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बिश्‍केक। किर्गिस्‍तान के बिश्‍केक में आयोजित दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के बाद यहां के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव और पीएम मोदी के बीच बैठक हो रही है। यह बैठक बिश्केक में India-Kyrgyzstan Business Forum को लेकर है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जीनबेकोव को शुक्रिया कहते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच प्राचीन संबंध रहे हैं। व्यापार और निवेश के संदर्भ में हम इन संबंधों का और विस्तार चाहेंगे। व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए पांच साल की योजना तैयार है। पीएम मोदी ने द्विपक्षीय निवेश समझौता को लेकर कहा कि भारत के आर्थिक विकास और प्रौद्योगिकी में उन्नति दुनिया भर में विकास का प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, भारत के युवा और अन्वेषक भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इससे पहले सम्मेलन में सभी सदस्यों ने आतंकवाद पर बड़ा संदेश दिया। एसएसीओ समिट में इस दौरान सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद को लेकर सभी सदस्यों ने साझा घोषणापत्र जारी किया है। साथ ही 14 समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा वक्‍त में आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले, इसका वित्तपोषण करने वाले और आतंकियों की मदद करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के मसले पर वैश्विक सम्मेलन का आह्वान भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मसले पर बिना नाम लिए पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया। उन्‍होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को मजबूत करने की एससीओ की भावना और उसके विचारों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद मुक्त समाज के लिए खड़ा है। आतंकवाद से निपटने के लिए दुनिया की मानवतावादी ताकतों को एकजुट होना होगा।
अमेरिका के तेल प्रतिबंधों पर हो सकती है बातचीत;-अमेरिका ने ईरान और वेनेज़ुएला पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया हुआ है। ये दोनों देश विश्व में तेल के तीसरे और चौथे सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। भारत में इन दोनों देशों से होने वाली तेल की आपूर्ति सबसे अहम है। अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से भारत में आयात बंद है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मसले पर ईरान के राष्‍ट्रपति (Iran President) हसन रूहानी (Hassan Rouhani) के साथ बात कर सकते हैं।

बिश्केक। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राजनयिक प्रोटोकॉल तोड़कर फिर अपनी फजीहत करवाई। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में गुरुवार को शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान जब विभिन्न राष्ट्राध्यक्ष सम्मेलन हॉल में प्रवेश कर रहे थे, तब सभी लोग उनके स्वागत में खड़े हो गए लेकिन इमरान अपनी सीट पर बैठे रहे।इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया गया है। इसमें दिख रहा है कि प्रधानमंत्री इमरान को जब यह लगा कि सिर्फ वही बैठे हैं तो वह थोड़ी देर के लिए खड़े हो गए लेकिन दूसरों के बैठने से पहले ही वह अपनी सीट पर बैठ गए।
ओआइसी में भी तोड़ा था प्रोटोकॉल;-इमरान ने इस महीने के शुरू में सऊदी अरब में हुए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआइसी) के 14वें शिखर सम्मेलन में भी राजनयिक प्रोटोकॉल की अनदेखी की थी। इस सम्मेलन में सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज से मुलाकात के दौरान उन्होंने सलमान के दुभाषिए से कोई बात कही, लेकिन वह जब तक उसका अनुवाद कर सलमान को बताता उससे पहले ही इमरान वहां से चल दिए थे।उस समय इस वाकिये का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। पाकिस्तान और सऊदी अरब के लोगों ने इसके लिए इमरान की आलोचना की थी।

बिश्‍केक। ईरान के राष्‍ट्रपति हसन रूहानी (Hassan Rouhani) ने शुक्रवार को किर्गिस्‍तान के बिश्‍केक में आयोजित दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा वक्‍त में अमेरिका की कार्रवाईयां क्षेत्रीय और वैश्विक स्थि‍रता के लिए गंभीर खतरा हैं।रूहानी ने कहा कि अमेरिकी सरकार बीते दो वर्षों से सभी अंतर्राष्ट्रीय संरचनाओं और नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने आर्थिक, वित्तीय और सैन्य संसाधनों का इस्‍तेमाल करते हुए आक्रामक रुख अपनाया है। अमेरिका ने इस क्षेत्र और दुनिया में स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा किया है।बता दें कि ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर गुरुवार को एक संदिग्ध हमले के बाद अमेरिका ने इसके लिए ईरान को जिम्‍मेदार ठहराया था। इन टैंकरों पर उसी क्षेत्र में हमला किया गया, जहां पिछले हफ्ते और चार अन्य तेल जहाजों पर हमला किया गया था। हालांकि ईरान ने इन हमलों में अपना हाथ होने से इनकार किया था।पिछले महीने 12 मई को यूएई के फुजैरा बंदरगाह से कुछ दूर समुद्र में खड़े चार तैल टैंकरों पर भी हमले किए गए थे। इसमें दो टैंकर सऊदी अरब के थे। अमेरिका ने इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई थी। बता दें कि तेल टैंकरों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप प्रत्‍यारोपों के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।

तेहरान। ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका के उन आरोपों का खंडन किया है जिसमें अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया था। ईरान ने अमेरिका के इन आरोपों को निराधार बताया है।ईरान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिका के इस आरोप को खारिज कर दिया कि ओमान की खाड़ी में दो टैंकरों पर हुए हमलों के पीछे उनका हाथ है। एक बयान के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के निराधार आरोपों का जवाब देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने जोर देकर कहा कि ईरान संकट में जहाजों की मदद करने और उनके चालक दल को जल्द से जल्द बचाने आया है।इससे पहले अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमलों के लिए ईरान को दोषी ठहराया था। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने गुरुवार को कहा था, 'यह अमेरिका की सरकार का आंकलन है कि ओमान की खाड़ी में आज हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है।' इससे पहले पिछले महीने इस रणनीतिक समुद्री इलाके में ऐसे ही हमलों को लेकर ईरान की तरफ उंगली उठाई थी। ताजा घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और बढ़ गया है।पोंपियो के मुताबिक उनका आकलन खुफिया जानकारी, इस्तेमाल किए गए हथियारों, अभियान को अंजाम देने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता के स्तर और पोत पर ईरान के इसी प्रकार के हालिया हमलों पर आधारित है. उन्होंने कहा कि इस इलाके में काम कर रहे किसी अन्य छद्म समूह के पास इस स्तर का हमला करने के लिए संसाधन और दक्षता नहीं है।

वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अमेरिका नवीनतम तकनीकों और उपकरणों के साथ भारत की रक्षा जरूरतों में मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन रूस से एस -400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने का कदम इस सहयोग को सीमित कर देगी। ट्रंप प्रशासन का यह बयान विदेश मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी की उस टिप्‍पणी के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि इस मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम की खरीद से अमेरिका और भारत के संबंधों में गतिरोध पैदा होगा।बता दें कि चीन ने पिछले साल ही रूस से एस-400 (S-400 Missile Air Defence System) खरीद लिया था। इसके बाद भारत ने इस सिस्टम की खरीद के लिए रूस के साथ अक्टूबर 2018 में 40 हजार करोड़ रुपये का सौदा किया था। भारत को रूस से एस-400 ट्रिंफ एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति अक्टूबर 2020 से शुरू होगी और अप्रैल 2023 तक पूरी हो जाएगी।दुनिया का यह आधुनिकतम एयर डिफेंस सिस्टम आकाश में दुश्मन की ओर से आने वाले हर तरह के विमानों और मिसाइलों को रोककर उन्हें बर्बाद करने में सक्षम है। सिस्टम के उच्च क्षमता वाले रडार 400 किलोमीटर की दूरी से ही खतरे को भांप लेते हैं और इसके बाद मिसाइल बैटरी सक्रिय होकर आ रहे विमान या मिसाइल को नष्ट कर देती है। इससे बैलिस्टिक मिसाइलों, विमानों, क्रूज और दुश्मन के जमीनी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। विदेश मंत्रालय की वरिष्‍ठ अधिकारी एलिस जी. वेल्‍स ने गुरुवार को कहा कि एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम की खरीद रक्षा क्षेत्र में अमेरिका की ओर से भारत को दी जाने वाली मदद को सीमित कर सकती है। उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन ने भारत द्वारा रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम (S-400 Missile Air Defence System) खरीदने के फैसले पर ट्रंप प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि ऐसा करने से रक्षा संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

मनामा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बहरीन के नया तरीका निकाला है। वहां सरकार अगस्त में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्र के अंदर थीम पार्क खोलने जा रही है। एक लाख वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैले इस थीम पार्क में 70 मीटर लंबे बोइंग 747 विमान को स्थापित किया जाएगा। समुद्र में डूबाने से पहले विमान को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य देश के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण मानकों को शामिल करके स्थानीय समुद्री पर्यावरण को संरक्षित करना है।बोइंग 747 के साथ डाइविंग साइट पर बहरीनी मोतियों का व्यापार भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पार्क में मूंगे की कृत्रिम चट्टानें और कला प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। जो पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से निर्मित होंगी।

 

नई दिल्ली। मार्क्सवाद में विश्वास रखने वाले चे ग्‍वेरा का जन्म अर्जेंटीना के रोसारियो में 14 जून 1928 को हुआ था। मिडिल क्लास परिवार में जन्मे गुवारा ने मेडिसिन की पढ़ाई करने से पहले दक्षिण अमेरिका के कई देशों में भ्रमण किया और वहां के हालातों को बेहद बारीकी से देखा। चे ग्‍वेरा खुद अस्थमा से पीड़ित थे, लेकिन अपनी इच्छा शक्ति और दृढ निश्चय के दम पर उन्होंने अपनी…
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश की खराब आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा कि जिन लोगों ने देश को बुरी तरह से कर्ज में डूबा दिया है, वह उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह एक आयोग का गठन करेंगे जिसमें उच्चाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। क्योंकि उन सभी ने कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की गिरफ्तारी का बचाव…
नई दिल्ली।मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान का एक सेक्युलर राजनीतिक दल है। अल्ताफ हुसैन ने 1948 में 'आल पाकिस्तान मुजाहिर स्टुडेन्ट्स ऑर्गनाइजेशन' (APMSO) बनाया जिससे 1984 में मुज़ाहिर कौमी मूवमेन्ट का जन्म हुआ। मुहाजिरों के लिए खड़ा किया मूवमेंट:-1984 से एक्टिव मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के चीफ अल्ताफ हुसैन का मकसद उर्दू भाषी मुहाजिरों का नेतृत्व और अधिकार की लड़ाई करना था। मुहाजिर वो रिफ्यूजी हैं, जो आजादी के बाद भारत…
लाहौर। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में किर्गिस्तान जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को पाकिस्तान अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की सैद्धांतिक अनुमति देने को राजी हो गया है। बैठक का आयोजन 13-14 जून को होना है और इसमें पाक प्रधानमंत्री इमरान खान भी मौजूद रहेंगे।बालाकोट में 26 फरवरी को जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी शिविरों पर भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भारत…
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