखक भी हैं जोकि पूरी दुनिया में सम्मानीय हैं। श्री थरूर की पत्नी की मौत वास्तव में दुखद घटना है लेकिन सरकार द्वारा इसे राजनीतिक रंगत देखकर अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश की जा रही है जोकि भारत के लोकतंत्र व न्याय शास्त्र प्रणाली पर एक काला अध्याय है। यदि वास्तविक लोकतंत्र जीवित रखना है, तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रतिस्पर्धी राजनीतिक दलों की स्वतंत्रता होनी चाहिए जो भय या प्रतिक्रिया के बिना लोगों के आत्मविश्वास के लिए तैयार होंगी। हालांकि, भारत में आज फोरबोडिंग की बढ़ती भावना उस देश को पकड़ रही है जहां सत्तारूढ़ दल ने भारत को 'कांग्रेस मुक्त' बनाने की कसम खाई है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का बढ़ता अभियोजन एक परिपक्व लोकतंत्र का संकेत नहीं है। बीजेपी ने सत्ता संभालने के बाद हजारों किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें से कुछ मौतों को सीधे वर्तमान सरकार की गुमराह नीतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है जिसमें राक्षस शामिल है। शायद, यह पूछने का समय है कि इन गरीब किसानों की मौत किसने की है?


-एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों का भी किया ऐलान
कोलम्बस (ओहियो) (हम हिन्दुस्तानी)-ग्रेटर कोलम्बस कन्वैंशन हाल में आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन की वार्षिक 36वीं कन्वैंशन के अंतिम सत्र में नई टीम ने पदभार संभाल लिया। 1700 डैलीगेट्स के समक्ष डा. नरेश पारेख, जोकि प्रसिद्ध काॢडयोलॉजिस्ट, उद्योगपति एवं कम्युनिटी कार्यकत्र्ता हैं, ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। इसके अलावा उनकी टीम में डा. सुरेश रैड्डी प्रैजीडैंट (इलैक्स), डा. सुधाकर वाइस प्रैजीडैंट, डा. अनुपमा गोटीमुकुला सचिव, डा. अंजना समादर कोषाध्यक्ष एवं डा. अजीत कोठारी को चेयरमैन ऑफ दि बोर्ड ऑफ ट्रस्टी नियुक्त किया गया। इस चुनी गई नई टीम को समूह डैलीगेट्स के प्रतिनिधियों ने शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए नवनियुक्त अध्यक्ष डा. नरेश पारेख ने कहा कि वे समूह पदाधिकारियों को साथ लेकर अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन को नए पथ की ओर अग्रसर करने के साथ-साथ जो भी कार्य शुरू किए हैं, को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समूह नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं पूर्व पदाधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर जहां योजना को क्रियान्वयन किया जाएगा वहीं पर अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन को कैसे उन्नति के पथ पर ले जाना है, के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि न रह जाए। उन्होंने कहा कि डा. समादर के नेतृत्व में अनेकों कार्य किए तथा उनके नेतृत्व में बहुत कुछ सीखने को भी मिला तथा उनकी सेवाओं को अब भी निरंतर लिया जाएगा ताकि नेतृत्व शक्ति में कोई कमी न रह जाए। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डा. समादर ने भी नई टीम को बधाई दी तथा कहा कि उनकी सेवाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी तथा वे एसोसिएशन को और अधिक बुलंदियों पर ले जाएं। इस अवसर पर डा .पारेख ने एसोसिएशन द्वारा किए गए कार्यों के संदर्भ में भी विस्तृत जानकारी दी तथा भविष्य में किए जाने वाले कार्यों के संदर्भ में उपस्थित डैलीगेट्स को रू-ब-रू करवाया। इस अवसर पर पूर्व बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के चेयरमैन डा. अशोक जैन ने भी सम्बोधित किया तथा कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई थी, को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निभाया तथा एसोसिएशन को और अधिक बुलंदियों तक पहुंचाने हेतु नई टीम को उनका सहयोग इसी तरह से जारी रहेगा। उन्होंने नवनियुक्त चेयरमैन डा. कोठारी को शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। अंत में नवनियुक्त अध्यक्ष ने समूह डैलीगेट्स को  अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन की 37वीं वार्षिक कन्वैंशन जोकि अटलांटा में 3 जुलाई 2019 को आयोजित होगी, के लिए आमंत्रित किया। इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि ग्लोग हैल्थकेयर समिट मुम्बई में 28 से 30 दिसम्बर 2018 को आयोजित होगी।

इन्हें किया गया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले  अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन के सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिनमें डा. अतुल मेहता, डा. अमित चक्रवर्ती, डा. जय भट्ट, डा. राहुल धमानिया, डा. कन्नौज पटेल तथा डा. अमु सुशीला शामिल हैं।


*श्री श्री रविशंकर ने विश्व भर के फिजिशियंस को योग व साधना से करवाया रू-ब-रू
*उपस्थिति को एसोसिएशन के कार्यों से करवाया अवगत
कोलम्बस (ओहियो) (हम हिन्दुस्तानी)- अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन की वार्षिक 36वीं कन्वैंशन के दूसरे चरण में भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जहां विशेषातिथि के रूप में उपस्थित हुए वहीं पर भाजपा नेत्री एवं संसद सदस्य व अभिनेत्री हेमामालिनी मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। ग्रेटर कोलम्बस कन्वैंशन सैंटर में में आयोजित इस कन्वैंशन में विशेष रूप से शामिल किए गए ध्यान एवं आध्यात्मिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने जहां उपस्थिति को योग की महत्ता के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी वहीं पर उन्होंने ध्यान की महत्ता से भी रू-ब-रू करवाया। इस अवसर पर अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन के सदस्यों एवं पदाधिकारियों को योग एवं ध्यान की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि जब सत्व की वृद्घि होती है तो सजगता, ज्ञान, बुद्घि, प्रसन्नता, आनंद, समता, शांतता इन सब की जीवन में वृद्घि होती है। जब रजस की वृद्घि होती है तो अशांतता, इच्छा और तृष्णा की शुरुआत होती है। यह कुछ हद तक अपने साथ दु:ख को भी लाती है। जब तमो गुण बढ़ता है तो उदासी, निद्रा, आलस, निरुत्साह आता है जीवन में यह तीन गुण चलते रहते हैं। एक ही दिन में कुछ समय आप महसूस करते हैं कि सत्व गुण बढ़ गया है या किसी प्रहर में तमो गुण और किसी समय में रजो गुण बढ़ गया है। जब आप ध्यान में बैठे हैं तो कुछ क्षण सत्व गुण के आएंगे और आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे। और कुछ ही क्षणों उपरांत रजो गुण या तमो गुण आ जाएगा और आप अपनी ऊर्जा में बदलाव महसूस करेंगे। इसका उल्टा भी हो सकता है। कभी-कभी तमो गुण आ जाता है और जब आप उससे निकल जाते हैं तो सत्व गुण बढ़ जाता है। फिर आप अच्छा महसूस करते हैं। ज्ञानी व्यक्ति इसके कारण लडख़ड़ाता नहीं है। वह अपने आपको उनसे परे देखता है। वह यह भी जानता है इनमें से किसी गुण की उपस्थिति उसके मन की अवस्था पर प्रभाव डालेगी इसलिए उसे अपने मन को धोना है। उन्होंने कहा कि स्वयं में इस शुद्ध अस्तित्व की समझ को विकसित करने के लिये यह आवश्यक है कि हम अपने मन का स्नान करवाएं। जैसे हम अपने शरीर को स्नान देते हैं,या वस्त्र गंदे होते हैं तो उन्हें फिर से धोते हैं, हमारा मन इसी के समान हैं। जैसे आपको अपनी स्वच्छता बरकरार रखने के लिये निरंतर स्नान करना पड़ता है, आपको अपने मन को भी स्नान देना चाहिए। कोई यह नहीं कहता कि वे सिर्फ तभी स्नान करेंगे जब वहां अस्वच्छता है। कोई भी बार-बार यह नहीं सोचेगा कि उसे स्नान करना है कि नहीं। हमारा शरीर स्वच्छ या अस्वच्छ है, फिर भी हम प्रतिदिन स्नान करते हैं। यदि आपके हाथ में मिट्टी लग गई है और तो क्या आप बैठकर रोने लगते हैं? नहीं। आप तुरंत जाकर साबुन लगाकर अपना हाथ साफ कर लेते हो। यदि गंद काफी कठोर है और आसानी से नहीं निकल रहा है तो आप घिसकर हाथ को साफ करते रहेंगे। उसी तरह हमें निरंतर हमारे मन की गदंगी को साफ करने की आवश्यकता होती है। मन उसी तरह से बना हुआ होता है। यहां पर ध्यान मदद करता है। वह मन को स्वच्छ रखने में सहायक है। मन में हर समय खुशी और उदासी आती रहती है और वह उत्पन्न होते हुए चली भी जाती है। उन्होंने कहा कि थोड़ी देर बैठ जाए और कुछ समय के लिए ध्यान, प्राणायाम, भजन और प्रार्थना करें। अब मन पर ध्यान दें तो आप यह पाएंगे कि वह धुल गया है और फिर से स्वच्छ हो गया है। श्री श्री रविशंकर ने कहा कि ध्यान के द्वारा भूतकाल के सारे क्रोध और पूर्व की घटनाओं से निकला जा सकता है। ध्यान यानि वर्तमान क्षण को स्वीकार करना और हर क्षण को गहराई के साथ पूरी तरह जीना। इससे पूर्व अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन के अध्यक्ष डा. गौतम समादर ने जहां कन्वैंशन में उपस्थिति अतिथियों का स्वागत किया वहीं पर उन्होंने अपने सम्बोधन में प्राचीन परम्पराओं के महत्व पर जोर दिया। अंत में उन्होंने जहां कन्वैंशन के उपस्थित अतिथियों को सम्मानित किया वहीं पर कन्वैंशन के सफल आयोजन हेतु समूह पदाधिकारियों व सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया।

ये रहे उपस्थित और इन्होंने किया सम्बोधित
कन्वैंशन में उपरोक्त के अतिरिक्त डा. नरेश पारेख (इलैक्ट) प्रैजीडैंट, डा. सुरेश रैड्डी वाइस प्रैजीडैंट, डा. सुधाकर सचिव, डा. अनुपता गोटीमुकुला कोषाध्यक्ष, डा. अशोक जैन चेयरमैन ऑफ दि बोर्ड ऑफ ट्रस्टी, डा. विमला एम. सिंह के अलावा भारी संख्या में गण्यमान्य उपस्थित थे। अपने सम्बोधन में डा. नरेश पारेख ने अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन द्वारा किए गए कार्यों के संदर्भ में उपस्थिति को जानकारी दी तथा कहा कि भविष्य में भी अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन द्वारा इसी तरह से कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा।

अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय : हेमामालिनी
जरूरतमंदों की सेवा करना व आपदा के शिकार लोगों की मदद हेतु हमेशा तैयार रहना है और नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने को ही सर्वोत्तम सेवा का दर्जा दिया गया है। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन द्वारा जो ये कार्य किए जा रहे हैं, सराहनीय है, जिनकी जितनी भी तारीफ की जाए बहुत ही कम है। इस बात का उल्लेख बॉलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री एवं संसद सदस्य हेमामालिनी ने अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन की वार्षिक कन्वैंशन को सम्बोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन के कार्यों में उनकी ओर से भी बहुमूल्य योगदान डाला जाएगा।


*कुमारी माधवी मुदगल ने ओडि़शी नृत्य पेश करके समां बांधा
न्यूयॉर्क (हम हिन्दुस्तानी) भारतीय-अमेरिकन युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य से रू-ब-रू करवाने हेतु न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बसैडर संदीप चक्रवर्ती की अध्यक्षता में शुरू किए गए 'बैठक @ कांसुलेट' कार्यक्रम के तहत भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य से संबंधित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शृंखला का यह तीसरा क्रम था, जिसमें कुमारी माधवी मुदगल ने ओडि़शी नृत्य पेश करके समां बांध दिया। इस अवसर पर उनके साथ आरूषि मुदगल, श्लाका राय, शोभा बिष्ट, दीपिका बिष्ट तथा कृतिका ने भी साथ देकर खूब रंग बांधा तथा उपस्थिति शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य से रू-ब-रू करवाया। पौराणिक गुरु केलूचरण महापात्रा के एक प्रमुख शिष्य सुश्री मुद्गल को उनके कला रूप में एक बहुत परिष्कृत संवेदनशीलता लाने का श्रेय दिया जाता है। कांसुलेट रूम जहां शास्त्रीय संगीत से गूंज उठा वहीं पर उपस्थिति का खूब मनोरंजन किया गया। अंत में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर संदीप चक्रवर्ती द्वारा सभी अतिथियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अपने सम्बोधन में उन्होंने शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की महत्ता बताई तथा कहा कि समय की मांग है कि युवाओं को भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ा जाए। इस तरह ये कार्यक्रम दिलों में अमिट यादें छोड़कर सम्पन्न हो गया।


न्यूयॉर्क/मुम्बई (हम हिन्दुस्तानी)-टाइम्स नैशनल अवार्ड फॉर मार्कीटिंग एक्सीलैंस में एरोज़ डिजीटल की सी.ई.ओ. ऋषिका लूला सिंह को 'वूमैन लीडरशिप इन इंडस्ट्री' के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड उन्हें उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों हेतु प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि ऋषिका लूला सिंह के नेतृत्व में एरोज नाऊ, एरोज इंटरनैशनल द्वारा लोगों की मांग पर साऊथ एशियन एंटरटेनमैंट विडियो सॢवस को जहां बढ़ावा दिया वहीं पर एरोज नाऊ द्वारा जहां मात्र 25 प्रतिशत रैवेन्यू प्राप्त किया था वहीं पर अब यह सिर्फ डिजिटल प्लेटफार्म से ही प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा इस समारोह में मुन्ना माइकल फिल्म को बैस्ट सोशल मीडिया मार्कीङ्क्षटग कम्पेन के अवार्ड से नवाजा गया। इस संदर्भ में बातचीत करते हुए ऋषिका लूला सिंह ने कहा कि मुझे बहुत ही खुशी है कि मेरे द्वारा किए गए कार्य हेतु मुझे इस अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह से कार्य किया जाएगा ताकि लोगों का अधिक से अधिक मनोरंजन किया जा सके।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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