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काबुल। अफगान स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने सोमवार को पांच वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों के लिए पोलियो टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इसके तहत देश के 324 जिले में 8.5 मिलियन बच्‍चों का टीकाकरण होना है।
पोलियो का प्रकोप:-स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के हवाले से शिन्‍हुआ न्‍यूज एजेंसी ने बताया, 'इस साल के शुरुआत में एक कैंपेन शुरू हुई थी। पांच दिनों के इस कैंपेन में काफी कम बच्‍चे पहुंचे थे।' देश के कई हिस्‍सों में पोलियो वायरस का प्रकोप है इसलिए यह काफी महत्‍वपूर्ण है कि जिन्‍होंने पिछला मौका गंवा दिया उन्‍हें इस बार टीकाकरण का पूरा मौका मिले।'
पैरेंट्स से स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का आग्रह:-मंत्रालय ने तमाम पैरेंट्स को संबोधित कर कहा, 'पोलियो से अपने बच्‍चे को बचाएं और इसके लिए पहले उन्‍हें जागरुक होना होगा। जब पोलियो की ड्रॉप पिलाने को कार्यकर्ता पहुंचे तब अभिभावकों द्वारा इंकार कर दिया गया।'
पोलियो की दवा को लेकर फैली थी अफवाह;-दुनिया में पाकिस्‍तान, अफगानिस्‍तान और नाइजीरिया ऐसे देश हैं जहां पोलियो अब तक चुनौती बना हुआ है। बता दें कि गलत अफवाहों के कारण लोग अपने बच्‍चों को पोलियो की खुराक देने से बच रहे हैं। दरअसल ऐसी अफवाहें थीं कि पोलियो की दवाओं के कारण बच्‍चों की मौत हो रही है।
15 और 21 माह के बच्‍चे भी पोलियो के चंगुल में:-पोलियो ग्रस्‍त देशों की लिस्‍ट से भारत समेत दुनिया के कई देश निकल चुके हैं। लेकिन पड़ोसी देशों के कारण यह खतरा कभी भी दोबारा आ सकता है। इसलिए अब अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान की बारी है। कुछ दिनों पहले ही बलूचिस्तान में 15 माह के बच्चे के पोलियो ग्रस्त होने का मामला सामने आया था। खैबर पख्तूनख्वाह में भी एक 21 माह का बच्चा पोलियो वायरस से संक्रमित पाया गया।

बैंकॉक। बीते दिनों मुंबई हमलों के मास्टमाइंड और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा को बैकॉक की अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक घोषित कर दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले के बाद थाईलैंड ने मुन्ना झिंगड़ा को पाकिस्‍तान के हवाले कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने कहा है कि थाईलैंड के इस कदम से नई दिल्ली और बैंकॉक के रिश्तों में खटास आ सकती है।थाईलैंड के अखबार 'द नेशन थाईलैंड' ने भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि थाईलैंड के इस फैसले से भारत को हैरानी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुन्ना झिंगड़ा को लेकर भारत थाईलैंड के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा कर सकता है। बता दें कि मुन्ना झिंगड़ा को नवंबर 2016 में भारत लाने की कोशिशें तेज हो गई थीं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंकॉक गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड ने बीते नौ अक्‍टूबर को मुन्ना झिंगड़ा को पाकिस्तान के हवाले किया था।बता दें कि थाईलैंड की अदालत ने माफिया डॉन छोटा राजन पर हमला करने के मामले में झिंगड़ा को 35 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में अदालत ने इस सजा को कम करके 16 साल कर दिया था। साल 2016 में मुन्ना झिंगड़ा को सजा काटने के बाद रिहा कर दिया था। चूंकि, भारत ने उसकी रिहाई से पहले साल 2012 में थाईलैंड से उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी इसलिए झिंगड़ा एकबार फ‍िर कानूनी लड़ाई में घिर गया।झिंगड़ा के प्रत्यर्पण के लिए भारत बीते दो साल से थाईलैंड के संपर्क में था। भारत की ओर से कहा गया था कि झिंगड़ा भारतीय नागरिक है और उसको सईद मुजक्किर मुदस्सर हुसैन के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, थाईलैंड की अदालत का फैसला झिंगड़ा के खिलाफ आया, जिसके बाद उसे पाकिस्‍तान को सौंप दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि थाईलैंड के इस कदम से उसके भारत के साथ संबंधों में खटास आ सकती है।

रास-अल-आइन। सोमवार को सीरियाई राष्‍ट्रीय सेना ने तुर्की सीमा रेखा की ओर कूच किया। सीरिया हुकूमत ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने रविवार को तुर्की को एक बार फ‍िर से सख्‍त चेतावनी जारी किया है। सीरियाई राज्‍य टेलीविजन और वहां के नागरिकों ने इन सैनिकों का स्‍वागत किया और उनके फुटेज प्रसारित किए हैं। सैनिकों ने तुर्की सीमा पर सीरियाई झंडे लहराए। सीरियाई सैनिक तुर्की केसीमावर्ती शहर से महज कुछ किलामीटर दूर थे।
तुर्की के हमले में अब अब तक 150 लोगों की मौत:-बता दें कि तुर्की के हमले में अब अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 50 नागरिक और 109 से अधिक कुर्द लड़ाके शामिल हैं। तुर्की के सैन्य ऑपरेशन की वजह से 1 लाख 30 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द स्थिति न सुधरी तो चार लाख लोगों के पलायन की नौबत आ सकती है। नौ अक्‍टूबर को तुर्की ने कुर्द बलों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों पर सैन्‍य कार्रवाई की। इस सैन्‍य हमले को तुर्की ने आतंकवादियों के खिलाफ हमला करार दिया और इसे जायज ठहराया। इस बाबत सीरियन फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि इस कार्रवाई के कारण करीब 60 हजार से अधिक लोग विस्‍थापित हुए हैं।यह सभी लोग पूर्वी हसाकेह शहर की ओर बढ़ रहे हैं। सीरिया ने यह कद ऐसे समय उठाया है जब अमेरिका अंकारा से अपनी सेना को वापस बुला लिया है। तुर्की ने सीरियाई कुर्दों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। ऐसे में सीरिया की यह कार्रवाई तुर्की सैन्‍य कार्रवाई के खिलाफ अंकारा को हरी झंडी प्रदान करता है। चार लाख
फ्रांस-जर्मन और कई यूरापीय देशों ने लगाया प्रतिबंध:-सीरिया में कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की के हमले को लेकर फ्रांस के बाद जर्मन ने भी हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। कई यूरोपीय देशों में तुर्की के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तुर्की इन लड़ाकों को आतंकवादियों की तरह देखता है। फ्रांस का तर्क है कि तुर्की के खिलाफ प्रतिबंध इसलिए लगाया गया क्‍योंकि वह इन हथियारों का इस्‍तेमाल सीरिया के खिलाफ कर सकता है। फ्रांस के इस बयान के बाद जर्मनी का भी बयान सामने आया है कि उसने भी तुर्की पर प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि जर्मनी तुर्की का मुख्‍य हथियार आपूर्तिकर्ता है। इसके अलावा फ‍िनलैंड, नार्वे, नीदरलैंड ने पहले ही तुर्की पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से बड़ी चूक होने की खबर सामने आई है। पीएमओ ने गलती से सत्तारूढ़ गठबंधन लिबरल-नेशनल पार्टी के सांसदों की जगह पत्रकारों को गोपनीय दस्तावेज भेज दिए। सांसदों को ये दस्तावेज सोमवार से शुरू होने वाले संसद सत्र की तैयारी करने के लिए भेजे जाने थे।शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईमेल के जरिये भेजे गए इन गोपनीय दस्तावेजों में ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगने वालों की बढ़ती संख्या, टैक्स, सीरिया में चल रहे संघर्ष, जलवायु परिवर्तन पर हुए पेरिस समझौते और विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन अंसाजे जैसे तमाम मसलों पर बात की गई थी।इनमें सत्तारूढ़ सांसदों को यह भी बताया गया था कि उन्हें इन मसलों पर पत्रकारों और विपक्ष के सवालों का जवाब किस सियासी रणनीति के साथ देना है। 8,200 शब्दों के इस दस्तावेज में बताया गया था कि अगर जलवायु परिवर्तन की रिपोर्ट के बारे में कोई सवाल पूछा जाए तो सांसद उसका जवाब टाल जाएं या यह कह दें, 'हम कार्बन टैक्स लगाए बगैर लक्ष्य हासिल कर लेंगे।' ऑस्ट्रेलिया में जब विपक्षी लेबर पार्टी सत्ता में थी तो उसने कार्बन टैक्स लगाने का प्रस्ताव पेश किया था।गोपनीय दस्तावेज को लेकर हुई इतनी बड़ी चूक पर प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन की ओर से कोई बयान नहीं आया है। जबकि अटॉर्नी जनरल ने इस चूक को महत्व नहीं देते हुए कहा, 'आधुनिक राजनीति की दुनिया में इस तरह की चीजें होती रहती हैं।'
जनवरी में भारत आएंगे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री:-ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन पीएम मोदी के निमंत्रण पर जनवरी 2020 में भारत के दौरे पर आ रहे हैं। वह नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2020 में उद्घाटन भाषण देंगे। मॉरिसन ने कहा था कि मुझे जनवरी (2020) में भारत आने के लिए अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण स्वीकार करते हुए बहुत सम्मानित महसूस हो रहा है।जियो-पॉलिटिक्स और जियो-इकोनॉमिक्स पर भारत का वार्षिक प्रमुख मंच रायसीना डायलॉग अगले साल 14 से 16 जनवरी तक आयोजित किया जाना है। सम्मेलन को विदेश मंत्रालय के सहयोग से ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा आयोजित किया गया है।

टोक्यो। जापान में छह दशक के सबसे भीषण तूफान हेगिबिस ने जमकर कहर ढाया है। तूफानी बारिश से कई नदियों में बाढ़ आ गई है। 225 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और बाढ़ की चपेट में आकर 43 लोगों की जान चली गई। डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग लापता हैं। बाढ़ के कारण अपने घरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए सरकार ने सेना के हजारों जवानों को हेलीकॉप्टरों और नौकाओं के साथ बचाव कार्यो में लगाया है। देश में करीब पांच घरों में बिजली गुल है। देश में कई नदियां खतरे की निशान से उपर बह रही हैं।
हाकोने में भारी बारिश:-तूफान की वजह से जापान के कई इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है। पर्यटकों के बीच मशहूर हाकोने शहर में तो बीते 24 घंटों में 37 इंच (करीब तीन फीट) बारिश हो चुकी है। सरकारी न्यूज एजेंसी एनएचके के अनुसार, 14 नदियों में बाढ़ आ गई है। नदियों के तटबंध टूटने से कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। हेगिबिस शनिवार को राजधानी टोक्यो के दक्षिण में स्थित तट से टकराया था। इसने मध्य, पूर्वी और उत्तरी जापान में जमकर तबाही मचाई है। इन इलाकों के करीब पांच लाख घरों की बिजली गुल हो गई है।
बुलेट ट्रेन और विमान सेना प्रभावित:-बुलेट ट्रेन और विमान सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। तूफान से देश में आयोजित हो रहे रग्बी विश्व कप पर भी असर पड़ा है। कामेशी में रविवार को नामीबिया और कनाडा के बीच होने वाला मुकाबला रद करना पड़ा। इससे पहले शनिवार को भी दो मुकाबले रद कर दिए गए थे।
अक्सर आते रहते हैं भूकंप और चक्रवात:-जापान भूकंप और चक्रवात के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। देश में हर साल करीब 20 तूफान आते हैं। एक महीने पहले आए फेक्साई तूफान ने टोक्यो के आसपास खासकर चिबा में भारी तबाही मचाई थी। हेगिबिस की तुलना 1958 में आए अब तक के सबसे भीषण चक्रवात से की जा रही है। उस तूफान की चपेट में आकर 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

 

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी समेत कई बड़ी हस्तियों की हत्या करने वाला एशिया का सबसे खतरनाक उग्रवादी संगठन LTTE (Liberation Tigers of Tamil Eelam, लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम या तमिल टाइगर्स या लिट्टे) फिर से सिर उठाने के प्रयास में है। श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में सुरक्षा बलों ने लिट्टे के एक पूर्व कैडर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से घातक हथियार और काफी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए हैं। इसके बाद से श्रीलंका समेत भारत में भी उग्रवादी संगठन लिट्टे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार श्रीलंकाई पुलिस प्रवक्ता ने लिट्टे के पूर्व कैडेर के गिरफ्तार होने की जानकारी दी है। पुलिस प्रवक्ता एसपी रुवन गुनासेकरा ने एजेंसी को दी जानकारी में बताया कि सेना के अधिकारियों ने शुक्रवार को लिट्टे के संदिग्ध उग्रवादी जोसेफ पीटर रॉबिन्स को गिरफ्तार किया है। उसे श्रीलंका के केलिवेदी ब्रिज के पास सेरूवारा सैन्य शिविर के एक अधिकारी द्वारा प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से प्रकाशित होने वाले अखबार, डेली फाइनेंशियल टाइम्स में संदिग्ध जोसेफ पीटर रॉबिन्सन की गिरफ्तारी की खबर प्रकाशित हुई थी।न्यूज एजेंसी को मिली जानकारी के अनुसार संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद सेना ने उससे पूछताछ के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान श्रीलंकाई सुरक्षा बलों व पुलिस को संदिग्ध के पास से काफी संख्या में घातक हथियार और विस्फोटकों का जखीरा बरामद हुआ है। ये बरामदगी संदिग्ध रॉबिन्स के किलिनोच्ची (Kilinochchi) स्थिति आवास से हुई है।
संदिग्ध के पास से ये हुई बरामदगी:-संदिग्ध रॉबिन्स के घर से बरामद हथियारों व विस्फोटकों में तीन SFG 87 हैंड ग्रेनेट, दो आर्गेस हैंड ग्रेनेड, कई तरह के खतरनाक , लंबी दूरी की सेमी ऑटोमैटिक राइफल, पिस्टल, जिंदा कारतूस, काफी मात्रा में डेटोनेटर, दूरबीन, लैपटॉप, जीपीएस, चाकू, एक पत्रिका, दो डेटोनेटर डोर, एक कैमरा, लैपटॉप, इंटरनेट डोंगल, एंटीना, मोबाइल फोन, लिट्टे के पूर्व नेता वी प्रभाकरन की तस्वीर और एक काले रंग का नकाब बरामद किया है। बरामद हथियार व विस्फोटकों को देखने से प्रतीत हो रहा है कि संदिग्ध किसी बड़ी वारदात की फिराक में था।
संदिग्ध की पत्नी और बहन भी गिरफ्तार;-सुरक्षा बलों ने संदिग्ध जोसेफ पीटर रॉबिन्स के साथ दो लड़कियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें से एक की आयु 23 वर्ष है, जो खुद को संदिग्ध की पत्नी बता रही है। दूसरी युवती की आयु 28 वर्ष है, वह खुद को संदिग्ध की बहन बता रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां दोनों लड़कियों के बारे में भी छानबीन कर रही हैं। साथ ही ये भी पता लगाने का प्रयास कर रही है संदिग्ध इतनी ज्यादा मात्रा में हथियार और गोला-बारूद कहां से लाया है। इनका इस्तेमाल कब और कहां होना था। हथियार और विस्फोटकों के बरामद जखीरे को देखकर ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि लिट्टे एक बार फिर से श्रीलंका में सिर उठाने की फिराक में है।
क्या है लिट्टे:-लिट्टे मतलब लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम, एक अलगाववादी संगठन है। मई 1976 में स्थापित लिट्टे का गढ़ उत्तरी श्रीलंका माना जाता था। इस संगठन की मांग श्रीलंका में एक अलग तमिल राज्य की स्थापना करना रहा है। श्रीलंका में चला ये नागरिक युद्ध, एशिया में सबसे लंबे समय तक चलने वाला सशस्त्र संघर्ष था। मई 2009 में श्रीलंकाई सेना ने लिट्टे के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर इसका सफाया कर दिया। इस संगठन ने राजीव गांधी समेत भारत व श्रीलंका में कई हस्तियों की निर्मम तरीके से हत्या की। आत्मघाती बेल्ट और बम का इस्तेमाल करने वाला ये पहला उग्रवादी संगठन रहा है। वेलुपिल्लै प्रभाकरण उर्फ वी. प्रभाकरण इसका संस्थापक था। बताया जाता है कि उसकी मौत के बाद अब भी लिट्टे से जुड़े लोग, चोरी-छिपे बिना किसी नेता के अपने अभियान में जुटे हुए हैं।
भारत में 27 साल से प्रतिबंधित है LTTE;-लिट्टे यानि LTTE, श्रीलंका के लिए जितना बड़ा खतरा है, उतना ही भारत के लिए भी। यही वजह है कि भारत में इस संस्था पर 27 साल से प्रतिबंध चला आ रहा है। वर्ष 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद भारत सरकार ने पहली बार 14 मई 1992 को लिट्टे को प्रतिबंधित किया था। हर बार सरकार द्वारा लिट्टे पर प्रतिबंध बढ़ा दिया जाता है। मई 2019 में भी भारत सरकार ने लिट्टे पर लगाए गए प्रतिबंध को पांच साल के लिए बढ़ाने की अधिसूचना जारी की थी। सरकार ये कदम इसलिए उठा रही है क्योंकि लिट्टे अब भी श्रीलंका समेत भारत में देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त है। लिट्टे की वजह से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को भी बड़ी खतरा हमेशा रहता है। इससे पहले यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका भी इस संगठन को अपने यहां प्रतिबंधित कर चुका है।

 

 

वॉशिंगटन। लॉस एंजिल्स काउंटी के सैन फर्नांडो घाटी के लगी आग एक बड़े पैमाने पर फैल रही है। इससे संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, एक लाख से अधिक लोगों को यहां से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, कम से कम एक व्यक्ति की इस कारण मौत हो गई है और जंगल की आग से कई घायल हुए हैं। बता दें कि…
दुबई। ईरान सरकार के प्रवक्‍ता ने शनिवार को तेल टैंकर पर हमले की निंदा की और कहा कि तथ्‍यों को जानने के बाद इरान अपनी प्रतिक्रिया देगा। उन्‍होंने कहा कि टैंकर पर मिसाइल से निशाना बनाना निंदनीय है। इस हमले को आतंकी हमला करार देते हुए इसका आरोप ईरान ने सऊदी अरब पर लगाया है।प्रवक्‍ता अली राबेइ ने कहा, 'ईरान जल्‍दबाजी नहीं करना चाहता और मामले को सावधानीपूर्वक देख रहा…
न्‍यूयार्क।न्‍यूयार्क में शनिवार को गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
नई दिल्ली। पाकिस्तान आतंकवादियों की शरणस्थली और कर्मस्थली है। वो अपनी जमीन पर आतंकवादियों को आतंक की ट्रेनिंग देते हैं, उसके बाद वो आतंकी दुनिया में आतंक फैलाते है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद में मारे जाने के बाद इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि पाकिस्तान आतंकियों की सुरक्षित शरणस्थली है। इन दिनों पाकिस्तान के पीएम इमरान देश दुनिया के तमाम देशों में…
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