लंदन। यूरोपीय यूनियन ने अपने सदस्‍य देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से इसी माह कोविड-19 जीटल सर्टिफिकेट की शुरुआत की है। ये सर्टिफिकेट दरअसल, कोरोना से सुरक्षित होने का यूरोपीय संघ द्वारा जारी एक डिजीटली एप्रूव्‍ड सर्टिफिकेट है। आगे बढ़ने से पहले आपको ये बता दें कि कोरोना काल में विश्‍व स्‍तर पर पर्यटन के क्षेत्र में काफी गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन अब जबकि धीरे-धीरे विश्‍व दोबारा पटरी पर वापस लौटने की कोशिश कर रहा है तो कुछ देश अपने पर्यटन उद्योग को भी नई ऊंचाई देना चाहते हैं। इसी मकसद से इसकी शुरुआत की गई है। आपको ये भी बता दें कि यूरोपीयन यूनियन केवल उन्‍हीं विदेशी पर्यटकों को अपने यहां पर आने की मंजूरी दे रहा है जिन्‍होंने उनके द्वारा मंजूर की गई कोरोना  वैक्‍सीन की खुराक ली है। हालांकि यूरोपीय संघ के नियमों को मानने के लिए इसका कोई भी सदस्‍य देश बाध्‍य नहीं है। इस माह की शुरुआत में यूरोपीयन यूनियन ने कोविड-19 के डिजीटल सर्टिफिकेट की शुरुआत की है। इस सर्टिफिकेट के साथ कोई भी व्‍यक्ति 27 देशों में मुक्‍त रूप से घूम सकता है। इसके लिए शर्त है कि उसको यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी द्वारा एप्रूव्‍ड चार वैक्‍सीन में से किसी एक की खुराक मिली हो। इसमें मॉडर्ना, एस्‍ट्राजेनेका, फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन शामिल है। ऐसे व्‍यक्ति को या तो अपनी नेगेटिव रिपोर्ट करवानी दिखानी होगी या फिर ये साबित करना होगा कि वो हाल ही में कोरोना महामारी से उबरा है।गौरतलब है कि अमेरिका और ब्रिटेन ने बड़ी संख्‍या में विदेश से आने वालों को न कहा है। वहीं दूसरी तरफ ईयू का ये डिजीटल सर्टिफिकेट कोरोना काल में पर्यटन को बढ़ावा देने और अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी लाने का जरिया बन सकता है। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ भारत में बनाई जा रही एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन को मान्‍यता नहीं दे रहा है, जबकि ये वैक्‍सीन गरीब और मध्‍यम आय वाले कई देशों में लोगों को लगाई जा रही है। इसके अलावा इसमें चीन और यूरोप में बनाई जा रही वैक्‍सीन भी शामिल है।यहां पर ध्‍यान देने वाली बात ये भी है कि यूरोपीय संघ में शामिल विभिन्‍न देश अपने यहां पर अलग-अलग नियम बनाने को लेकर पूरी तरह से स्‍वतंत्र हैं। कई यूरोपीय देश जिसमें फ्रांस, इटली, बेल्जियम, जर्मनी, स्विटजरलैंड शामिल हैं, ने उन लोगों को अपने यहां पर आने की मंजूरी दी है जिन्‍होंने यूरोपीय संघ से मिली मंजूरी के अलावा भी कोई दूसरी कोरोना वैक्‍सीन ली हुई है।

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