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नई दिल्ली,। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज मो. कैफ ने स्पोर्ट्स तक पर विराट कोहली की कप्तानी के बारे में खुलकर चर्चा की। कैफ से पूछा गया कि श्रीलंका के खिलाफ क्रिकेट सीरीज और आइपीएल 2021 पार्ट टू के बाद क्या ये क्लीयर हो जाएगा कि, टी20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय टीम क्या हो सकती है। इसका जवाब देते हुए कैफ ने साफ तौर पर कहा कि, इस टीम इंडिया में कोई स्पष्टता नहीं है। एक कमेंटेटर के तौर पर भी हम ये बात करते हैं कि, टीम में स्पष्टता होनी चाहिए। अब भारतीय टीम उस तरह से नहीं खेलती, आप मान लो ना। कैफ ने आगे कहा कि, कोहली का ऐसा तरीका नहीं है। वो देखते हैं कि, भाई कल कौन फॉर्म में आया और उसे प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लेते हैं। ये विराट कोहली की कप्तानी का अपना तरीका है। कोहली अब तक भारत को आइसीसी खिताब जीता पाते हैं या नहीं आप उनको इस पर जज करिए और अब तक तो वो ऐसा नहीं कर पाए हैं। कोच या टीम मैनेजमेंट भी कोहली की तरीके को ही फॉलो करती है। इस टीम को खिलाड़ी के पिछले प्रदर्शन में कोई रुझान नहीं होता।कोहली का ये मानना है कि, आप अभी क्या कर रहे हैं और आपका फॉर्म कैसा है। तभी तो भारतीय टीम के लिए सूर्यकुमार यादव, इशान किशन खेले। शिखर धवन को ड्रॉप कर दिया गया और रोहित शर्मा को टेस्ट में मौका मिला। इस टीम में आपकी जगह पक्की नहीं है ये प्लेयर्स को भी मालूम है। ये पुरानी बात हो गई कि टीम में आपकी जगह पक्की है और खिलाड़ी भी इस बात को समझने लगे हैं। वो अब बस मौके का इंतजार करते हैं कि, जैसे ही मौका मिले उसे बस पकड़ना है। कैफ ने सौरव गांगुली की कप्तानी के बारे में कहा कि, वो खिलाड़ी के पीछे खड़े रहते थे और पूरा मौका देते थे। जो लीडर होता है वो यही करता है, लेकिन विराट कोहली का ये तरीका नहीं है। गांगुली के पास उस वक्त ज्यादा ऑप्शन नहीं थे, आइपीएल नहीं था। उस वक्त 20-25 खिलाड़ी होते थे और उन्हीं में से वो चुनते थे क्योंकि उन्हें पता था कि, प्लेयर को बैक नहीं किया गया तो वो अपना बेस्ट नहीं दे पाएगा। कैफ ने कहा कि, हमारे समय में हमें ज्यादा मौके मिलते थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। खिलाड़ी के मन में डर है कि, वो कहीं बाहर ना कर दिए जाएं और ऐसे में वो प्रेशर में बिखर जाते हैं। 

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज, बेहतरीन फील्डर व कमेंटेटर मो. कैफ ने टी20 वर्ल्ड कप 2021 को लेकर स्पोर्ट्स तक पर काफी बातें की। मो. कैफ से पूछा गया कि, क्या रोहित शर्मा के साथ विराट कोहली का इस इवेंट में ओपनिं करना सही होगा क्योंकि शायद कप्तान भी यही चाहते हैं। इसका जवाब देते हुए मो. कैफ ने कहा कि, ये शायद टीम के हित में नहीं होगा। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के लिए रोहित शर्मा के साथ शिखर धवन को उतारने की सलाह दी। कैफ ने कहा कि, बल्लेबाज में राइट और लेफ्ट का कांबिनेशन हमेशा ही विरोधी टीम के लिए परेशानी खड़ी करता है। विरोधी कप्तान को लेफ्ट व राइट बल्लेबाजों के खिलाफ साइड बदलते ही रणनीति बदलनी होती है, फील्डिंग में बदलाव करना होता है और गेंदबाज भी गेंदबाजी को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं।मो. कैफ ने शिखर धवन के बारे में कहा कि, श्रीलंका दौरे पर रन बनाकर वो अपनी टीम जगह में मजबूत कर सकते हैं और पिछले कुछ दिनों से वो काफी अच्छी फॉर्म में हैं और आइपीएल 2021 पार्ट वन में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था। इसके अलावा दूसरे ओपनर के तौर पर उन्होंने केएल राहुल और पृथ्वी शॉ के नाम पर भी मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि, विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उपयुक्त हैं। अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा ओपनिंग करते हैं तो विरोधी टीम के लिए इनके खिलाफ रणनीति बनाना आसान होगा। ये दोनों टीम की बल्लेबाजी की जान हैं और अगर ये जल्दी आउट हो जाते हैं तो टीम मुसीबत में आ जाएगी। वहीं उन्होंने भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे पर वनडे सीरीज के लिए विकेटकीपर के तौर पर इशान किशन की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में रखने की वकालत की। उन्होंने कहा कि, अनुभव के आधार पर संजू सैमसन इशान किशन से ज्यादा बेहतर वनडे में साबित हो सकते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि, भारत के पास एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की जरूरत है जिसे हार्दिक पांड्या पूरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, भारत के लिए तेज गेदंबाज ऑलराउंडर की जरूरत शार्दुल ठाकुर और भुवनेश्वर कुमार भी पूरी कर सकते हैं। 

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले तीन मैच हारने के बाद चौथे टी20 मुकाबले में जबरदस्त वापसी की और 4 रन से करीबी जीत दर्ज की। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए कंगारू टीम ने कप्तान आरोन फिंच और मिचेल मार्श की शानदार अर्धशतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 6 विकेट पर 189 रन बनाए थे। कैरेबियाई टीम को जीत के लिए 190 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन लेंडल सिमंस की 72 रन की शानदार पारी के बावजूद ये टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 185 रन की बना पाई और मैच गंवा दिया। कंगारू कप्तान फिंच ने इस मैच में खेली गई अपनी 53 रन की पारी के दम पर कुछ शानदार रिकॉर्ड्स बना डाले। 

फिंच ने कोहली को छोड़ा पीछे;-आरोन फिंच ने इस मैच में 37 गेंदों पर 3 चौके व 5 छक्कों की मदद से 53 रन की पारी खेली। बतौर टी20 कप्तान इंटरनेशनल क्रिकेट में अब उनके 1555 रन हो गए हैं। अब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी इस पारी के बाद वो कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। विराट ने क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में बतौर कप्तान 1502 रन बनाए हैं और अब दूसरे नंबर पर आ गए हैं। 

 T20I में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज-

1555 रन- आरोन फिंच

1502 रन- विराट कोहली

1383- केन विलियमसन

1334- इयोन मोर्गन

1273- फॉफ डुप्लेसिस

फिंच ने की केन विलियमसन की बराबरी:-आरोन फिंच ने कप्तान के तौर पर टी20 इंटरनेशन क्रिकेट में 11वीं बार 50 रन से ज्यादा की पारी खेली। अब वो इस मामले में केन विलियमसन की बराबरी पर आ गए हैं क्योंकि केन भी 11 बार ये कमाल कर चुके हैं। वहीं इस मामले में विराट कोहली सबसे ऊपर हैं और 12 बार ऐसा कमाल कर चुके हैं। 

T20I में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा बार 50 रन से ज्यादा का पारी खेलने वाले टॉप 5 बल्लेबाज

12- विराट कोहली 

11- आरोन फिंच

11- केन विलियमसन

09- बाबर आजम

09- इयोन मोर्गन

 नई दिल्ली:-  दीपक हुड्डा ने 2021 के घरेलू सत्र से पहले बड़ौदा का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से एनओसी मांगी है। स्पोर्टस्टार ने यह जानकारी दी है। ऑलराउंडर का पिछले सीजन में सीनियर ऑलराउंडर और टीम के कप्तान क्रुणाल पांड्या के साथ झगड़ा हुआ था। इसके बाद उन्हें बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन ने निलंबित कर दिया था। उनके बड़ौदा की टीम छोड़ने पर टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने निराशा जताई है और बीसीए पर भड़क उठे हैं।हुड्डा ने कहा, 'बड़ौदा को छोड़ना निश्चित रूप से एक दुखद अहसास है, जिसके लिए मैंने अपने पूरे करियर में खेला है। लेकिन मैंने अपने कोचों, शुभचिंतकों से बात की और सोचा कि यह मेरे लिए सही फैसला है। हुड्डा के इस फैसले से भारत और बड़ौदा के पूर्व स्टार इरफान पठान ने ट्वीट करके कहा, 'भारतीय टीम की संभावित सूची में शामिल खिलाड़ियों को कितने क्रिकेट संघ छोड़ेंगे? दीपक हुड्डा का बड़ौदा क्रिकेट छोड़ना एक बहुत बड़ी क्षति है। वह आराम से और दस साल और अपनी सेवाएं दे सकते थे, क्योंकि वह अभी भी युवा है। एक बरोडियन के रूप में यह पूरी तरह से निराशाजनक है!'

हुड्डा, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से पहले कप्तान कुणाल पांड्या के साथ विवाद के बाद टीम से बाहर हो गए थे। उन्होंने बड़ौदा के लिए 46 प्रथम श्रेणी और 123 टी 20 खेले हैं। हुड्डा ने दावा किया था कि पांड्या ने 'अपनी दादागिरी दिखाते'हुए उन्हें अभ्यास करने से रोका था।

हुड्डा ने बीसीए को लिखे पत्र में आरोप लगाया था, 'हेड कोच प्रभाकर की अनुमति से मैच से पहले मैं नेट्स में अभ्यास कर रहा था। तभी कुणाल नेट्स में आए और मेरे साथ बदतमीजी करने लगे। मैंने उनसे कहा कि मैं मुख्य कोच की अनुमति से अपनी तैयारी कर रहा हूं। उन्होंने मुझसे कहा 'मैं कप्तान हूं, मुख्य कोच कौन है? मैं बड़ौदा टीम का ओवरऑल हूं। फिर उन्होंने अपनी दादागिरी दिखाते हुए मेरी प्रैक्टिस रोक दी।' इसके बाद हुड्डा को पूरे सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया।

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धौनी टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान हैं और हर कोई उनकी कप्तानी का लोहा मानता है। आकाश चोपड़ा भी धौनी की कप्तानी के बहुत बड़े फैन हैं और उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि, अपनी लीडरशिप के साथ साथ धोनी कप्तानी के एक नए आयाम को सामने लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि, धौनी ने हमें कप्तानी का नया तरीका सिखाया। सौरव गांगुली ने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खोजा, लेकिन धौनी ने उन्हें निखारने का काम किया और टीम में एक ऐसा माहौल तैयार किया जिससे कि खिलाड़ी बिल्कुल फ्री होकर खेलें और अपना बेस्ट टीम को दे सकें।आपको बता दें कि, धौनी ने भारत के लिए 200 वनडे मैचों में कप्तानी की जिसमें टीम इंडिया को 110 मैचों में जीत मिली थी तो वहीं 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में उनकी कप्तानी में टीम इंडिया को 41 मैचों में जीत मिली थी। आकाश चोपड़ा ने दीपक चाहर का जिक्र करते हुए कहा कि, धौनी ने उनका इस्तेमाल इतने शनादार तरीके से किया कि, वो डेथ ओवर्स के स्पेशलिस्ट गेंदबाज बन गए। आकाश चोपड़ा ने धौनी के बारे में कहा कि, वो इस बात को अच्छी तरह से समझ जाते हैं कि, किस खिलाड़ी में किस तरह की प्रतिभा है और वो क्या कर सकता है। दीपक चाहर ने खुद को डेथ ओवरों के लिए तैयार किया और इसका श्रेय धौनी को जाता है। धौनी की यही बात उन्हें बेस्ट बनाती है कि, उन्हें पता होता है कि किसी खिलाड़ी का बेस्ट किस तरह से आ सकता है।धौनी के कूल अंदाज की तारीफ करते हुए पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा कि, आपने बेहद कम मौके पर उन्हें अपना आपा खोते हुए देखा होगा। उनकी कप्तानी का अंदाज और तरीका बिल्कुल अलग है और खेल को पहले से ही परख लेने की उनकी क्षमता कमाल की है। वो अपने साथी खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हैं और खुद को पीछे रखते हैं। अगर कुछ गलत हो जाता है तो वो फिर स्थिति के मुताबिक काम करते हैं और उनकी यही आत्मविश्वास उन्हें एक अलग लेवल का कप्तान बनाता है। 

नई दिल्ली। टीम इंडिया के कई पूर्व खिलाड़ियों की बायोपिक बन चुकी है और इनमें अलग-अलग अभिनेता इनके किरदार को सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत करते हुए नजर आ चुके हैं। सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और मोहम्मद अजहरुद्दीन के बाद, सौरव गांगुली अगले भारतीय क्रिकेट कप्तान हैं जिनके जीवन को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। पूर्व क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष ने इस परियोजना के लिए हां कह दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बड़े बजट की फिल्म होने जा रही है इसके निर्माण में 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं। वहीं माना जा रहा है कि, सौरव गांगुली की इस बायोपिक में बॉलीवुज के दिलकश अभिनेता रणबीर कपूर मुख्य भूमिका निभा सकते हैं।न्यूज 18 बांग्ला के साथ एक साक्षात्कार में, सौरव गांगुली ने इस खबर की पुष्टि की। सौरव ने कहा, "हां, मैंने बायोपिक के लिए हामी भर दी है। यह हिंदी में होगी लेकिन अभी निर्देशक के नाम का खुलासा करना संभव नहीं है। सब कुछ फाइनल होने में कुछ और समय लगेगा।" खबरों के मुताबिक फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है. प्रोडक्शन हाउस सौरव गांगुली से एक से अधिक बार मिल चुका है। सूत्रों का दावा है कि प्रोडक्शन हाउस ने उस अभिनेता पर भी फैसला किया है जो स्क्रीन पर सौरव गांगुली को चित्रित करेगा। रिपोर्ट्स का दावा है कि रणबीर कपूर इस भूमिका के लिए शीर्ष दावेदार हैं। दो और अभिनेताओं पर भी विचार किया जा रहा है।इससे पहले, जब नेहा धूपिया ने सुझाव दिया था कि रितिक रोशन स्क्रीन पर सौरव गांगुली की भूमिका निभाने के लिए सबसे अच्छे विकल्प होंगे, तो पूर्व क्रिकेटर ने कहा था कि इसके लिए उनका शरीर मेरे जैसा होना चाहिए। रितिक की बॉडी काफी बिल्ड है और इस रोल के लिए पहले उन्हें मेरे जैसा शरीर बनाना होगा। फिल्म की स्क्रिप्ट अभी लिखी जा रही है और रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फिल्म सौरव गांगुली की पूरी क्रिकेट जर्नी को कैप्चर करेगी। एक युवा क्रिकेटर के रूप में और भारतीय राष्ट्रीय टीम के कप्तान बनने से लेकर लॉर्ड्स में उनकी ऐतिहासिक जीत और अंत में बीसीसीआइ के अध्यक्ष बनने तक, ये फिल्म सौरव गांगुली के जीवन के सभी पहलुओं को कवर करेगी।यह पहली बार नहीं है जब सौरव गांगुली की बायोपिक की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। इससे पहले भी बायोपिक को लेकर कई खबरें आ चुकी हैं। हालांकि, सौरव ने पहले कभी भी किसी भी रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया था। लेकिन इस बार खुद बीसीसीआइ अध्यक्ष ने इस बात की जानकारी दी है कि बायोपिक पर काम चल रहा है। प्री-प्रोडक्शन का काम पूरा होने के बाद फिल्म की शूटिंग शुरू होगी। फिलहाल मामले को गोपनीय रखा जा रहा है।

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज व कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने रोहित शर्मा की कप्तानी की जमकर तारीफ की और कहा कि, वो बिल्कुल टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की तरह से ही कप्तानी करते हैं। उन्होंने कहा कि, रोहित शर्मा के अंदर धौनी की कप्तानी की झलक मिलती है और कुछ मामलों में वो धौनी की तरह से ही कप्तानी करते हैं। रोहित शर्मा…
सेंट लूसिया। टी20 क्रिकेट में 14000 रन बनाने का कमाल वेस्टइंडीज के बल्लेबाज क्रिस गेल ने किया है। क्रिस गेल दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 14 हजार से ज्यादा रन बना लिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में टी20 क्रिकेट में रन बनाने के बावजूद यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल का कहना है उनमें रनों की भूख अभी भी बाकी है। गेल ने ये भी बताया है कि…
नई दिल्ली। भारतीय टीम का श्रीलंका दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। पहले टीम इंडिया की एक साथ दो टीमों के दो देशों के दौरे पर जाने की वजह से इसकी बातें की जा रही थी। अब श्रीलंका की टीम के सदस्यों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से सुर्खियों में है। शुक्रवार को यह खबर आई थी कि भारत और श्रीलंका के बीच खेली जाने वाली वनडे सीरीज…
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 15 अगस्त 2020 के दिन इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि हर भारतीय क्रिकेट फैंस की ये चाहत थी कि, इतने महान खिलाड़ी को फेयरवेल मैच मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था और इससे सबको काफी मायूसी हुई थी। हालांकि धौनी को फेयरवेल मैच क्यों नहीं मिल पाया इसके बारे…
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