नई दिल्ली - चीन के वैज्ञानिकों ने ऐसा सर्विलांस टूल सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसमें इंसान की पहचान के लिए उसका चेहरा देखने की जरूरत नहीं है। गेट रिकगनीशन तकनीक कही जाने वाली यह विचित्र प्रणाली इंसान के चाल-ढाल और उसके कद-काठी से ही उसकी पहचान बता देगी। शंघाई और बीजिंग पुलिस इस मशीन कर प्रयोग भी कर रही है। मशीन बनाने वाली कंपनी वर्टिक्स के सीईओ हौंग योंगझोन ने कहा है कि यह मशीन आदमी को पचास मीटर (165 फीट) दूर से ही पहचान लेगी। आदमी ने चेहरा छिपा रखा है तब भी मशीन उसे पहचान लेगी।
कैसे काम करती है मशीन?
यह सॉफ्टवेयर किसी वीडियो से व्यक्ति की छायाकृति निकाल लेता है। उसी के आधार पर व्यक्ति के कद-काठी, चलने के अंदाज आदि का विश्लेषण करता है। हालांकि यह रियल टाइम पहचान करने में असमर्थ है। इसमें वीडियो डालना पड़ेगा। एक घंटे के वीडियो से यह दस मिनट में नतीजे खोज लेगा। इसके लिए विशेष कैमरों की जरूरत नहीं होती है। सॉफ्टवेयर सर्विलांस कैमरों के फुटेज देखकर विश्लेषण कर लेगा।
धोखा देना आसान नहीं
अभी तक जितनी भी पहचान करने की विधियां हैं उसमें आदमी को उस तकनीक के बेहद करीब जाना पड़ता है। चाहे रेटिना स्कैन हो, फिंगर प्रिंट हो, लेकिन इस मशीन में ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं होगा। अगर कोई इससे छिपकर भागना भी चाह रहा है तो उसे भी पहचान लिया जाएगा। मशीन आदमी की चाल, त्वचा, बाल, नाखून से भी पहचान करने में सक्षम है।
कितना है मशीन का दाम
मशीन बनाने वाली कंपनीवर्टिक्स ने पिछले महीने ही बता दिया था कि मशीन की कीमत 10 करोड़ युआन है। चीन में पुलिस लोगों की पहचान करने के लिए फेस डिटेक्टर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करती है। इस मशीन के प्रयोग से पुलिस को काफी सहूलियत मिलेगी।
सवाल के घेरे में तकनीक
जापान नेशनल पुलिस एजेंसी में गेट रिकगनीशन तकनीक को 2013 में प्रायोगिक तौर पर लागू करने का जिम्मा संभालने वाले ओसाका विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर का मानना है कि यह तकनीक नई नहीं है। जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के वैज्ञानिक एक दशक से इस तकनीक पर शोध कर रहे हैं।
दावे भी कम नहीं
मशीन बनाने वाले प्रोफेसर मार्क नियोक्स का कहना है कि यह मशीन दूसरी मशीनों से बिल्कुल अलग है। यह नई तकनीकों से लैस है। 2016 में मशीन के आने के बाद इसका विधिवत परीक्षण किया गया है। मशीन को एकेडमी ऑफ चाइनीज साइंस ने भी सभी मानकों पर सफल बताया है।
आतंक का हथियार
चीन में पश्चिमी प्रांत के सुरक्षा अधिकारी जिनजियांग के मुताबिक मशीन को मुस्लिम बाहुल्य वाले इलाकों में इस्तेमाल किया जाएगा। अपने मुस्लिम बहुल इलाकों में आतंकी गतिविधियों से चीन भी दो-चार हो रहा है। तमाम सुरक्षा विशेषज्ञ अपराध के क्षेत्र में कमी लाने के लिए इस तकनीक को क्रांति की तरह देख रहे हैं।

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