Editor

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नन्दिता पाण्डेय
ऐस्ट्रोटैरोलोजर आध्यात्मिक गुरु, लाइफ़ कोच
Mob. +91-93127-11293, E-mail - nandita.pandey@gmail.com

मेष (22 मार्च से 21 अप्रैल)
परिवार में ख़ुशियों का माहौल रहेगा। किसी बुज़ुर्ग के आशीर्वाद से आपके समस्त कार्यों की पूर्ति होगी। सेहत में साधारण सुधार रहेंगे। आर्थिक व्यय अधिक हो सकता है एवं किसी की सेहत में अधिक व्यय होगा। कार्य क्षेत्र में अपने पर भरोसा रख कर निर्णय लें, यही आपके लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस सप्ताह की गयी यात्राओं द्वारा अत्यधिक सफलता मिल सकती हैं। प्रेम सम्बंध को सावधानी से सुलझाएँ अन्यथा कष्ट हो सकता है। सप्ताह के अंत में आप जितना यथार्थवादी रहेंगे उतना फ़ायदा होगा। शुभ दिन : 25,26

वृषभ (22 अप्रैल 21 मई)
कार्य क्षेत्र में महिला वर्ग से सप्पोर्ट आपको अच्छा मिलेगा एवं प्रगति होगी। लव लाइफ़ भी रोमांटिक रहेगी। परिवार को लेकर कुछ ज़्यादा पोस्सेसिव हो जाएँगे। इस सप्ताह में की गयी यात्राओं द्वारा सफलता तो मिलेगी लेकिन व्यय अपेक्षा से अधिक हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी ध्यान देने की आवश्यकता है अंतहा कष्ट हो सकते हैं। सप्ताह के अंत में कोई सकरात्मक समाचार मिल सकता है। शुभ दिन : 21,22,26,27

मिथुन (22 मई से 21 जून)
आर्थिक समृद्धि के शुभ संयोग बनेंगे लेकिन इस मामले में किसी नए दृष्टिकोण को लेकर आप थोड़ा सा इन्सिक्युर महसूस कर सकते हैं। निवेश द्वारा फ़ायदे होंगे। कार्य क्षेत्र में किसी ऐसी महिला के साथ टकराव की स्तिथियाँ बन सकती हैं जिनका आपके ऑफि़स या फिर समाज में एक रुतबा हो। लव लाइफ़ में सुकून एवं रोमांस बरकऱार रहेगा। सेहत में भी धीरे धीरे सुधार सम्भव है। इस सप्ताह की गयी यात्राएँ साधारण रहेंगी। परिवार में किसी नयी शुरुआत को लेकर मन चिन्तित रह सकता है। सप्ताह के अंत में एक नयी सोच आपके लिए बहुत फलदायी हो सकती है। शुभ दिन : 21,23,27

कर्क (22 जून से 21 जुलाई)
आर्थिक उन्नति के शुभ अवसर बनेंगे। आप ऑफि़स या घर के सजावट के लिए कुछ खऱीदारी कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में किसी भी कार्य को करने का मन नहीं होगा एवं मन विचलित रहेगा। परिवार की महिला सदस्य का सप्पोर्ट इस सप्ताह आपको भरपूर मिलेगा जिस वजह से आपके बहुत सारे कष्ट समाप्त होते जाएँगे। सेहत में भी अचानक से सुधार दिखाई पड़ेंगे। इस सप्ताह यात्राओं को टाल दें तो ही बेहतर होगा अन्यथा किसी ना किसी बीती बात को लेकर मन व्यथीत हो सकता है। सप्ताह के अंत में ख़ुशियाँ दस्तक देंगी। शुभ दिन : 23,25,27

सिंह (22 जुलाई से 21 अगस्त)
यात्राओं द्वारा भी शुभ संयोग बनते जाएँगे एवं इसकी वजह से जीवन में पूर्णता महसूस कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में नापसंद स्तिथियों को खुल कर मना करना सीखिए तभी आने वाले समय में अनुकूलता एवं प्रगति होगी। इस सप्ताह आर्थिक व्यय उमीद से अधिक हो सकते हैं। सेहत को लेकर भी ऐंज़ाइयटी महसूस कर सकते हैं। हो सकता है कोई दो हेल्थ ऐक्टिविटी आपको लुभावनी लगे। परिवार में ख़ुशियाँ दस्तक देंगी। यात्रा करते समय जीवन में एक बैलेन्स बना कर चलेंगे तो ज़्यादा बेहतर स्तिथियों में रहेंगे। सप्ताह के अंत में कोई भी टेक्स्ट मेस्सेज को ध्यानपूर्वक पद कर ही भेजे अन्यथा ग़लतफ़हमी पैदा हो सकती है। शुभ दिन : 24,26

कन्या (22 अगस्त से 21 सितम्बर)
आर्थिक उन्नति के शुभ संयोग बनते जाएँगे। इसे पुख़्ता करने के आपको इस सप्ताह बहुत मौक़े मिलेंगे। कार्य क्षेत्र में कोई नया प्रोजेक्ट ऐंज़ाइयटी बड़ा सकता है। परिवार के सदस्यों के सानिध्य में सुखद एहसास रहेगा। इस सप्ताह की गयी यात्राओं द्वारा भी धीरे धीरे अच्छे परिणाम आते जाएँगे। सेहत में भी अच्छे सुधार आपके लिए इस सप्ताह दिखाई पड़ेंगे। लव लाइफ़ में ऐंज़ाइयटी बड़ सकती है। शुभ दिन : 23,24,25,27

तुला (22 सितम्बर से 21 अक्तूबर)
आर्थिक उन्नति के शुभ संयोग बनते जाएँगे एवं निवेश द्वारा शुभ परिणाम भी प्राप्त होंगे। इस सप्ताह की गयी यात्राएँ शुभ रहेंगी, ख़ासकर आर्थिक मामलों के लिए की गयी यात्राएँ अधिक सफल रहेंगी। कार्य क्षेत्र में आप जितना अधिक नए लोगों से मिलेंगे उतना ही प्रगति भी होगी। सेहत में धीरे धीरे सुधार आएगा। परिवार में जश्न का माहौल रहेगा। हो सकता है की आपको किसी प्रॉपर्टी से फ़ायदा भी हो सकता है। लव लाइफ़ में कभी कभी अपनी नाराजग़ी भी दिखा देना शुभ होता है। सप्ताह के अंत में आपकी सूझबुझ की तरीफ़ें होंगी। शुभ दिन : 23,25,26,27

वृश्चिक (22 अक्तूबर से 21 नवम्बर)
कार्य क्षेत्र में उन्नति के शुभ संयोग बन रहे हैं। महिला वर्ग से इस सम्बंध में मदद मिलेगी। सेहत में भी सुधार अच्छे रहेंगे। इस सप्ताह आर्थिक व्यय के योग बन रहे हैं, थोड़ा संभाल कर रहें। परिवार को लेकर आप बहुत ज़्यादा पोस्सेसिव रहेंगे। इस सप्ताह यात्राओं को टाल दें तो बेहतर होगा। लव लाइफ़ में अचानक से रोमांस पदार्पण करेगा। सप्ताह के अंत में बहुत कुछ पोसिटिव हो सकता है। आप अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त करेंगे। शुभ दिन : 22,24,27

धनु (22 नवम्बर से 21 दिसंबर)
इस सप्ताह की गयी यात्राएँ सफल रहेंगी। आप जितना फ़ोकस के साथ यात्राओं पर अमल करेंगे उतनी हे ज़्यादा सफलता प्राप्त करेंगे। लव लाइफ़ में एक बैलेन्स बना कर चलने से प्रेम सम्बंध सुखद रहेंगे। आर्थिक व्यय अधिक हो सकता हैं। कार्य क्षेत्र में लिखा पड़ी के किसी काम को ध्यान पूर्वक पड़ें अन्यथा बाद में कष्ट आपको ही होगा। पेट से समबंधित तकलीफ़ हो सकती है। सप्ताह के अंत में उतार चड़ाव रहेंगे हालाँकि अंत में सुखद अनुभव रहेगा। शुभ दिन : 21,26

मकर (22 दिसंबर से 21 जनवरी)
कार्य क्षेत्र में भी बड़ोतरि होगी एवं जीवन सफल रहेगा। इस मामले में कहीं से पोसिटिव ख़बर मिल सकती है। आर्थिक उन्नति के शुभ संयोग बनेंगे। सेहत में धीरे धीरे सुधार होगा। लव लाइफ़ में ऐंज़ाइयटी महसूस कर सकते हैं। यात्राओं द्वारा भी शुभ परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में किए गए वादे इस सप्ताह पूर्ण नहीं होंगे। किसी प्रॉपर्टी को लेकर मन व्यथीत हो सकता है। लव लाइफ़ में ऐंज़ाइयटी बड़ेगी। शुभ दिन : 22,23,26

कुंभ (22 जनवरी से 21 फरवरी)
पुराने अटके हुए धन के आगमन के शुभ संयोग बन सकते हैं। आर्थिक उन्नति होगी एवं विधि के मसलों में भी विजय प्राप्त कर सकते हैं। प्रेम सम्बंध में सुखद एहसास रहेगा एवं किसी बुज़ुर्ग का आशीर्वाद एवं उनकी गाइडेन्स आपके लिए सकरात्मक बदलाव लाएगी। कार्य क्षेत्र में कोई भी परतनेशिप का काम आपको सफलता अवश्य दिलवाएगा। सेहत में भी पोसिटिव बदलाव दिखाई पड़ेंगे। यात्राओं द्वारा शुभ संयोग बनते जाएँगे एवं यात्राएँ भावनात्मक एवं मानसिक स्तर पर सुखद रहेंगी। अप्ताह के अंत में की गयी एक नयी शुरुआत आपको शुभ परिणाम देंगी। इस समय आप कुछ नया सीखने का मन भी बना सकते हैं। शुभ दिन : 22,23,26,27

मीन (22 फरवरी से 21 मार्च)
आर्थिक उनंति के शुभ संयोग इस पूरे सप्ताह आपके लिए बनते जाएँगे। इस सप्ताह शॉपिंग आदि में आप का ख़ूब मन लगेगा। कार्य क्षेत्र में प्राजेक्ट्स सफलता दिलवाएँगे। पार्ट्नर्शिप में किए गए कोई भी काम शुभ होंगे। लव लाइफ़ रोमांटिक रहेगी। परिवार के सानिध्य में ख़ुशियाँ प्राप्त करेंगे। यात्राओं को इस सप्ताह टाल दें तो ही बेहतर होगा। सप्ताह के अंत में किसी युवा को लेकर मन में चिन्ताएँ अधिक हो सकती हैं। शुभ दिन : 21,22,23,25

 

नन्दिता पाण्डेय
ऐस्ट्रोटैरोलोजर आध्यात्मिक गुरु, लाइफ़ कोच
Mob. +91-93127-11293, E-mail - nandita.pandey@gmail.com

मेष (22 मार्च से 21 अप्रैल)
कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी एवं जीवन में सफलता आसानी से मिलती जाएगी। आपके प्रोजेक्ट में इक्स्पैन्शन के योग बन रहे हैं। कार्य्क्शेटर से सम्बंधित यात्राओं द्वारा भी शुभ संयोग बनेंगे। पुराने निवेश अचानक से फ़ायदा पहुँचा सकते हैं। विधि के मसलों में भी जीत आपकी ही होगी। सेहत में की गयी एक नयी शुरुआत आपकेल इए पोसिटिव परिणाम ला सकती है । परिवार में किसी महिला सदस्य की सहायता से जीवन सफल रहेगा। यतराओब के लिए भी शुभ समय है एवं आप अपने साथी यात्रियों की सहूलियत एवं सुरक्षा के लिए ख़ुद जागरूक होकर काम करेंगे। प्रेम सम्बंध में सुकून एवं रोमांस रहेगा। सप्ताह के अंत में ऐंज़ाइयटी बड़ सकती है। शुभ दिन : 14,15,16,18,19

वृषभ (22 अप्रैल 21 मई)
निवेश द्वारा सफलता हासिल होगी। इस मामले में कोई पॉजि़टिव ख़बर आपको इस सप्ताह मिल सकती है। नींद में ख़लल पडऩे से सेहत में भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। लव लाइफ़ में थोड़ा सा बंधन महसूस कर सकते हैं। अपने प्राजेक्ट्स को लेकर बहुत ज़्यादा जि़द्दी हो जाएँ एवं फिर बात चीत बंद कर दें तो नुक़सान आपको ही होगा। यात्राओं द्वारा आपके लिए शुभ परिणाम आएँगे। परिवार में किसी भी मुश्किल का हल निकालने के लिए आपको संयम के साथ काम करना चाहिए। सप्ताह के अंत में की गयी एक नयी शुरुआत आपके लिए शुभ होगी। शुभ दिन : 16,20

मिथुन (22 मई से 21 जून)
इस सप्ताह आपके कार्य क्षेत्र में महिला वर्ग द्वारा दिए गए सप्पोर्ट से समय अच्छा रहेगा। आर्थिक उन्नति भी होगी लेकिन आपकी अपेक्षाओं से कम। अपने कऱीबी लोगों के साथ सुखद समय व्यतीत करने की वजह से सेहत में भी इम्प्रूव्मेंट रहेगा। परिवार के मामलों में एक बैलेन्स बना कर चलने की ज़रूरत है, ख़ुशियाँ अपने आप ही बड़ती जाएँगी। लव लाइफ़ में रोमांस बरकऱार रहेगा एवं जीवन में सुखद अनुभव अवश्य आएँगे। यात्रा करते समय इस सप्ताह आपका मन बेचैन रहेगा एवं इन्हें टाल देना ही आपके हक़ में है । सप्ताह के अंत में किसी अप्रिय घटना के अचानक से सामने आने पर आप थोड़ा सा चिंतित रह सकते हैं। शुभ दिन : 14,15,17,18

कर्क (22 जून से 21 जुलाई)
परिवार में जश्न का माहौल रहेगा एवं किसी विवाह आदि में भी शामिल होने के योग भी बन सकते हैं। यात्राओं द्वारा भी शुभ परिणाम आएँगे एवं इस मामले में जीवन सफल रहेगा। हो सकता है की किसी नए स्थान पर यात्रा करने का मन बनाएँ। प्रेम सम्बंध में एक नयी शुरुआत आपके जीवन में सुख एवं ख़ुशियाँ लेकर आएगी। कार्य क्षेत्र में हालाँकि आपको थोड़ा कठिन समय का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को इस सप्ताह टाल दें। निवेश अधिक रहेंगे एवं हो सकता है यह इसलिए हो, क्योंकि आपका किसी ऐसे व्यक्ति के साथ अहं का टकराव हो जाए जिन्होंने मेहनत कर एक मुक़ाम हासिल किया हो। सेहत की तरफ़ भी ध्यान दें की ज़रूरत है। सप्ताह के अंत में ख़ुशियाँ दस्तक देंगी। शुभ दिन : 14,18,19,20

सिंह (22 जुलाई से 21 अगस्त)
यह समय शांतिपूर्ण तरीक़े से सभी मसलों के हल निकालने का है। आपके धैर्य एवं सूझबूझ की साँझगाँठ द्वारा आप सभी कष्टों से बाहर निकलते जाएँगे। प्रेम सम्बंध अनुकूल रहेंगे एवं आपसी समझ एवं रेस्पेक्ट दोनो ही बरकऱार रहेगी। कार्य क्षेत्र में भविषयोन्मुखी होने की ज़रूरत है तभी उन्नति होगी। आर्थिक व्यय अधिक रहेंगे। भावनात्मक कारणों की वजह से सेहत में प्रतिकूल प्रभाव रहेगा। इस सप्ताह यात्रा करते समय भी किसी ना किसी कारणवश थोड़ा सा बंधन महसूस कर सकते हैं। लव लाइफ़ रोमांटिक रहेगी। परिवार के मसलों में मूड में उतार चड़ाव रहेंगे लेकिन अंत में सुखद अनुभव भी रहेंगे। सप्ताह का अंत ऐंज़ाइयटी बड़ा सकता है। शुभ दिन :14

कन्या (22 अगस्त से 21 सितम्बर)
कार्य क्षेत्र में सुखद अनुभव रहेंगे एवं किसी भी अवरोध पर विजय प्राप्त करेंगे। इस मामले में आपको किसी पितृतुल्य व्यक्ति का साथ मिल सकता है। सेहत में धीरे धीरे सुधार होगा। परिवार में कोई ऐसे बुज़ुर्ग जिन्होंने समाज में एक रतबा हासिल कर लिया हो वह आपकी मदद कर सकते हैं। यात्राओं द्वारा साधारण फ़ायदे होंगे। प्रेम सम्बंध में आप इस सप्ताह अपने पार्ट्नर के साथ घूमने फिरने के बारे में मन बना सकते हैं। आर्थिक व्यय हालाँकि अभी भी अधिक दिखाई पड़ रहे हैं। सप्ताह का नट थोड़ा सा ऐंज़ाइयटी से भरा रह सकता है। शुभ दिन : 15,18

तुला (22 सितम्बर से 21 अक्तूबर)
इस सप्ताह की गयी यात्राओं द्वारा आपके लिए अत्यंत शुभ परस्तिथियाँ बनती जाएँगी एवं यात्राएँ सफल भी रहेंगी। परिवार में कोई युवा आपको कष्ट दे सकता है। सेहत में अचानक सुधार दिखाई पड़ेगा फिर भले ही वह थोड़ा सा ही क्यों ना हो। प्रेम सम्बंध सुखद एहसास लेकर आएँगे एवं सुख शांति बनी रहेगी। अपने काम को लेकर बहुत ज़्यादा पोस्सेसिव रहेंगे तो नुक़सान आपको हो सकता है। आर्थिक उन्नति में भी साधारण सफलता मिलेगी। इस सप्ताह की गयी आपकी मेहनत आने वाले समय में आपको फल देगी। शुभ दिन : 14, 19

वृश्चिक (22 अक्तूबर से 21 नवम्बर)
कार्य क्षेत्र में आप काफ़ी बिज़ी रहेंगे एवं टीम वर्क के द्वारा आपके लिए बहुत अच्छे परिणाम भी सामने आएँगे। आर्थिक उन्नति तभी होगी जब आप पूर्ण रूप से अपने चारों तरफ़ की स्तिथियों का आंकलन कर निवेश करेंगे। पुरानी हेल्थ ऐक्टिविटी की तरफ़ फिर से रुझान बड़ेगा एवं सेहत में सुधार भी बहुत रहेगा। महिला वर्ग आके जीवन में अच्छे सप्पोर्ट की तरह आएँगी। यात्राओं के लिए भी शुभ संयोग बन रहे हैं एवं आपको इनसे फ़ायदा भी होगा। प्रेम सम्बंध में सुखद एहसास रहेंगे। सप्ताह के अंत में किसी बात को लेकर मन चिंतित रहेगा। शुभ दिन : 15,17,18,19

धनु (22 नवम्बर से 21 दिसंबर)
निवेश द्वारा सफलता मिलेगी एवं आर्थिक समृद्धि के शुभ संयोग बनेंगे। कोई नया निवेश आपके लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। सेहत की तरफ़ ध्यान देने की ज़रूरत है अन्यथा कष्ट होगा। परिवार के मसलों में थोड़ा सा यथार्थवादी रूख रखें तभी ख़ुश रहेंगे। इस सप्ताह यात्राएँ करते समय धोखे हो सकते हैं, थोड़ा सा संभाल कर रहें। सप्ताह के अंत में कोई पोसिटिव समाचार मिलेगा। परिवार के मामलों में आपको प्रैक्टिकल होकर निर्णय लेना चाहिए तभी सुकून भी रहेगा। कार्य क्षेत्र में बेचैनी बड़ेगी एवं कटु वाणी की वजह से आपके अपनो को कष्ट हो सकता है। शुभ दिन : 14,16,20

मकर (22 दिसंबर से 21 जनवरी)
सेहत में सुधार अधिक रहेगा एवं आप तंदूरस्ती एवं स्फूर्ति महसूस करेंगे। आर्थिक उन्नति के शुभ संयोग बन रहे हैं, लेकिन आपकी अपेक्षाओं से कम रहेंगे। प्रेम सम्बंध में सुकून एवं रोमांस दोनो ही रहेगा। कार्य क्षेत्र में कुछ बंधन महसूस कर सकते हैं। इस सप्ताह की गयी यात्राओं द्वारा आपके लिए शुभ संयोग बनते जाएँगे। आप किसी समारोह में भी शामिल हो सकते हैं। परिवार में कुछ ऐंज़ाइयटी बड़ सकती है। सप्ताह के अंत में बहुत सारे बदलाव नजऱ आएँगे एवं जीवन एक नया रूख ले सकता है। शुभ दिन : 14,17,19,20

कुंभ (22 जनवरी से 21 फरवरी)
आर्थिक समृद्धि के शुभ संयोग बनते जाएँगे एवं निवेश द्वारा फ़ायदा होगा। यात्राओं द्वारा भी आपको शुभ परिणाम मिलेंगे एवं जीवन में उन्नति होगी। किसी बुज़ुर्ग की इसमें आपको मदद मिल सकती है। परिवार से सम्बंधित विषयों को लेकर मन चिंतित रहेगा। सेहत में भी जो सुधार आप चाह रहे हैं वह अभी और वक़्त ले सकता है । बहुत जल्दी निर्णय लेना भी आपके कार्य क्षेत्र में हानि पहुँचा सकता है। किसी महिला की वजह से लव लाइफ़ में दिक्कतें सामने आएँगी। सप्ताह का अंत भी ऐंज़ाइयटी से गुजऱ सकता है। शुभ दिन : 16,19

मीन (22 फरवरी से 21 मार्च)
कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी एवं आपको इस मामले में पोसिटिव ख़बर मिल सकती है।साझेदारी में किए गए निवेश भी आपके लिए बहुत फ़ायदे लेकर सामने आ सकते हैं। किसी जश्न में भी शामिल हो सकते हैं। सेहत की तरफ़ ध्यान देने की आवश्यकता है। परिवार में एक नयी शुरुआत आपके जीवन में ख़ुशियाँ लाकर आएँगी। यात्राओं के लिए यह समय अनुकूल नहीं है एवं इन्हें टाल दें तो ही बेहतर होगा। प्रेम सम्बंध में बात चीत द्वारा मसलों का हल निकलेंगे तो ज़्यादा सुखी रहेंगे। सप्ताह के अंत में कोई पितृतुल्य व्यक्ति आपकी मदद कर सकते हैं। शुभ दिन : 15,16,18,20


नवीमुंबई (खारघर):(हम हिंदुस्तानी)-खारघर फोरम व शिवतेज मित्र मंडळ सिवूड्स' की तरफ से खारघर,नवी मुंबई में ' दांडिया-२०१८' किया गया था, जहाँ पर मराठी फिल्म ‘अहिल्या-झुंज एकाकी' ने पहुंच कर धमाल मचाया। वहां पर फिल्म की अभिनेत्री प्रितम कागणे,अभिनेता रोहीत सावंत,निर्देशक राजू पार्सेकर,निर्माता श्रीधर चारी,अभिनेत्री संध्या माणिक,अभिनेत्री दिव्या शिंदे का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें खारघर फोरम व शिवतेज मित्र मंडळ सिवूड्स' की तरफ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर खारघर फोरम के आनंद पाटील व नगरसेवक विशाल डोळस, राजमान्य के गिरीश कदम इत्यादि उपस्थित थे।


नई दिल्ली (हम हिंदुस्तानी)- डॉक्टर नीलम महेंद्र को अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकारिता सम्मान- 2018 से सम्मानित किया गया।चर्चित वेबसाइट प्रवक्ता. कॉम की ओर से यह सम्मान उनके लेखन के लिए दिया गया।प्रवक्ता के दस वर्ष पूर्ण होने पर यह कार्यक्रम दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कलाकेंद्र के सदस्य सचिव डॉक्टर सच्चिदानंद जोशी ने की इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि अमर उजाला के समूह संपादक उदय सिन्हा, पत्रारिता विश्वविद्यालय मंगलापतन के डीन शिवजी सरकार, जी टीवी के राजनैतिक संपादक बृजेश सिंह , भाषा और तकनीक विशेषज्ञ बालेंदु शर्मा दधीचि, प्रवक्ता के संस्थापक संपादक संजीव सिन्हा और प्रबन्धक भारत भूषण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में जाने माने पत्रकार राहुल देव विशेष रूप से उपस्थित थे। डॉक्टर नीलम महेंद्र प्रसिद्ध ब्लॉगर हैं एवं ये पूर्व में 6 बार जागरण द्वारा बेस्ट ब्लॉगर अवार्ड से सम्मानित की जा चुकी हैं। अभी हाल ही में इनके द्वारा लिखी पुस्तक राष्ट्रवाद एक विवाद चर्चा में है।


मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-भारतीय बुनकरी की विशेषताओं, इतिहास और बुनकरों की समस्याओं पर केंद्रित फिल्म 'बुनकर- द लास्ट ऑफ द वाराणसी वेवर्स' ' बड़ी बारीकी से मुद्दों का विश्लेषण करते हुए आगे बढ़ती है और सवाल सरकार पर ही नहीं समाज के लिए भी खड़ा करती है कि क्यों हम एक पारम्परिक कला को मरते हुए देख रहे हैं। सत्य प्रकाश उपाध्याय द्वारा निर्देशित फिल्म में दिखाया गया है कि क्यों सरकारों के बड़े-बड़े राहत पैकेजों के बावजूद हथकरघा उद्योग अपनी आखिरी साँसें गिन रहा है। मशीनों ने कैसे हाथ के कारीगर को आर्थिक मजबूरी में पारम्परिक पेशे से अलग कर दिया है यह भी फिल्म में विस्तार से दिखाया गया है।

फिल्म में दिखाया गया है कि दरअसल, भारतीय कला और संस्कृति के विभिन्न आयामों को हम कायम रखने की सिर्फ बातें ही करते हैं जबकि हकीकत कुछ और ही है। आज भी दुनिया में भारतीय हस्तशिल्प का बोलबाला है लेकिन यह भी एक कटु सत्य है कि हथकरघा उद्योग का मशीनीकरण हो जाने के चलते पारम्परिक बुनकर बेरोजगार हो चले हैं, जिन परिवारों में पीढ़ियों से बुनकरी खानदानी पेशे के रूप में चली आ रही थी, वहां नयी पीढ़ी इस परम्परा को आगे ले जाने में हिचक रही है। बनारसी साड़ियां अपनी गुणवत्ता, खूबसूरती और बेहतरीन कारीगरी के लिए विश्व विख्यात हैं। शादी के समय दुलहन को लहँगे पहनने का चलन तो बॉलीवुड फिल्मों ने शुरू किया वरना कुछ समय तक हर लड़की की यही चाहत होती थी कि फेरों के समय वह बनारसी साड़ी ही पहने। लेकिन अब समय बदला है और कभी खुशहाल रहा यह उद्योग आज दम तोड़ता नजर आ रहा है।

इस फिल्म का ट्रैलर इस वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर जारी किया गया था। फिल्म में बुनकरों और कारीगरों के साक्षात्कारों की बड़ी श्रृंखला है जिससे दर्शकों को यह समझने में बेहद आसानी होती है कि कैसे उद्योग से जुड़े लोग अपने भविष्य के प्रति अनिश्चित हैं। ना तो इस उद्योग से जुड़े बुनकरों को ठीकठाक दैनिक मजदूरी मिलती है और ना ही इनके उत्पादों के लिए बाजार तक सीधी पहुँच का कोई साधन उपलब्ध है।

फिल्म प्राचीन नगरी वाराणसी में हथकरघा उद्योग के इतिहास पर भी प्रकाश डालती है। इसमें दिखाया गया है कि यह कला है क्या और कैसे कारीगर इस कला को लेकर गौरवान्वित हैं और बदलते समय में वह क्या सोचते हैं। हथकरघा उद्योग के बारीकी से होते काम, खूबसूरत बनावट और इसकी विश्व भर में लोकप्रियता आदि मुद्दों पर भी विस्तृत रूप से फिल्म में प्रकाश डाला गया है। निर्देशक उपाध्याय ने इस फिल्म को बनाने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगाया क्योंकि इस मुद्दे को सिर्फ पर्दे पर दिखाना ही उद्देश्य नहीं था बल्कि समस्या की गहराई को प्रस्तुत करते हुए सरकारों पर इसके समाधान के लिए दबाव बनाने का लक्ष्य भी था। निर्देशक बताते हैं कि इस कला के प्रति नयी पीढ़ी को जागरूक करना होगा और कारीगरों की बाजार तक सीधी पहुँच बना कर भी इस मरती हुई कला को जीवनदान दिया जा सकता है।

फिल्म की शुरुआत वाराणसी में गंगा के तट से होती है और बताया जाता है कि कैसे करघा उद्योग कहाँ से कहाँ पहुँच गया। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक इसकी जान है। यदि आप लीक से हटकर फिल्म देखने के शौकीन हैं और भारतीय कलाओं में रुचि रखते हैं तो निश्चित रूप से आपको लगभग एक घंटे की यह फिल्म पसंद आयेगी। फिल्म के निर्माताओं की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने व्यावसायिक हितों की परवाह नहीं करते हुए एक सामयिक विषय पर फिल्म बनाने का साहस दिखाया। निर्देशक ने कहानी को पटरी से उतरने नहीं दिया है और फिल्म में चालू मसाला डालने से परहेज कर इसे मुख्य मुद्दे पर ही केंद्रित रखा है।

# निर्माता- सपना शर्मा, निर्देशक- सत्य प्रकाश उपाध्याय, सिनेमेटोग्राफी- विजय मिश्रा, संगीत- अंकित शाह, एनिमेशन- अमोल खानविलकर।

नीरज कुमार दुबे, वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
लेखक प्रभासाक्षी डॉट कॉम के सम्पादक


अमृतसर (Hum Hindustani): अलग-अलग पंथक संगठनों के विरोध के कारण पिछले लंबे समय से अलग-अलग फैसलों को लेकर विवादों में घिरे श्री अकाल तख्त साहब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने आज देर शाम अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है।

यह इस्तीफा उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान को भेजने के साथ-साथ मीडिया को भी ई-मेल के द्वारा भेजा। इस्तीफे में चाहे जत्थेदार की ओर से अपनी सेहत और बड़ी उम्र तकाजा बताते हुए अपनी, सेवाएं देने से असमर्थता जाहिर की, परन्तु साथ ही उन्होंने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख को माफी देने संबंधी लिए गए फैसले पर भी अपनी भूल का एहसास करते पूरे खालसा पंथ से माफी मांगी।

जत्थेदार ने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने श्री अकाल तख्त साहब जी की सेवा शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी, समूचे धार्मिक संगठनों, सभा सोसायटियों और समूह संगत के सहयोग से लगातार 10 साल से इस सेवा निभाई। वे रोम-रोम से समूचे खालसा पंथ के ऋणी हैं जिसने समय-समय सिर पंथ में आईं पेश मुश्किलों को हल करने के लिए दास को सहयोग बख्शा।

सिरसे वाले साधु से संबंधित लिए गए फैसले प्रति किंतु-परंतु भी हुआ हैं। खालसा पंथ की भावनाों का सम्मान करते हुए सिंह साहबानों की राय के साथ दिया फैसला वापस ले लिया गया। उन्होंने कहा कि वे हमेशा गुरू ग्रंथ और गुरू पंथ को समर्पित है और अंतिम सांस तक रहेंगें। गुरबानी के फुरमान अनुसार जीव गलतियों करने वाला है, अपने सेवा काल दौरान जाने-अनजाने में हुई गलतियां अपनी झोली डालता हुआ दास समूचे खालसा पंथ से क्षमा याचना करता है।

 


चंडीगढ़/गुरुग्राम - प्रदेश की राजनीति खासकर इंडियन नेशनल लोकदल में विभाजन लगभग तय हाे गया है। गुरुग्राम में इनेलो की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सांसद दुष्‍यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चाैटाला को पार्टी से बर्खास्‍त करने के संकेत मिले हैं। इस बारे में निर्णय लेने का अधिकार पार्टी सुप्रीमो आेमप्रकाश चौटाला को सौंप गया है। चाैटाला ने इस मामले को अनुशासन समिति को देकर 25 अक्‍टूबर को रिपोर्ट देने को कहा है। इसके बाद इस पर निर्णय किया जाएगा। स्‍पष्‍ट संकेत है कि 25 अक्‍टूबर को दोनों भाइयों को इनेलो से निष्‍कासित कर दिया जाएगा। आज जेल वापस लौटने से पहले ओमप्रकाश चौटाला ने कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई थी।
कार्यकारिणी की बैठक में आेमप्रकाश चौटाला को अधिकार, अनुशासन कमेटी की रिपोर्ट पर 25 को लेंगे फैसला
बैठक में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह चौटाला को पार्टी से बर्खास्त करने की अनुमति प्रदेश कार्यकारिणी से ली। इन दोनों को पार्टी से बाहर निकालने का जिम्मा अब चौटाला ने इनेलो की अनुशासन समिति को सौंप दिया। अनुशासन समिति 25 अक्टूबर से पहले सारे तथ्य जुटा कर दुष्यंत व दिग्विजय के इनेलो से निष्कासन पर मुहर लगाएगी। समिति इस बारे में रिपोर्ट देगी और 25 अक्टूबर को ओम प्रकाश चौटाला जब मेडिकल चेकअप के लिए तिहाड़ जेल से एक दिन के लिए बाहर आएंगे तो इस पर अंतिम निर्णय कोंगे। उस समय वह अनुशासन समिति के इस निर्णय को विधिवत रूप से जारी करेंगे।
दुष्‍यंत व दिग्विजय को दादा से सुबूत मांगना महंगा पड़ा
दरअसल, दुष्‍यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को अनुशासनहीनता के आरोप पर सुबूत मांगना महंगा पड़ा। बताया जाता है कि इसके बाद ही ओमप्रकाश चौटाला ने दाेनों को पार्टी से बाहर निकालने मन बना लिया। बैठक में ओमप्रकाश चौटाला ने साफ शब्दों में कहा कि अब पानी सिर से ऊपर आ गया है, इसलिए पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कुछ कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष की इच्छा पूर्ति के लिए पार्टी के संगठन को कमजोर नहीं किया जा सकता।
दुष्यंत और दिग्विजय के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने के लिए चौटाला ने प्रदेश कार्यकारिणी में उपस्थित पदाधिकारियों व सदस्यों के हाथ उठवाकर समर्थन लिया और उसके बाद घोषणा की कि पार्टी के अनुशासन समिति न सिर्फ दुष्यंत -दिग्विजय बल्कि उन सभी पार्टी पदाधिकारियों के बारे में भी अंतिम निर्णय लेगी जो 7 अक्टूबर की गोहाना रैली में अनुशासनहीनता के दोषी हैं। उन्होंने कहा कि वह 25 अक्टूबर को एक दिन के लिए मेडिकल जांच को जेल से बाहर आएंगे। उस दौरान वह अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर अगली कार्रवाई करेंगे।
बैठक में आेमप्रकाश चौटाला ने बेटे अभय चौटाला की पीठ भी थपथपाई। उन्‍होंने कहा कि अभय चौटाला के नेतृत्व में एसवाईएल नहर निर्माण के लिए जेल भरो आंदोलन चलाया गया। दिल्ली में 7 मार्च की रैली से लेकर जो भी आंदोलन हुए हैं वे सब उनकी अनुपस्थिति में संगठन को मजबूत करने के लिए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को कमजोर करने वाले लोग पार्टी में कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
बैठक में आेमप्रकाश चौटाला ने पार्टी नेताओं से कहा, परिस्थितियां आपके अनुकूल है, छोटे-मोटे मतभेद हैं वे समाप्त हो जाएंगे। प्रदेश में इनेलो व बसपा ही अगली सरकार बनाएगी। कुछ ताकतें संगठन को कमजोर कर रही हैं। यह साजिश के तहत हो रहा है।पार्टी में अनुशासनहीनता फैलाई जा रही है। इससे पार्टी का हर कार्यकर्ता चिंतित है। पार्टी में मतभेद व मनभेद खत्म करने की अपील की। अच्छे लोगों को हमने पार्टी में लिया और जो अनुशासनहीनता करते है उनके खुलाफ एक्शन भी लिया है।
चौटाला ने कहा, मै अंदर जाने से पहले आपकी रॉय लेना जरूरी समझता हूं। संगठन में जो लोग जुड़ना चाहते हैं उनकी सूची बनाकर अशोक अरोड़ा को दें। अनुशासनहीनता करने वाले जो लोग जो बच गए हैं उनकी भी सूची तैयार करके दीजिए।
आेमप्रकाश चौटाला ने कहा, पार्टी में अनुशासनहीनता पर लगाम के लिए मैंने सख्त कदम उठाकर इनसो व युवा लोकदल को समाप्त किया है। इनका नए सिरे से गठन करेंगे। यह कदम मुझे मजबूरन ये कदम उठाना पड़ा है। 7 अक्‍टूबर की रैली में कुछ लोगों ने हुल्लड़बाजी की कोशिश की। यह नाकाबिले बर्दाश्‍त है। इसको लेकर अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
उन्‍हाेंने दुष्‍यंत व दिग्विजय काे पार्टी से निष्‍कासित करने का अधिकार दिए जाने की चर्चा करते हुए कहा कि आपने मुझे अधिकार दिया है। मैं उनका यह केस डिस्पिलिनरी कमेटी को दे रहा हूं, ताकि उनके खिलाफ रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हो सके,। पार्टी की छवि को धूमिल करने वाले लोगों को हम पार्टी में बर्दाश्‍त नहीं करेंगे।
बैठक में हरियाणा विधानसभा में नेता विपक्ष अभय चौटाला, इनेलो के प्रदेश प्रधान डॉ. अशोक अरोड़ा सहित सभी वरिष्‍ठ पदाधिकारी व नेता मौजूद हैं। पहले से ही चर्चा थी कि आेमप्रकाश चौटाला बैठक में दुष्‍यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला को लेकर कड़ा फैसला ले सकते हैं। इस साथ ही पार्टी की कमान पूरी तरीके से अभय चौटाला काे सौंपा जा सकता है।
चौटाला ने इनेलो में चाचा अभय चौटाला और भतीजों दुष्‍यंत व दिग्विजय चौटाला के विवाद के मद्देनजर इनेलो की कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई। इससे पहले बुधवार को चौटाला ने पोतों सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला से मुलाकात की थी। दादा और पोतों के बीच बातचीत बेनतीजा रही थी। बताया जाता है कि दुष्‍यंत व दिग्विजय चौटाला ने अपने खिलाफ लगाए गए अारोपों के बारे में सुबूत मांगे थे।
दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला की बुधवार को करीब एक घंटे तक बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान ओमप्रकाश चौटाला के साथ नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला भी थे। दुष्यंत और दिग्विजय अपने दादा से मुलाकात के बाद सीधे 18 जनपथ गए। यहां उनके इंतजार में दुष्यंत की सबसे छोटी बुआ अंजली सिंह बैठी थीं। सूत्रों का कहना है कि दुष्यंत और दिग्विजय से अंजली सिंह की मुलाकात भी दादा ओमप्रकाश चौटाला की तरह बेनतीजा रही। अंजली ने मंगलवार अपनी दोनों बड़ी बहनों के साथ बड़े भाई डॉ. अजय सिंह चौटाला से तिहाड़ जेल में मुलाकात का प्रयास किया था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकीं।
दूसरी आेर, 7 अक्टूबर को गोहाना रैली के बाद से दुष्यंत व दिग्विजय पार्टी काडर के युवा कार्यकर्ता एकजुट हो करने में लगे हैं। इसके नुकसान को भांपते हुए दोनों भाइयों को मनाने का जिम्मा चौटाला परिवार की बेटियों सहित पार्टी के पुराने पदाधिकारियों ने उठाया। रोहतक के पूर्व सांसद इंद्र सिंह सहित कुछ अन्य पुराने नेताओं ने परिवार का विवाद सुलझाने की पहल शुरू की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं होने पर कार्यक‍ारिणी की बैठक में कड़ा निर्णय किया गया।
इंद्रसिंह ने फरीदाबाद प्रवास के दौरान 16 अक्टूबर को पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला से विस्तृत चर्चा की थी। माना जा रहा है कि ये सभी नेता दुष्यंत-दिग्विजय को एक नए फार्मूले के लिए मना रहे थे कि अभय सिंह चौटाला प्रदेश की राजनीति करेंगे तथा दुष्यंत-दिग्विजय को हिसार-भिवानी लोकसभा सीट देकर केंद्र की राजनीति स्वतंत्र रूप से दी जाए। हालांकि दुष्यंत-दिग्विजय ने इस फार्मूले को सिरे से नकार दिया।

 


नई दिल्ली - उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का गुरुवार दोपहर को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 92 वर्ष के थे।
एनडी तिवारी उत्तराखंड के अभी तक के इकलौते मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। नए-नवेले राज्य उत्तराखंड के औद्यौगिक विकास के लिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जाता है। उत्तराखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के लिए तिवारी के योगदान की सराहना की है।
वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। पिछले महीने यानी 20 सितंबर को उन्हें ब्रेन स्ट्रोक के चलते दिल्ली में साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पीछे उनकी पत्नी उज्ज्वला शर्मा और बेटा रोहित शेखर हैं।
18 अक्टूबर 1925 को तत्कालीन यूनाइटेड प्रोविंस में नैनीताल के पास बलूटी गांव में तिवारी का जन्म हुआ था। आज यह गांव उत्तराखंड में नैनीताल जिले में स्थित है। नारायण दत्त तिवारी के पिता पूर्णानंद तिवारी वन विभाग में अधिकारी थे। तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए, एलएलबी की पढ़ाई की।
ऐसा रहा राजनीतिक जीवन
सर्वप्रथम 1952 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से विधानसभा सदस्य। फिर 1957, 1969, 1974, 1977, 1985, 1989 और 1991 में विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। दिसंबर 1985 से 1988 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।
चार बार रहे मुख्यमंत्री
पहली बार 1976 से अप्रैल 1977, दूसरी बार तीन अगस्त 1984 से 10 मार्च 1985 और तीसरी बार 11 मार्च 1985 से 24 सितंबर 1985 और चौथी बार 25 जून 1988 से चार दिसंबर 1989 तक उप्र के मुख्यमंत्री रहे।
-वर्ष 1969, 1970, 1971-1975 तक उप्र मंत्रिमंडल में मंत्री।
-वर्ष 1977-79 और 1989-91 तक विधानसभा में नेता विरोधी दल रहे।
-जून 1980 से अगस्त 1984 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री। सितंबर 1985 से जून 1988 तक केंद्र में उद्योग, वाणिज्य, विदेश और वित्त मंत्री रहे।
-जनवरी 1985 से मार्च 1985 तक विधान परिषद सदस्य रहे।
-नवंबर 1988 से जनवरी 1990 तक विधान परिषद सदस्य रहे।
-वर्ष 1994 में अध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी।
-वर्ष 1995-96 में अध्यक्ष आल इंडिया इंदिरा कांग्रेस तिवारी
-वर्ष 2002 से 2007 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री।
-22 अगस्त 2007 से 26 दिसंबर 2009 तक आंध्र प्रदेश के राज्यपाल।
जेल में भी रहे तिवारी
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एनडी तिवारी जेल में भी रहे। वह बरेली सेंट्रल जेल में उन्हें आजादी की लड़ाई में बंद किया गया था।


नई दिल्ली - दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ एम जे अकबर के आपराधिक मानहानि मामले में आज सुनवाई की। रमानी ने अकबर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। कोर्ट ने कहा, अकबर और गवाहों के बयान की जांच 31 अक्टूबर को जाएगी। सुनवाई के दौरान अकबर की वकील ने रमानी के ट्वीट्स और आरोपों को मानहानि बताया।
पूर्व विदेश राज्य मंत्री की वकील गीता लूथरा ने कहा, प्रिया रमानी ने अकबर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले ट्वीट किए हैं, और उनके दूसरे ट्वीट को करीब 1200 लोगों ने लाइक किया। प्रिया द्वारा किए ट्वीट अकबर के व्यक्तित्व को ठेस पहुंचाते हैं। इन्हीं ट्वीट्स का जिक्र देश-विदेश की मीडिया ने भी अपने लेखों में किया है। जब तक रमानी सच सबित नहीं कर देतीं तब तक उनके ट्वीट्स मानहानि वाले ही माने जाएंगे।
वकील ने कहा प्रिया के आरोपों की वजह से एमजे अकबर की 40 पुरानी इमेज को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि अकबर ने बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

 


निलाक्कल - सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर जारी विवाद थम नहीं रहा है। बुधवार को मंदिर के कपाट खुलने के बाद भी महिलाएं मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाईं। वहीं आज कई संगठनों ने राज्यव्यापी बंद का एलान किया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन की तरफ से सन्नीधानम, पंबा, निलक्कल और ईलावुंगल में धारा 144 लगा दी गई है।
इससे पहले, सबरीमाला मंदिर के द्वार शाम को खुलने से पहले ही बुधवार सुबह यहां भारी हंगामा हुआ। हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को भी नहीं बख्शा। रिपोर्टरों पर हमला किया गया और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को मंदिर जाने से रोक दिया गया। केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब कर ली है।
क्या बोले सबरीमाला मंदिर के पुजारी
सबरीमाला मंदिर के प्रमुख पुजारी केंद्रारू राजीवरु ने कहा 'स्थिति भयानक है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई श्रद्धालु निराश हैं। श्रद्धालुओँ से विनती हैं कि वे सबरीमाला मंदिर का सिस्टम बनाए रखें। मैं हिंसा का समर्थन नहीं करता हूं। हिंसा फैलाने वाले श्रद्धालु नहीं बल्कि कोई और हैं।'
राजीवरु ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट सिर्फ कानून के बारे में सोचता है ना कि परंपराओं के बारे में। अभी भी कई श्रद्धालु पुरानी परंपराओं के समर्थन में हैं। मेरी बस एक ही राय है जो पुरानी परंपरा पर आधारित है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश के बाद बुधवार को शाम पांच बजे मंदिर के कपाट पहली बार खुले थे। हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर नारियल में घी भरकर भगवान अयप्पा को भोग लगाया। इस दौरान कुछ वृद्ध महिलाओं और नन्हीं बच्चियों को ही मंदिर में प्रवेश पाते देखा गया। इस दौरान रजोधर्म की आयु वाली कोई भी महिला सन्निधानम (मंदिर परिसर) में नहीं देखी जा सकी।
हालांकि केरल पुलिस के प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने कहा है कि मंदिर में दर्शन से किसी को भी रोका नहीं जाएगा। रोकने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध कर रहे संगठनों ने रजोधर्म वाली महिलाओं को रोकने में पूरी ताकत झोंक दी। प्रदर्शनकारियों के अगुआ राहुल ईश्वर को पर्वत पर स्थित सबरीमाला मंदिर की यात्रा के पड़ाव स्थल पंबा (मंदिर से बीस किमी पहले) में गिरफ्तार कर लिया गया। अयप्पा धर्मसेना के प्रमुख ईश्वर ने कहा कि आंदोलन अहिंसक, गैर राजनीतिक व गैर सांप्रदायिक रहेगा। निलाक्कल स्थित एक अन्य पड़ाव पर भी सुबह से ही तनाव बना रहा। विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने चार राष्ट्रीय समाचार चैनलों की महिला पत्रकारों से धक्का-मुक्की की। उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों ने दस बसों में भी तोड़फोड़ की। इन लोगों ने दस पत्रकारों, पांच भक्तों और 15 पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस ने 50 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।
आंध्र की 40 वर्षीय महिला को लौटना पड़ा
हिंसक प्रदर्शन से बेखबर आंध्र प्रदेश की 40 साल की एक महिला ने सबरीमाला पर्वत पर चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उसे पंबा वापस लौटने को विवश किया गया। पुरुष आंदोलनकारियों के विरोध के कारण उन्हें पुलिस सुरक्षा में वहां से निकाला गया। केरल के अलपुझा की एक अन्य प्रतिबंधित उम्र की महिला को भी बस स्टैंड से लौटा दिया गया। सबरीमाला यात्रा की शुरुआत के तीन केंद्रों-पंबा, निलाक्कल व एरमेली में सैंकड़ों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मंदिर मासिक पूजा के लिए 17 अक्टूबर की शाम 5 बजे से 22 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
भाजपा ने किया 'नामजाप'
पंबा में पुलिस ने सबरीमाला मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) व मंदिर के अभिरक्षक राजपरिवार के सदस्यों को विरोध स्थल से हटाया तो वहां उनके साथ मौजूद भाजपा नेताओं ने 'नामजाप' शुरू कर दिया। ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध कर रहे थे। भाजपा के राज्य महामंत्री के. सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि बगैर किसी उकसावे के तंत्री व राजपरिवार के सदस्यों को हटाया गया। उधर, कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन के नेतृत्व में निलाक्कल में अयप्पा भक्तों के समर्थन में एकजुटता दिखाई गई। भक्त भी नहीं चाहते हैं कि कोर्ट इस परंपरा में दखल दे।

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