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वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमता(एआइ)) प्रणाली विकसित करने में सफलता हासिल की है, जिसके जरिये ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर मशीन द्वारा लिखे गए फेक रिव्यू (फर्जी समीक्षा) को पकड़ा जा सकेगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि ट्रिपएडवाइजर, येल्प और अमेजन जैसी वेबसाइट्स का प्रयोग करते समय 10 में से नौ लोग इन रिव्यू को पढ़ते हैं। हालांकि ये सभी सही नहीं होते हैं। इन साइट्स पर इंसानों द्वारा फेक रिव्यू लिखा जाना एक सामान्य बात है, लेकिन अब तेजी से मशीनों द्वारा भी यह काम कराया जा रहा है।अमेरिका स्थित आल्टो यूनिवर्सिटी में डॉक्टरेट के छात्र मिका जुउति कहते हैं, आजकल एल्गोरिद्मस पर आधारित फेक रिव्यू तैयार करना आसान और सटीक हो गया है। ज्यादातर मामलों में सही और फेक रिव्यू में अंतर करना मुश्किल होता है। मिका के मुताबिक, कई कंपनियां अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए इनके जरिये अपने ब्रांड की अच्छी इमेज बनाती हैं, वहीं कुछ इनकी मदद से अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की साइट्स पर बुरे रिव्यू लिखवाती हैं। बकौल मिका, पूरा खेल पैसों का है। यात्रा स्थलों, होटल, सेवा प्रदाताओं और उपभोक्ता उत्पादों के लिए ऑनलाइन रिव्यू आज एक बड़ा बिजनेस बन गया है।
ये तकनीक की तैयार:-रिव्यू तैयार करने वालों को निशाने पर लाने में मदद करने के लिए मिका और उनकी टीम ने एक तकनीक का प्रयोग किया। इसे न्यूरल मशीन ट्रांसलेशन नाम दिया। इसके जरिये शोधकर्ताओं ने मॉडल को विषय की समझ दी। इसमें रिव्यू रेटिंग, रेस्तरां का नाम, शहर, राज्य और फूड टैग्स का प्रयोग कर विश्वसनीय परिणाम सामने आए। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके जरिये असली और फर्जी रिव्यू को अलग-अलग किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने बताया था तरीका:-वर्ष 2017 में अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के शोधकर्ताओं ने एक मशीन को प्रशिक्षित करने वाले मॉडल के बारे में दिखाया था। इसमें एक डीप न्यूरल नेटवर्क के लिए येल्प पर मौजूद 30 लाख रेस्तरां की रेटिंग के डाटा का प्रयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने दिखाया कि कैसे मशीन को प्रशिक्षण देने के बाद अक्षर-दर-अक्षर फेक रिव्यू लिखवाया जा सकता है। हालांकि इसमें कुछ त्रुटियां थीं, जिसे पढ़ने वाले आसानी से पकड़ सकते थे। जैसे कि यह मशीन जब लास वेगास स्थित किसी जापानी रेस्तरां का रिव्यू लिखती तो उसके लिए बाल्टीमोर के इतालवी रेस्तरां का हवाला लेती। इन्हें आसानी से पकड़ा जा सकता था। इसी से शोधकर्ताओं को इससे निपटने का रास्ता सूझा।

 

 

 

कुआलालंपुर। मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को सरकारी निवेश कोष में हुए करोड़ों डॉलर के घोटाले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें गिरफ्तार करने वाली भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने कहा कि नजीब को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।सरकारी कंपनी 1एमडीबी में हुए बड़े घोटाले में उनके खिलाफ कोर्ट में पहले ही कई आरोप तय हो चुके हैं। नजीब ने सत्ता में रहते साल 2009 में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस सरकारी कंपनी की स्थापना की थी। लेकिन यह कंपनी अरबों डॉलर के कर्ज में चली गई। नतीजन अमेरिका समेत कई देशों ने इसकी जांच शुरू की।नजीब पर भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग समेत 1एमडीबी की पूर्व इकाई एसआरसी इंटरनेशनल से 1.03 करोड़ डॉलर (करीब 74.6 करोड़ रुपये) अपने खाते में भेजने के आरोप भी लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय जांच अधिकारियों का कहना है कि नजीब के सहयोगियों ने भी करोड़ों डॉलर की लूट की।
दो हजार करोड़ का कीमती सामान किया गया था जब्त:-इस साल मई में हुए चुनाव में 92 साल के महातिर मुहम्मद के हाथों सत्ता गंवाने के बाद नजीब के देश से बाहर जाने पर रोक लगी हुई है। नई सरकार आने के बाद पुलिस ने उनके घर व अन्य ठिकानों पर छापे मारकर 27 करोड़ डॉलर (करीब दो हजार करोड़ रुपये) मूल्य के आभूषण और अन्य लक्जरी सामान जब्त किया था।

इस्‍लामाबाद। पंजाब के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के अरमानों को झटका देते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि सिद्धू के साथ करतारपुर रूट को खोले जाने को लेकर कोई आधिकारिक बात नहीं हुई थी। सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने के बाद से सुर्खियों में हैं। सिद्धू ने कहा था कि इमरान खान ने ऐसा करके करोड़ों सिखों के दिल को जीत लिया है।
अब तक कोई आधिकारिक चर्चा नहीं:-पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि इस बारे में भारत के साथ अब तक कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। पाक की ओर से आया यह बयान सिद्धू के दावे से ठीक उलट है। ज्ञात हो कि सिद्धू ने शपथ ग्रहण के बाद भारत आने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर बॉर्डर खोलने का फैसला किया है। इस बारे में भारत को अपनी मंशा भी बताई है।
सिद्धू ने की थी इमरान खान की तारीफ:-सिद्धू ने कहा था कि उनकी पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ करतारपुर बॉर्डर को लेकर बात हुई थी। साथ ही सिद्धू ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की तारीफ की थी और कहा था कि वह दोनों देशों के संबंध सुधारने और शांति लाने की कोशिश कर रहे हैं।इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह में सिद्धू के पाक सेना प्रमुख बाजवा के साथ गले मिलने पर विवाद हुआ था। इस पर भी सिद्धू को सफाई देनी पड़ी थी। इसके बाद से ही भाजपा और अकाली दल सिद्धू को अपने निशाने पर लिए हुए हैं। भारत-पाक सीमा से तीन किमी दूर स्थित करतारपुर साहिब के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की अक्सर मांग उठती है। ऐसा होने पर सिख तीर्थयात्री एक ही दिन में दोनों जगहों पर जा सकेंगे।

यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन कर सीरिया में रूसी विमान को मार गिराए जाने की घटना पर खेद जताया। यह घटना सोमवार रात को उस दौरान हुई जब इजरायल के चार एफ-16 लड़ाकू विमान सीरिया के तटीय प्रांत लटाकिया में अपने लक्ष्यों पर हमला कर रहे थे। इसी दौरान सीरिया की सेना ने गफलत में रूस के आइएल-20 नामक टोही विमान को मिसाइल से मार गिराया।सीरिया के सहयोगी रूस ने इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था। उसका कहना था कि इजरायल की वजह से उसका विमान सीरियाई मिसाइल का निशाना बन गया। इजरायली पीएमओ ने बुधवार को एक बयान में कहा, प्रधानमंत्री ने 15 रूसी सैनिकों की मौत पर खेद जताते हुए कहा कि इसके लिए सीरिया जिम्मेदार है।प्रधानमंत्री ने पिछले तीन साल से सीरिया में इजरायल और रूस के सैन्य अभियानों के बीच समन्वय के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने पुतिन से कहा कि इजरायल, सीरिया में ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई के लिए दृढ़ है। ईरान ने इजरायल को तबाह करने की अपील की है। इसके लिए वह हिजबुल्ला को घातक हथियार मुहैया कराता है।'

नई दिल्‍ली। भारत के पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान ने अपनी आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए एक नायाब तरीका खोजा है। पाकिस्‍तान सरकार ने धन एकत्र करने के लिए प्रधानमंत्री आवास की लग्ज़री कारें और हेलिकॉप्टर्स की बोली लगाई। ऐसे में एक जिज्ञासा यह पैदा होती है आखिर इन वीवीआइपी कारों काे किसने खरीदा अौर कितने में खरीदा। क्‍या सच में इससे पाकिस्‍तान की आर्थिक तंगी को कुछ राहत मिली। इसके साथ यह भी जानेंगे कि पाकिस्‍तान सरकार इस समस्‍या से उबरने के लिए अगला क्‍या कदम उठाएगी।पाकिस्‍तान सरकार को उम्‍मीद थी कि इस नीलामी से सरकारी कोष में एक करोड़ 60 लाख डॉलर तक आ जाएगा, लेकिन उसे मायूस होना पड़ा। इस निलामी से सरकार को महज 60 हजार डॉलर ही हासिल हो सके। हालांकि, प्रधानमंत्री आवास पर 100 से अधिक कारें नीलामी के लिए आईं थीं। इनमें करीब पचास लग्‍जरी कारें थीं। खासबात यह है केवल 60 कारों की ही बोली लगी।
हेलीकॉप्टर और आठ भैंसों पर टिकी नजर:-पाकिस्‍तान सरकार देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने और कर्ज से उबरने के लिए कुछ और चीजों की भी नीलामी करेगी। इसमें सरकार के चार हेलीकॉप्टर भी शामिल है। ये हेलीकॉप्टर मंत्रीमंडल के इस्तेमाल के लिए हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास पर आठ भैसों के प्रति लोगों की दिलचस्‍पी दिखी। उम्‍मीद है कि चार हेलीकॉप्टर के साथ इन भैसों की भी बोली लगाई जा सकती है। इसके अलावा पाकिस्तान की सरकारी स्वामित्व वाली इमारतों को विश्वविद्यालयो में बदलने और सरकारी कार्यालयों में एयर कंडिशनिंग में कटौती करने की योजना है।
महंगी कारें नजरों में तो बसी पर बिकी नहीं
1- इस नीलामी में सबकी नजर मर्सडीज बेंज एस-600 कारों पर थी। ये काफी महंगी कारें थीं। पाकिस्‍तान सरकार ने इन दोनों कारों को वर्ष 2016 में खरीदा था। उस वक्‍त पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ थे। दोनों कारें शरीफ के काफीले का हिस्‍सा थीं। इन कारों के लिए अलग-अलग 13 लाख डॉलर बोली रखी गई। अधिक दाम के कारण ये कारें नहीं बिक सकी। हालांक‍ि, पाकिस्‍तान सरकार को उम्‍मीद थी कि इन कारों से उससे अच्‍छी रकम हासिल हो जाएगी।
2- सात बीएमडब्ल्यू और 1993 की 14 मर्सडीज बेंज़ एस-300 कारें भी नीलामी में आकर्षण का केंद्र रही, लेकिन महंगी होने के कारण इनका सौदा भी नहीं हो सका। पाकिस्‍तान सरकार को यहां भी मायूस होना पड़ा।
3- इसके अलावा नीलामी के लिए आई बुलेट प्रूफ लैंड क्रूज़र पर भी सबकी नजरें टिकी थी। प्रधानमंत्री के वाहन काफीले में शामिल ये कार भी काफी महंगी थी। पाकिस्‍तान में इसकी कीमत 2.6 करोड़ रुपये है।
सस्‍ती कारों पर लगा दांव;-नीलामी के लिए आई महंगी काराें के बजाए लोगों ने सस्‍ती कारों पर ही दांव लगाया। इसमें अधिकतर कारें प्रधानमंत्री के काफीले का हिस्‍सा कभी नहीं रहीं । ये कारें काफी पुरानी भी हो चुकी हैं। इनमें कुछ कारें 80 के दशक की भी थीं।
सुर्खियों में रही ये कारें:-नीलामी में रखी 2005 मॉडल सुज़ुकी हैचबैक की बोली लगी। इसे एक व्‍यक्ति ने 2.95 लाख रुपये में खरीदा। इसी तरह फार्मास्यूटिकल कंपनी के मालिक के लिए एक 2005 आर्म्ड मर्सीडीज़ जीप की भी ख़रीदारी हुई। एक खरीदार ने 2009 में बनी एक कार 12 लाख डॉलर में कार खरीदी।

जिनेवा। जिनेवा में बलूच कार्यकर्ता मामा कदीर ने कहा कि सीपीइसी (चीन-पाकिस्‍तान आर्थिक गलियारे) का विरोध करने पर बलूचिस्‍तान के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि वह पाकिस्‍तान से बलूचिस्‍तान को अलग करने की मांग कर रहे हैं, क्‍योंकि पाकिस्‍तान संसाधनों के लिए बलूचिस्‍तान पर निर्भर है।यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर में लेक्चरर डॉ पॉल स्टॉट ने जिनेवा में कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी के लिए पनाहगाह रहा है। यहां आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने या कुछ हद तक समर्थन भी मिलता है। काफी लंबे समय से ऐसा ही देखने को मिल रहा है। मुझे लगता है कि इमरान खान के नए प्रशासन में भी किसी बदलाव के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।मामा कादरी ने कहा कि पाकिस्‍तान बलूचिस्‍तान के संसाधनों का गलत इस्‍तेमाल कर रहे हैं। साथ ही संसाधनों को चीन के साथ साझा कर रहा है, जो बिल्‍कुल नहीं होना चाहिए। हमारी संयुक्‍त राष्‍ट्र से मांग है कि बलूचिस्‍तान के लोगों पर हो रहे अत्‍याचार को रोकने के लिए पाकिस्‍तान पर दबाव बनाया जाए। वहां लोग बड़ी मुश्किल में अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।कुछ समय पहले भी बलूचिस्‍तान को लेकर पाकिस्‍तान पर एक बलूच नेता ने गंभीर आरोप लगाए थे। बलूचिस्‍तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के सीनियर कमांडर असलम बलोच ने चीन और पाकिस्‍तान दोनों पर बलूचिस्तान पर अत्‍याचार करने व यहां के प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का आरोप लगाया था। एएनआई को भेजे गए एक एक्‍सक्‍लूसिव वीडियो इंटरव्‍यू में असलम ने बीजिंग व इस्‍लामाबाद पर बलूच की पहचान खत्‍म करने का आरोप लगाया था।

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में जज पद के लिए ब्रेट कावानॉघ को नामित किया है। लेकिन रविवार को ब्रेट उस समय मुश्किल में पड़ गए जब महिला प्रोफेसर क्रिस्टीन ब्लेसी फोर्ड ने उन पर यौन दु‌र्व्यवहार का आरोप लगाया। क्रिस्टीन के आरोप के बाद विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों ने इस हफ्ते के आखिर में जज की नियुक्ति को लेकर होने वाली वोटिंग टालने की मांग की…
यांगून। एकदम फिल्मी अंदाज में कैदियों ने डिलीवरी ट्रक को पहले हाईजैक किया और फिर जेल तोड़कर फरार हो गए। यह घटना म्यांमार की है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को म्यांमार के कयिन प्रांत में 30 से ज्यादा कैदी जेल तोड़कर भाग निकले। पुलिस जेल से फरार इन कैदियों की तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि फरार कैदी थाईलैंड की ओर जा रहे हैं।पहले ट्रक पर कब्जा,…
वाशिंगटन। 2016 में अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनावों के दौरान रूस के कथित हस्तक्षेप की भूमिका पर जांच जारी है। इस बीच भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप पर आरोप लगाए हैं। प्रमिला ने कहा कि अमेरिकी लोग ये महसूस कर रहे हैं कि अब वो ट्रंप पर भरोसा नहीं करते।राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित भूमिका पर एफबीआई की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं,…
मनीला। फिलीपींस में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान मांगखुत चीन के दक्षिणी प्रांत गुआंगदोंग और हांगकांग पहुंच गया है। इसने फिलीपींस के लुजोन द्वीप में भारी तबाही मचाई है। मूसलधार बारिश, आंधी और भूस्खलन की वजह से देश में 49 लोगों की जान चली गई। क्षेत्र में फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीन में अब तक 24.5 लाख लोगों को इलाके से…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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