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काबुल। अफगानिस्‍तान में तालिबान के प्रभुत्‍व से गदगद पाक‍िस्‍तान को करारा झटका लगा है। अफगानिस्‍तान में मनमानी का ख्‍वाब देख रहे पाक के लिए यह जोरदार झटका है। उधर, भारत की कूटनीतिक पहल रंग लाई है। तहरीक-ए-तालिबान के इस बयान से भारत की कुछ चिंता जरूर कम हुई होगी। तालिबान ने भारत से निष्पक्ष रहने की अपेक्षा जताई है और अफगानिस्तान के लोगों का साथ देने की अपील की है, न कि किसी थोपी हुई सरकार का। तालिबान ने कहा हम उम्मीद करते हैं कि तालिबान और अफगानिस्तान के संघर्ष में भारत निष्पक्ष रहेगा।

तालिबान प्रवक्ता सुहैल शाहीन का पाक को दो टूक;-तहरीक-ए-तालिबान अफगानिस्तान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने दो टूक कहा है कि पाकिस्तान तालिबान पर तानाशाही नहीं चला सकता और न ही अपने विचारों को थोप सकता है। शाहीन ने भारत से इस मामले में निष्पक्ष रहने की अपेक्षा जताई है। सुहैल के इस बयान से अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के निकलने के बाद तालिबान के साथ मिलकर अपनी मनमानी करने का ख्वाब देख रहे पाकिस्तान को करारा झटका लगा है।

हम पर तानाशाही नहीं चला सकता पाक;-पाकिस्तान के जियोन्यूज को दिए एक साक्षात्‍कार के दौरान सुहैल से जब पूछा गया कि क्‍या तालिबान पाकिस्तान की नहीं सुनना चाहता। इस पर उन्‍होंने कहा कि हम आपस में भाईचारे का रिश्ता चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि पाक‍िस्‍तान शांति प्रक्रिया में हमारी मदद कर सकते हैं, लेकिन हम पर तानाशाही नहीं चला सकते। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान हम पर कोई विचार नहीं थोप सकता। यह अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के खिलाफ है।

अफगानिस्तान की मिट्टी का इस्तेमाल कोई शख्स या संगठन नहीं कर सकेगा:-तालिबान प्रवक्‍ता ने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान की मिट्टी का इस्तेमाल किसी शख्स या संगठन को नहीं करने दिया जाएगा। तहरीक-ए-तालिबान ने कहा कि इस्लामिक एमिरेट की एक ही नीति है। तालिबान का यह बयान इसलिए खास है क्‍यों कि हाल में एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों के साथ मिलकर अफगानिस्तान में जंग लड़ रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियां तालिबान के साथ अफगानिस्तान में भी सक्रिय हैं और पाकिस्तान के अंदर उसे ट्रेनिंग दे रही हैं। ऐसा ही सवाल अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति गनी ने किया था कि तालिबान की जंग देश के लिए है या किसी बाहरी के कहने पर चल रही है।

भारत से निष्पक्षता की उम्मीद:-तालिबान प्रवक्‍ता ने भारत के प्रतिनिधियों से मुलाकात का खंडन किया है। दरअसल, कुछ दिन पहले कतर के विशेष दूत ने दावा किया था कि भारतीय अधिकारियों ने दोहा में तालिबान प्रतिनिधियों से मुलाकात की।उन्‍होंने यह उम्मीद जताई है कि तालिबान और अफगानिस्तान के संघर्ष में भारत निष्पक्ष रहेगा। वह किसी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने अफगानिस्‍तान सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं और मौजूदा सरकार जबरदस्ती आई हैं।

भारत की क्‍या है चिंता:-गौरतलब है कि अमेरिका के अफगानिस्‍तान से हटने पर भारत समेत दुनियाभर में तालिबान राज को लेकर चिंता जताई जा रही है। भारत में इस बात को लेकर चिंता है कि कहीं तालिबान-पाकिस्‍तान-चीन की तिकड़ी जम्‍मू-कश्‍मीर में बड़ा संकट न बन जाए। यह तिकड़ी भारत की सुरक्षा और अफगानिस्‍तान में भारतीय निवेश के लिए बड़ा संकट उत्‍पन्‍न कर सकती है।

तालिबान ने कहा चीन हमारा दोस्‍त;-एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने कहा है कि वह चीन को अफगानिस्तान का दोस्त मानता है। तालिबान ने कहा है कि वह शिनजियांग प्रांत में उइगर इस्लामिक आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देगा। इसके अलावा चीन के निवेश की सुरक्षा का भी वादा किया है। तालिबान के इस बयान से चीन ने जरूर राहत की सांस ली होगी। अमेरिकी सेना के हटने के बाद से तालिबान ने अफगानिस्‍तान के आधे से अधिक हिस्‍से पर कब्‍जा कर चुका है। अफगानिस्‍तान में तालिबान और अफगान सैनिकों के बीच अभी भी सत्‍ता संघर्ष की जंग जारी है।

जोहानिसबर्ग। गरीबी और असमानता पर लोगों के गुस्से के चलते दक्षिण अफ्रीका में कई इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है। प्रदर्शनकारियों और लुटेरों ने मंगलवार को एक शापिंग मॉल को लूटपाट कर उसमें जमकर तोड़फोड़ की।सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सरकार यह सुनिश्चित करने में लगी है कि हिंसा और लूट की घटनाएं और नहीं बढ़ें। सरकार के मंत्री भेकी सेले ने कहा कि कोई कितना भी नाखुश हो या उसके निजी हालात कैसे भी हों, इससे उसे लूटपाट करने का हक नहीं मिल जाता है।उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को सरकारी भ्रष्टाचार से जुड़े अदालत की अवमानना मामले में जेल भेजा गया है। उन्हें जेल भेजे जाने के बाद ही इसके विरोध में हिंसा भड़क गई है। लोगों में कोविड-19 के चलते लगाए गए प्रतिबंधों को भी लेकर नाराजगी है क्योंकि इससे उन्हें भारी आर्थिक हानि का भी सामना करना पड़ रहा है।समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार राज्य और प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार इन हिंसक प्रदर्शन के दौरान 30 लोग मारे गए हैं, गौतेंग में चार और क्वाज़ुलु-नताल में 26 लोग मारे गए हैं। हालांकि, मंत्री सेले ने आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या 10 बताई है।

 

हिंसा में काबू पाने  के लिए पुलिस ने चलाईं रबर की गोलियां;-हिंसक प्रदर्शन को लेकर लोग दुकानें, पेट्रोल पंप और सरकारी इमारतें बंद करने को मजबूर हैं। लुटेरों ने बीयर और खाद्य पदार्थों से लेकर घरेलू उपकरणों तक का सामान तक लूट लिए। वीडियो फुटेज में देखा गयए कि एक शॉपिंग मॉल को पूरी तरह से लूट लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस ने रबर की गोलियों से जवाब दिया।मंत्री सेले ने कहा कि हिंसक प्रदर्शन को लेकर अब तक 757 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इसे और फैलने से रोकने के लिए कार्रवाई करेगी और चेतावनी दी कि लोगों को 'हमारे लोकतांत्रिक राज्य का मजाक बनाने' की अनुमति नहीं दी जाएगी।रक्षा मंत्री नोसिविवे मापिसा-नककुला ने संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अभी तक आपातकाल की स्थिति लागू की जानी चाहिए।

बीजिंग। दक्षिणी चीन सागर में एक बार फ‍िर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है। चीन की सेना ने कहा है कि सोमवार को एक अमेरिकी युद्धपोत पैरासेल द्वीप समूह के पास अवैध रूप से चीनी जल क्षेत्र में घुस आया था। हालांकि, चीन की नौसेना ने दूर खदेड़ दिया। बता दें कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय अदालत की एक फैसले की बरसी के दिन सामने आई है। इसमें कहा गया था कि बीजिंग का दक्षिण चीन सागर में कोई दावा नहीं बनता है।

यूएसएस बेनफोल्ड ने चीन की अनुमति नहीं ली:-चीन की नौसेना ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दक्षिणी थिएटर कमांड ने कहा कि यूएसएस बेनफोल्ड ने चीन की अनुमति के बिना उसके जल क्षेत्र में प्रवेश किया है। अमेर‍िकी नौसेना का यह कदम चीनी संप्रभुता का उल्लंघन है। चीन ने कहा कि अमेरिका के इस कदम का असर दक्षिण चीन सागर की स्थिरता पर पड़ेगा। पीएलए ने कहा कि हम अमेरिका से इस तरह की भड़काऊ कार्रवाई को तुरंत रोकने का आग्रह करते हैं। बता दें कि हेग में स्थाई पंचाट न्यायालय ने 12 जुलाई, 2016 को फैसला सुनाया था कि दक्षिणी चीन सागर पर चीन का कोई ऐतिहासिक दावा नहीं है, जबकि चीन ने अंतरराष्ट्रीय अदालत के इस फैसले की अनदेखी का निर्णय लिया था।

पैरासेल द्वीपों पर चीन का दावा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन

बीजिंग। दक्षिणी चीन सागर में एक बार फ‍िर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है। चीन की सेना ने कहा है कि सोमवार को एक अमेरिकी युद्धपोत पैरासेल द्वीप समूह के पास अवैध रूप से चीनी जल क्षेत्र में घुस आया था। हालांकि, चीन की नौसेना ने दूर खदेड़ दिया। बता दें कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय अदालत की एक फैसले की बरसी के दिन सामने आई है। इसमें कहा गया था कि बीजिंग का दक्षिण चीन सागर में कोई दावा नहीं बनता है।

यूएसएस बेनफोल्ड ने चीन की अनुमति नहीं ली

चीन की नौसेना ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दक्षिणी थिएटर कमांड ने कहा कि यूएसएस बेनफोल्ड ने चीन की अनुमति के बिना उसके जल क्षेत्र में प्रवेश किया है। अमेर‍िकी नौसेना का यह कदम चीनी संप्रभुता का उल्लंघन है। चीन ने कहा कि अमेरिका के इस कदम का असर दक्षिण चीन सागर की स्थिरता पर पड़ेगा। पीएलए ने कहा कि हम अमेरिका से इस तरह की भड़काऊ कार्रवाई को तुरंत रोकने का आग्रह करते हैं। बता दें कि हेग में स्थाई पंचाट न्यायालय ने 12 जुलाई, 2016 को फैसला सुनाया था कि दक्षिणी चीन सागर पर चीन का कोई ऐतिहासिक दावा नहीं है, जबकि चीन ने अंतरराष्ट्रीय अदालत के इस फैसले की अनदेखी का निर्णय लिया था।

पैरासेल द्वीपों पर चीन का दावा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान का गजनी और कंधार पर कब्जे के लिए सुरक्षा बलों से भीषण संघर्ष हो रहा है। इस बीच तालिबान ने काबुल में भी अफगान सुरक्षा बलों को कमजोर करने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। उसने तुर्की को धमकी है कि यदि उसने अमेरिका और नाटो सेना की वापसी के बाद काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा अपने हाथ में ली तो गंभीर खामियाजा भुगतेगा।तुर्की अमेरिका के साथ वार्ता कर सेना वापसी के बाद काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा ले रहा है। इस मुद्दे पर तालिबान ने तुर्की को सीधे धमकाना शुरू कर दिया है। तालिबान चाहता है कि काबुल में वह बिना किसी विदेशी सेना के हस्तक्षेप के सीधे अफगान सुरक्षा बलों से मोर्चा ले।इधर कंधार के ताजा हालात के संबंध में वहां के प्रांतीय परिषद के सदस्य अताउल्लाह अत्ता ने जानकारी दी है। कंधार में कब्जे को लेकर भीषण संघर्ष चल रहा है। यहां तालिबान ने जेल में घुसने की कोशिश की। उसे वहां से खदेड़ दिया गया। हिंसा के हालात से डरे सैकड़ों परिवार कंधार से भाग गए हैं। यहां पिछले 24 घंटों के दौरान आठ नागरिकों की मौत हो गई, तीस से ज्यादा घायल हो गए हैं।गजनी के चारों तरफ तालिबानी आतंकी फैले हुए हैं। आतंकियों ने रात भर गजनी पर हमले किए। यहां भी मारकाट चल रही है।

हवाई हमलों में 29 तालिबानी आतंकी मारे गए:-आइएएनएस के अनुसार जौजान प्रांत में तालिबान के छिपे हुए अड्डों पर हवाई हमले किए गए। हमले में 29 आतंकवादी मारे गए। तालिबान का यहां के जौजान प्रांत के साथ ही बल्ख, फरयाब आदि प्रांतों में दो दर्जन से ज्यादा जिलों पर कब्जा हैआइएएनएस के अनुसार बदख्शान प्रांत के कुरान-वा-मुंताज जिले को सुरक्षा बलों ने तालिबान के कब्जे से मुक्त करा लिया है। यह बदख्शान का दूसरा जिला है, जिस पर दोबारा कब्जा किया गया है। इससे पहले यहां के यफ्ताल को भी सुरक्षा बलों ने दोबारा नियंत्रण में ले लिया था।

अफगानिस्तान का विकास बजट अब खर्च होगा रक्षा पर:-एएनआइ के अनुसार अफगानिस्तान में हिंसा के कारण राजस्व में भारी कमी के कारण वित्त मंत्रालय ने विकास कार्यो के आवंटित बजट को रक्षा पर खर्च करने की सहमति दे दी है। पहचान पत्र, वीजा और सरकारी कर्मचारियों का वेतन देने का काम जारी रहेगा। अन्य विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित धन को अब रक्षा परियोजनाओं में लगाया जा रहा है।ज्ञात हो कि देश के कई हिस्सों पर तालिबान का विस्तार होने के बाद छह सीमा शुल्क कार्यालय भी उसके कब्जे में आ गए हैं।

घरों पर कब्जा और स्कूलों में आग लगा रहा तालिबान;-एपी के अनुसार पिछले 15 दिनों में तालिबान ने पांच हजार से ज्यादा परिवारों को जिलों से खदेड़ दिया है। तालिबान उनके घरों पर कब्जा कर रहा है। यही नहीं तालिबान स्कूलों में भी आग लगा रहा है। हजारों परिवार अपने घरों से भागकर 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में खुली जगहों में रहने को मजबूर हैं।

पाकिस्तान के कहने पर चल रहा है तालिबान:-एएनआइ के अनुसार अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने कहा है कि तालिबान पाक सेना की विशेष यूनिट के इशारे पर हिंसा कर रहा है। टोलो न्यूज के अनुसार सालेह ने कहा है कि पाकिस्तान की विशेष आतंक निरोधी सेल के इशारे पर काम कर रहा है।

हिंसाग्रस्त देश मानवीय संकट के कगार पर;-रायटर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि अफगानिस्तान में एक बार फिर गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। यहां हिंसा के बीच हजारों लोगों का पलायन हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र में शरणार्थियों के हाई कमिश्नर (यूएनएचसीआर) के प्रवक्ता बाबर बलूच ने कहा कि शांति वार्ता के विफल होने से देश में शरणार्थियों के लिहाज से गंभीर संकट आने वाला है।

वाशिंगटन: अमेरिका अभी भी हैती के राष्ट्रपति जोवेनेल मौसे की हत्या के बाद, देश के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सैन्य सहायता के अनुरोध पर समीक्षा कर रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने जानकारी दी कि, हैती का राजनीतिक नेतृत्व अभी-भी साफ तौर पर कोई फैसला लेने में असमर्थ है। इस वक्त देश के नेताओं को एकजुट होकर आगे बढ़ने के लिए एक साथ आना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि, हैती को सैन्य सहायता देने के फैसले पर अभी विचार किया जा रहा है।

हर गतिविधी पर नजर:-अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि, अमेरिका हैती की सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। इस वक्त देश के लोगों के लिए शांति और सुरक्षा दोनों ही जरूरी है। ऐसे में देश के नेताओं को लोगों की भलाई के लिए एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

 

अमेरिकी अधिकारियों का दौरा:-मौसे की हत्या ने पहले से ही अशांत देश को गहरी उथल-पुथल में डाल दिया है । रविवार के तीन अमेरिकी अधिकारियों ने स्थिति का आकलन करने के लिए हैती की यात्रा कर, वहां के राजनेताओं से मुलाकात की, जिन्होंने देश का नेतृत्व करने के लिए दावा किया हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता एमिली हॉर्न ने बाताया की, हैती की यात्रा के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने जोसेफ और हेनरी के साथ एक संयुक्त बैठक की, साथ ही लैम्बर्ट के साथ भी एक बैठक की, ताकि सभी पक्षों के साथ खुली और स्पष्ट बात हो और देश में निष्पक्ष चुनाव आयोजित किए जा सकें।

मौसे की हत्या में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार:-अमेरिकी सरकार के एक सूत्र ने बताया कि, मौसे की हत्या में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किए गए हाईटियन-अमेरिकियों में से कम से कम एक व्यक्ति अमेरिकी सरकार की कानून प्रवर्तन एजेंसी का मुखबिर था। गौरतलब है कि, मौसे की हत्या बुधवार सुबह उनके पोर्ट-ऑ-प्रिंस के घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हाईटियन अधिकारियों ने हत्यारों के एक दल के रूप में बताया था, जिनमें 26 कोलंबियाई और दो हाईटियन-अमेरिकी शामिल है। पुलिस ने रविवार को बताया कि, उन्होंने हत्या के एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।

वाशिंगटन: अमेरिका अभी भी हैती के राष्ट्रपति जोवेनेल मौसे की हत्या के बाद, देश के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सैन्य सहायता के अनुरोध पर समीक्षा कर रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने जानकारी दी कि, हैती का राजनीतिक नेतृत्व अभी-भी साफ तौर पर कोई फैसला लेने में असमर्थ है। इस वक्त देश के नेताओं को एकजुट होकर आगे बढ़ने के लिए एक साथ आना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि, हैती को सैन्य सहायता देने के फैसले पर अभी विचार किया जा रहा है।

हर गतिविधी पर नजर:-अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि, अमेरिका हैती की सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। इस वक्त देश के लोगों के लिए शांति और सुरक्षा दोनों ही जरूरी है। ऐसे में देश के नेताओं को लोगों की भलाई के लिए एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

अमेरिकी अधिकारियों का दौरा:-मौसे की हत्या ने पहले से ही अशांत देश को गहरी उथल-पुथल में डाल दिया है । रविवार के तीन अमेरिकी अधिकारियों ने स्थिति का आकलन करने के लिए हैती की यात्रा कर, वहां के राजनेताओं से मुलाकात की, जिन्होंने देश का नेतृत्व करने के लिए दावा किया हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता एमिली हॉर्न ने बाताया की, हैती की यात्रा के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने जोसेफ और हेनरी के साथ एक संयुक्त बैठक की, साथ ही लैम्बर्ट के साथ भी एक बैठक की, ताकि सभी पक्षों के साथ खुली और स्पष्ट बात हो और देश में निष्पक्ष चुनाव आयोजित किए जा सकें।

मौसे की हत्या में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार:-अमेरिकी सरकार के एक सूत्र ने बताया कि, मौसे की हत्या में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किए गए हाईटियन-अमेरिकियों में से कम से कम एक व्यक्ति अमेरिकी सरकार की कानून प्रवर्तन एजेंसी का मुखबिर था। गौरतलब है कि, मौसे की हत्या बुधवार सुबह उनके पोर्ट-ऑ-प्रिंस के घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हाईटियन अधिकारियों ने हत्यारों के एक दल के रूप में बताया था, जिनमें 26 कोलंबियाई और दो हाईटियन-अमेरिकी शामिल है। पुलिस ने रविवार को बताया कि, उन्होंने हत्या के एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली। खुद को फिल्म क्रिटिक्स बताने वाले बॉलीवुड अभिनेता केआरके (कमाल आर खान) अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। बहुत बार उन्हें अपने बयानों की वजह से ट्रोलर्स का भी सामना करना पड़ता है। केआरके बहुत से बॉलीवुड सितारों और उनकी फिल्मों की आलोचना करनी की वजह से भी सुर्खियों में रहते हैं। अब उन्होंने रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने बताया है कि रणबीर कपूर और आलिया भट्ट कब शादी करने वाले हैं। इतना ही नहीं केआरके ने इस बात को भी बताया है कि इन दोनों कलाकारों का तलाक कब तक होगा। दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर केआरके बॉलीवुड के बहुत से सितारों और उनके रिश्तों लेकर अपना अनुमान साझा करते रहते हैं। ऐसे में उन्होंने रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी को लेकर भी अपना अनुमान साझा किया है।उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी का अनुमान साझा करते हुए लिखा, 'रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी लगभग 2022 के आखिरी तक होगी। लेकिन रणबीर कपूर शादी के बाद 15 साल के भीतर आलिया को तलाक दे देंगे!' रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी के बारे में यह कहना केआरके को भारी पड़ गया है। उन्हें कई सोशल मीडिया यूजर्स जमकर ट्रोल कर रहे हैं।Richard Peter नाम के यूजर ने केआरके के ट्वीट पर कमेंट कर लिखा, 'प्रभु आप महान हो...बताओ मेरी शादी और फिर तलाक कब होगा ? Avni_tweets ने लिखा, 'आप हमेशा गलत अनुमान ही क्यों करते हो, कुछ अच्छा नहीं बोल सके।' ZUB@IR $@LEEM नाम के यूजर ने लिखा, 'सलमान खान ने छोड़ दिया जो बाकियों से भी पंगे ले रहा है।' Harsh Sharma ने लिखा है, 'फिर तुम बोलते हो कि लोग तुम्हें गालियां क्यों देते हैं।'इसके अलावा और भी कई सोशल मीडिया यूजर्स ने केआरके को रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी, फिर तलाक के बारे में बोलने पर ट्रोल किया है। इससे पहले केआरके ने प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस को लेकर कहा है कि उनका तलाक हो जाएगा। केआरके ने ट्विटर पर लिखा था कि निक जोनस और प्रियंका चोपड़ा आने वाले 10 सालों के अंदर तलाक ले लेंगे।

नई दिल्ली बिग बॉस फेम राहुल वैद्य और दिशा परमार की शादी में अब बस तीन दिन बाकी हैं। 16 जुलाई को दोनों सात फेरे लेंगे। उससे पहले दोनों ही अपनी शादी की तैयारियों में जोरों-शोरों से लगे हुए हैं। इस बीच दिशा ने अपनी दोस्तों संग बैचलर पार्टी एंजॉय की। दिशा ने अपने पार्टी की कुछ फोटोज़ इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं जिसमें वो मस्ती करती दिख रही हैं।फोटोज़ में दिशा ब्लैक कलर के क्रॉप टॉप और ब्लू कलर के ट्राउज़र में काफी कूल लग रही हैं और उनके पीछे दीवार पर लिखा है, ‘Bride to be’(होने वाली दुल्हन)। फोटोज़ से ही साफ समझ आ रहा है कि दिशा अपनी शादी को लेकर कितनी एक्साइटेड और खुश हैं। बाकी फोटोज़ में दिशा अपनी दोस्तों के साथ सेल्फी लेती दिख रही हैं। एक्ट्रेस की ये फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। दिशा के फोटो पर उनके होने वाले दुल्हे राहुल ने भी कमेंट किया है। राहुल ने कमेंट करते हुए लिखा, ‘मेरी दुल्हन’।दिशा परमार की दोस्त वैदिका भंडारी ने भी अपने इंस्टाग्राम पर दिशा के साथ दो वीडियो शेयर किया है जिसमें वो 'कुछ कुछ होता है' के 'कोई मिल गया' पर दोस्तो संग डांस करती दिख रही हैं। इस वीडियो में दिशा अपनी तीन दोस्तों के साथ दिख रही हैं और सभी इस गाने पर जमकर एंजॉय कर रही हैं।हाल ही में राहुल और दिशा का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें दोनों अपने कोरियोग्राफर्स के साथ डांस प्रेक्टिस करते नज़र आ रहे थे। राहुल और दिशा की शादी को लेकर दोनों के फैंस काफी एक्साइटेड हैं।

नई दिल्ली। अभिनेता शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत कपूर भले ही फिल्मी लाइम लाइट से काफी दूर हो। लेकिन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। मीरा अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार और दोनों बच्चों मीशा, जैन के साथ फोटोज वीडियो शेयर करती रहती है। साथ ही वो अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी चर्चा में रहती हैं।अब उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर बेटे जैन की प्यारी तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो सोते हुए दिख रहे हैं। साथ ही वो जैन की ग्रीरोथ को लेकर अचंभित है। फोटो में उनका चेहरा नजर नहीं आ रहा है लेकिन जैन नाइट शूट पहने सोते दिख रहे हैं। फोटो में मीरा का हाथ भी दिखाई दे रहा है। इस फोटो को इंस्टाग्राम पर शेयर कर उन्होंने कैप्शन लिखा, ‘बहुत तेजी से बढ़ रहा है।’उनकी इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। साथ ही फैंस कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं मीरा राजपूत कपूर ने अपने इंस्टा. स्टोरी पर अपनी योग क्लास से संबंधित वीडियो शेयर की है, जिसमें वो अपने फैंस को योग से होने वाले फायदों के बारे में बता रही हैं। साथ ही उन्होंने तस्वीर शेयर कर फैंस से उनके योग के लक्ष्य के बारे में भी पूछा है।हाल ही में उन्होंने अपनी शादी को 6 साल पूरे होने पर खुशी जाहिर की थी। इस मौके पर उन्होंने पति शाहिद कपूर के साथ एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो उन्हें हग करती दिख रही हैं। इस फोटो में मीरा राजपूत ब्लैक कलर के टॉप में नजर आ रही हैं। तो वहीं शाहिद कपूर ग्रे कलर की टी-शर्ट पहने दिखाई दे रहे हैं।बात अगर शाहिद कपूर के वर्कफ्रंट की करें तो वो गौतम तिन्ननुरी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जर्सी’ में नजर आने वाले हैं। ये फिल्म तेलुगु मूवी ‘जर्सी’ का हिंदी रिमेक है। इस फिल्म में शाहिद कपूर एक क्रिकेटर का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में शाहिद कपूर के अलावा मृणाल ठाकुर और पंकज कपूर भी अहम किरदार निभा रहे हैं। ये फिल्म इस साल दीवाली पर रिलीज की जा सकती है।

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